फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   animal species of disappeaing due to changing the climate

जलवायु परिवर्तन से मिट रहीं जीवों की प्रजातियां

Mon, 17 Feb 2020 01:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 17 Feb 2020 01:30 AM IST
विज्ञापन
animal species of disappeaing due to changing the climate
मेरठ। समाज विकास संस्थान द्वारा रविवार को जलवायु परिवर्तन का कृषि एवं मानव जीवन पर प्रभाव विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार एवं सम्मान समारोह का आयोजन इस्माईल नेशनल महिला पीजी कॉलेज में रविवार को हुआ। इसका शुभारंभ मुख्य अतिथि सुभारती विवि के कुलपति डॉ. एनके आहूजा ने किया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण लगातार वैश्विक तापमान बढ़ रहा है। जीवों की प्रजातियां नष्ट हो रही हैं। इससे 2030 तक कृषि उत्पादन 20 फीसदी तक घटने एवं भूमि बंजर होने का खतरा मौजूद है।
विज्ञापन

सेमिनार में विशिष्ट अतिथि सीसीएसयू की प्रोवीसी डॉ. वाई विमला ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के प्राकृतिक कारण महाद्वीपों का खिसकना एवं पृथ्वी का झुकाव हैं। 120 सालों में पृथ्वी का तापमान 0.85 सेंटीग्रेड बढ़ा है। विशिष्ट अतिथि डॉ. संदीप मित्तल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन मानव जीवन के विकास, रोग, अल्प आयु में परिपक्वता एवं प्रजनन क्षमता पर प्रभाव डाल रहा है। डॉ. दीपशिखा शर्मा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैज्ञानिकों के समक्ष मौसम के पूर्वानुमान की सटीक जानकारी समय पूर्व उपलब्ध कराना भी चुनौती है। डॉ. मोहनलाल ने फ सल पैदावार में कमी, वाष्पीकरण में वृद्धि, पानी के उपयोग की अधिक आवश्यकता, घास और कीटों के विकास चरणों के समय में बदलाव पर विचार रखे। डॉ. प्रबुद्ध गोयल ने जलवायु परिवर्तन का मानव पर प्रभाव के विषय में विस्तार से जानकारी दी। यहां संयोजक जेपी सागर ने उपस्थितजनों का आभार जताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. नीलिमा गुप्ता ने की। डॉ. संजय कुमार, योगेंद्र अग्रवाल, प्रिंस कुमार ने सहयोग दिया। संचालन डॉ. आकांक्षा शर्मा ने किया। यहां संस्थान के निदेशक डॉ. केके तोमर ने सभी को धन्यवाद दिया।
विज्ञापन

जलवायु परिवर्तन से गहरा रहा जल संकट
संस्थान के निदेशक डॉ. केके तोमर ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से जल संकट गहरा रहा है। इससे यदि वैश्विक तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होती है तो एक करोड़ लोगों के लिए खाद्यान्न का संकट पैदा हो जाएगा। प्राकृतिक आपदाएं ओलावृष्टि, सूखा, अतिवृष्टि, भूकंप के खतरे बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि हमारा संस्थान जल संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, कृषि में चुनौतियों का समाधान तथा कृषि में उत्पादन बढ़ाने आदि विषयों पर 15 जिलों में कार्य कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

74 लोगों का सम्मान
आयोजन में 15 जिलों से आए विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया। इनमें डॉ. संदीप मित्तल, डॉ. एसके गर्ग, डॉ. केके सक्सेना, डॉ. डीसी सक्सेना, डॉ. संगीता गुप्ता, डॉ. आरसी गुप्ता, धर्मेंद्र शर्मा, नरेंद्र कुमार, डॉ. उर्मिला भारद्वाज, निर्मल सिंह, डॉ. अलका गुप्ता, सरला चौधरी, डॉ. दीपशिखा शर्मा, डॉ. पीपी खोसला को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया गया। डॉ. सरोजिनी अग्रवाल, शाहीन परवेज, डॉ. शक्ति साहनी, डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. सुषमा श्रीवास्तव, डॉ. जगदीश कुमार, डॉ. जगवीर सिंह दलाल, डॉ. स्वर्णलता कदम समेत चिकित्सा, शिक्षा, समाजसेवा, पर्यावरण आदि क्षेत्रों में विभूतियों क ो सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed