मुआवजे को लेकर फिर फूटा गुस्सा, एक्सप्रेस-वे पर आज डेरा डालेंगे 26 गांवों के किसान, ये हैं प्रमुख मांगें
आज 26 गांवों के किसान एक्सप्रेसवे पर डालेंगे डेरा
- बुधवार को बैठक कर बनाई गई रणनीति
- पुलिस-प्रशासन के लिए रोकना होगा चुनौती
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एक समान मुआवजे की मांग करने को लेकर 26 गांवों के किसान आज एक्सप्रेसवे का कार्य रोकेंगे। बुधवार को किसानों ने धरने की रणनीति तैयार की। सुबह 10 बजे किसान सोलाना में बनाए गए टोल प्लाजा पर जुटेंगे।
इससे पहले भी किसानों ने गाजियाबाद से मेरठ तक पैदल मार्च किया था। उस समय आश्वासन देकर कमिश्नरी में किसानों का धरना समाप्त कराया गया था। लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकल सका। किसानों ने एक बार फिर आरपार की लड़ाई का मन बना लिया है।
सपा नेता पवन गुर्जर ने बुधवार को गांव सोलाना में किसानों के साथ वार्ता की। पवन गुर्जर ने कहा कि अधिकारियों ने हमारे साथ धोखा किया है। इस बार हम मुआवजे को लेकर ही पीछे हटेंगे।
गाजियाबाद इलाके के किसान भी पहुंचेंगे
धरने में शामिल होने के लिए गाजियाबाद के गांवों के किसान भी शामिल होंगे। इसके बाद टोल प्लाजा से मार्च शुरू हो सकता है। इसे लेकर एक्सप्रेसवे के अधिकारी भी चिंतित हैं।
कुछ दिन पहले ही दो महीनों के बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ है। अब फिर से किसानों के प्रदर्शन से निर्माण कार्य को रोकना पड़ेगा।
धारा-144 में कैसे जुटेंगे किसान
जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने जिले में 30 जून तक धारा 144 लागू कर दी है। इसमें एक स्थान पर चार से अधिक लोग एकत्र नहीं हो सकते। ऐसे में हजारों किसानों के एकत्र होनेे से पुलिस के सामने इन्हें रोक पाना चुनौती होगा।
यह हैं प्रमुख मांगें
- जिला मेरठ के काशी, सोलाना, अच्छरोंडा, भूड़बराल, परतापुर सहित अन्य गांवों की आर्बिटेशन की सुनवाई हो।
- सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार एक प्रोजेक्ट के लिए एक समान मुआवजा दिया जाए।
- डासना से मेरठ तक किसानों के आवागमन के लिए सर्विस रोड बनाई जाए।
- 19 गांवों में 8 अगस्त 2011 को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रथम अधिसूचना के आधार पर डीएम गाजियाबाद द्वारा 2013 में आर्बिट्रेशन अवार्ड घोषित किया गया। प्रभावित 19 गांवों के किसानों ने आपत्ति के साथ मुआवजा उठा लिया था। वहीं, प्रभावित किसानों ने सेशन कोर्ट गाजियाबाद में अपील की थी।