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बिजली उपभोक्ताओं की जेब से हर माह निकलेंगे अतिरिक्त 20 करोड़

Fri, 28 Aug 2020 01:54 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2020 01:54 AM IST
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an additional 200 million will come out of the pocket of electricity consumers every month
मेरठ। कोरोना संक्रमण काल में बिजली की दरों को न बढ़ाने का दावा करने वाले ऊर्जा मंत्रालय ने मौजूदा स्लैब में बदलाव का प्रस्ताव राज्य विद्युत नियामक आयोग को सौंप दिया है। इससे पीवीवीएनएल के शहरी घरेलू उपभोक्ताओं की जेब से हर महीने करीब 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पडे़गा। वहीं, ग्रामीण उपभोक्ताओं को भी जेब खाली करनी होगी।
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ये किया जा रहा स्लैब में बदलाव
शहरी घरेलू बिजली के मौजूदा 4 स्लैब हैं। इन्हें अब तीन किया जा रहा है। पवार कारपोरेशन ने स्लैब बदलाव के खेल में उपभोक्ताओं की जेब खाली करने का इंतजाम कर लिया है। पीवीवीएनएल में करीब 40 लाख घरेलू उपभोक्ता हैं। इन्हें 0-150 यूनिट बिजली खर्च करने पर 5.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिल दिया जाता था। अब स्लैब बदलकर 0-100 यूनिट कर दिया है। प्रस्तावित दूसरे स्लैब 101-300 यूनिट कर दी हैं। इसकी वसूली छह रुपये प्रति यूनिट से होनी है। यानी पहले स्लैब से काटी गई 50 यूनिट का चार्ज 6 रुपये के हिसाब से लेने पर उपभोक्ता को 25 रुपये ज्यादा देने होंगे। इसके अतिरिक्त टैक्स भी बढे़गा। मौजूदा स्लैब 301-500 को बदलकर 301 यूनिट से अधिक किया जा रहा है। इस स्लैब में भी 50 पैसे से एक रुपया प्रति यूनिट का अंतर आ गया है। ये 6.50 रुपये के बजाय 7 से 7.50 रुपये प्रति यूनिट से होंगी। इस तरह उपभोक्ता की जेब से हर महीने 50 रुपये से ज्यादा निकलेंगे। अगर नियामक आयोग ने प्रस्तावित स्लैब को हरी झंडी दे दी तो पीवीवीएनएल के 40 लाख उपभोक्ताओं को 50 रुपये अतिरिक्त के हिसाब से हर महीने करीब 20 करोड़ ज्यादा देने होंगे। वहीं, मेरठ शहर के ढाई लाख घरेलू उपभोक्ताओं की जेब पर हर महीने एक करोड़ रुपये से ज्यादा का बोझ पड़ेगा।
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ग्रामीण उपभोक्ता भी होंगे प्रभावित
प्रस्तावित स्लैब से ग्रामीण उपभोक्ताओं की जेब पर भार पड़ना तय है। मौजूदा पांच स्लैब को घटाकर तीन करने का प्रस्ताव दिया है। ग्रामीण अनमीटर्ड स्लैब खत्म करके दो किलोवाट की जगह चार किलोवाट का नया स्लैब प्रस्तावित है।
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क्या बोले अधिकारी
बिजली टैरिफ और स्लैब आदि तय करने का अधिकार राज्य विद्युत नियामक आयोग को है। पवार कारपोरेशन ने प्रस्ताव भेजा है। इस पर आयोग जनसुनवाई करेगा। उपभोक्ता अपनी आपत्ति जनसुनवाई के वक्त दे सकता है। हमारा कार्य उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति करना है। इसे बखूबी किया जा रहा है।-अरविंद मल्लप्पा बंगारी, एमडी पीवीवीएनएल मेरठ
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