गजब हाल: कब्रिस्तान में ही बनवा दिए डूडा ने मकान, एडीएम ने तलब किया रिकॉर्ड, पढ़िए खास रिपोर्ट
बागपत में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया: हाल यह है कि डूडा ने कब्रिस्तान में ही मकान बनवा दिए। अब इस मामले में एडीएम ने रिकॉर्ड तलब किया है।
विस्तार
बागपत में नगर पालिका की अंधेरगर्दी का आलम यह है कि डूडा ने प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के मकान कब्रिस्तान भी बनवा दिए। इसका खुलासा दस रुपये के स्टांप पेपर पर शपथ पत्र लेकर प्लाट और मकान नगर पालिका के अभिलेखों में दर्ज कराए जाने की जांच में हुआ है। मामला सामने आने के बाद अपर जिलाधिकारी ने पिछले पांच साल में डूडा ने जिन मकानों को बनवाया है, उनका रिकॉर्ड तलब किया है।
दरअसल, अनुसूचित जाति के लोगों को आवंटित किए गए पट्टों की जमीन पर अवैध रूप से प्लाट काट दिए और दस रुपये के स्टांप पेपर शपथ पत्र लेकर नगर पालिका ने उन्हें अपने रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया। इसके बाद प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत डूडा (जिला नगरीय विकास अभिकरण) से मकान बनवा लिए गए। इसकी शिकायत होने पर प्रशासन ने जांच शुरू कराई तो पांच-छह ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जिनमें कब्रिस्तान की जमीन पर काटे गए अवैध प्लाट पर भी डूडा से पैसा लेकर मकान बनवा दिए, जबकि नियम के अनुसार प्लाट की रजिस्ट्री या पुश्तैनी मकान जर्जर होने पर ही योजना का लाभ मिल सकता है। न तो नगर पालिका ने रिकॉर्ड में दर्ज करते समय जांच की और न ही डूडा के अधिकारियों ने मकान के लिए पात्रता की जांच करते समय देखा। सरकारी पैसे की बंदरबांट की जांच में अब कई अधिकारियों की गर्दन फंस रही हैं।
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एक सभासद ने दस रुपये के स्टांप से फायदा उठाया
जांच में यह भी सामने आया है कि एक सभासद ने खुद भी दस रुपये के स्टांप के आधार पर प्लाट लेकर नगर पालिका में दर्ज करा लिया। उसके बाद उसने अपना मकान डूडा से लाभ लेकर बनवाया। अपने दो अन्य भाइयों के मकान भी डूडा से लाभ लेकर बनवा दिए। जांच के बाद उनसे रिकवरी जा सकती है।
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यहां कब्रिस्तान में प्लॉट काटकर डूडा से मकान बनवाए गए हैं। इसलिए अब पिछले पांच साल में बनवाए गए मकानों का रिकॉर्ड तलब किया गया है, जिससे उन सभी की जांच कराई जा सके। - प्रतिपाल चौहान, एडीएम