अमर उजाला कार्यशाला: जमीन पर पांव, आसमां पर निगाह रखिए, कदमों में होगी सफलता
अमर उजाला कॅरियर काउंसिलिंग सत्र 'उड़ान' में युवाओं को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विशेषज्ञों ने सफलता के मंत्र दिए। आईआईटी दिल्ली में प्रोफेसर कमल किशोर पंत ने कहा कि नौकरी ढूंढने की जरूरत नहीं। आपके पास बस स्टार्टअप का एक आइडिया और आत्मविश्वास होना चाहिए। हमेशा बड़ा सोचिए। बड़ा सोचेंगे तभी बड़ा करेंगे।
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आत्मविश्वास से भरे रहिए। खुद की ताकत को पहचानिए। लक्ष्य हमेशा ऊंचे रखिए, सफलता आपके कदम चूमेगी। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में मंगलवार सुबह हिंदी विभाग के सहयोग से आयोजित हुए अमर उजाला कॅरियर काउंसिलिंग सत्र उड़ान में युवाओं से रूबरू हुए अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विशेषज्ञों ने जिंदगी में सफलता पाने का यह मंत्र दिया। बालेंदु शर्मा दाधीच ने कहा कि शून्य से शुरुआत को ताकत समझिए। आईआईटी के प्रोफेसर कमल किशोर पंत ने कहा कि रोजगार तलाशने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनिए। जुनून हो तो समस्या में भी नए विकल्प खुल जाते हैं...
पृष्ठभूमि आपको तरक्की करने से नहीं रोक सकती : बालेंदु शर्मा
माइक्रोसॉफ्ट गुरुग्राम में निदेशक, भारतीय भाषाएं एवं सुगम्यता, बालेंदु शर्मा दाधीच ने कहा कि पृष्ठभूमि आपको तरक्की करने से नहीं रोकती। अगर आप आत्मविश्वास, निरंतर सीखने के जज्बे और उत्साह से लबरेज हैं तो ऊंची उड़ान भर सकते हैं और आसमान को छू सकते हैं। कवि दुष्यंत की पंक्तियों, कौन कहता है आसमां में सुराख हो नहीं सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों, को उन्होंने युवाओं के लिए मूलमंत्र बताया।
बालेंदु ने कहा कि जमाना बदल गया है। संभावनाएं भरपूर हैं। आज ऐसे अवसर भी हैं, जिनके बारे में हमने पहले सोचा नहीं था। भारत बढ़ता हुआ देश है। दुनिया में सबसे ज्यादा अवसर भारत में हैं। इसलिए दुनिया भर की मल्टीनेशनल कंपनियां हमारी तरफ देख रही हैं। इन अवसरों का लाभ युवाओं को उठाना है। उन्होंने अपने गांव के प्राइमरी स्कूल की तस्वीर दिखाते हुए वहां से माइक्रोसॉफ्ट तक के सफर के बारे में बताया। कहा, पहले सोचिए करेंगे क्या। उसके बाद उस क्षेत्र के लिए शोध करें। वहां क्या जरूरतें हैं और किस तरह की स्किल्स चाहिए।
गिगजॉब्स ने बदले रोजगार के मायने
बालेंदु शर्मा दाधीच ने बताया कि फ्रीलांसर डॉटकॉम, ईलेंस डॉटकॉम, प्रोज डॉटकॉम पर ऐसी बहुत जॉब हैं जहां आप दो घंटे काम करके भी अच्छा पैसा कमा सकते हैं। गिगजॉब्स ने रोजगार मायने ही बदल दिए हैं। एप के जरिए ऑनलाइन प्लेटफार्म से जुड़कर आप पार्ट टाइम जॉब कर सकते हैं। इसकी बहुत डिमांड है। इसमें चार तरह की नौकरियां हैं, ब्लू कॉलर वर्कर, पिंक कॉलर वर्कर, टेली कॉलर वर्कर और व्हाइट कॉलर वर्कर। आपको अच्छा लिखना आता है, फ्रीलांस का काम करना चाहते हैं तो फाइबर डॉट कॉम पर बहुत इंटरनेशनल क्लाइंट हैं।
एथिकल हैकर बन खूब कमाएं पैसा
बालेंदु शर्मा दाधीच ने कहा कि कुछ ऐसी नौकरियां आ गई हैं, जिनके बारे में हम सोचते ही नहीं थे। एथिकल हैकर की भारत में 50 लाख नौकरियां हैं लेकिन सिर्फ 50 हजार कुशल लोगों उपलब्धता की है। कार व ज्वेलरी डिजाइनिंग, फर्नीचर डिजानिंग में बहुत संभावनाएं हैं। इसमें कॉम्पटीशन भी कम है। फिटनेस एक्सपर्ट, डायटीशियन, यूट्यूबर्स, एप डेवलपर्स, सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स, सोशल मीडिया प्रमोटर, पॉडकास्टर, एसईओ एक्सपर्ट जैसे गैर पारंपरिक अवसर भी सामने आए हैं।
हमेशा बड़ा सोचिए, तभी बड़ा करेंगे : प्रो. कमल किशोर पंत
आईआईटी दिल्ली में प्रोफेसर कमल किशोर पंत ने कहा कि नौकरी ढूंढने की जरूरत नहीं। आपके पास बस स्टार्टअप का एक आइडिया और आत्मविश्वास होना चाहिए। हमेशा बड़ा सोचिए। बड़ा सोचेंगे तभी बड़ा करेंगे। ये नहीं सोचना चाहिए कि आपको अच्छी हिंदी या अंग्रेजी नहीं आती। आपको बस एक लक्ष्य पर फोकस करना होगा। कभी भी भाषा ज्ञान के रास्ते में रुकावट नहीं है। उन्होंने छात्रों को पावर प्वांइट प्रेजेंटेशन के माध्यम से फाइनेंस, इंजीनियरिंग सहित कॅरियर गोल के बारे में समझाया।
अपने शहर से ही शुरू करें स्टार्टअप
इंजीनियरिंग जॉब नहीं है। आप भी अपना कारोबार आसानी के साथ शुरू कर सकते हैं। उन्होंने ओला, जौमेटो आदि का उदाहरण देते हुए कहा कि आप अपने शहर मेरठ से कूड़ा निस्तारण की शुरुआत खुद कर सकते हैं। इसके लिए प्लास्टिक को एकत्र करने के लिए एप बनाकर कारोबार शुरू कीजिए। कई कंपनियां ऐसी हैं जो आपसे 12 से 13 रुपये किलो प्लास्टिक लेकर आपका कारोबार आगे बढ़ा देंगी। इसके लिए एक ग्रुप बनाकर कार्य करने की जरूरत है। अगर आप लक्ष्य बनाकर जीवन में रिस्क ले लेंगे तो जरूर आगे बढ़ जाएंगे। आप युवा हैं, ऊर्जावान हैं।
गेट से खुलता है पब्लिक सेक्टर में जाने का रास्ता
प्रो. पंत ने कहा कि इंजीनियरिंग के बाद गेट परीक्षा अवश्य देनी चाहिए। ओएनजीसी, डीआरडीओ, इसरो आदि प्रमुख नवरत्न पब्लिक सेक्टर कंपनियों में जाने का रास्ता गेट से ही खुलता है। पब्लिक सेक्टर कंपनियों में जाने के लिए ग्रुप चर्चा अवश्य करें। किसी एक विषय पर कॉलेज में अवश्य चर्चा करें। इसे अपनी आदत में शुमार करें। वहीं, अपनी पर्सनैलिटी को भी डेवलप करना होगा।
बायोडाटा में बताएं अपना शॉर्ट टर्म गोल
प्रोफेसर पंत ने कहा कि बायोडाटा साक्षात्कार के समय विशेष महत्व रखता है। बायोडाटा में सबसे पहले ये जरूर लिखा होना चाहिए कि आप कंपनी में क्या कार्य करते हैं। वहीं, नई कंपनी में क्या विशेष करेंगे। अगली कंपनी के लिए शॉर्ट टर्म गोल का जिक्र भी आपके बॉयोडाटा को अलग बनाएगा। बालेंदु शर्मा दाधीच ने कहा कि भले ही एक पेज का बॉयोडाटा बनाएं लेकिन ऐसा बनाएं ताकि आपकी स्किल नियोक्ता को आसानी से समझ में आ जाए।
उड़ने की पक्की इच्छा लेकर जाएं: प्रो. एनके तनेजा
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरेंद्र कुमार तनेजा ने कहा कि उड़ान के इस कार्यक्रम से आप वापस जाएं तो उड़ने की पक्की इच्छा लेकर जाएं। आपके जीवन की ये उड़ान हमेशा बढ़ती हुई रफ्तार से जारी रहे। ये कार्यक्रम आप सब लोगों को एक नई राह दिखाएगा। उस राह पर चलना आपका काम है। सफलता आपके कदम चूमेगी, बशर्ते आप सफल होने के लिए जैसा जीवन चाहिए उस जीवन को चलाने के लिए तैयार हों।
कुछ कर गुजरने की है चाह तो भर सकते हैं ऊंची उड़ान : विशेषज्ञों ने बताए सफलता के मार्ग
जरूरी नहीं कि आप हमेशा फर्स्ट क्लास हों। अगर आप में कुछ कर गुजरने की चाह और कौशल है तो आप गांव के प्राइमरी स्कूल से शिक्षा हासिल करके भी दुनिया की शीर्ष कंपनियों में ऊंचे ओहदे पर जा सकते हैं। मंगलवार को चौधरी चरण सिंह विवि के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में अमर उजाला और हिंदी विभाग के तत्वावधान में आयोजित कॅरियर काउंसिलिंग सत्र ‘उड़ान’ में विशेषज्ञों ने युवाओं को सफलता का यही कुंजी दी।
आयोजन का शुभारंभ करते हुए कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने कहा कि कॅरियर काउंसिलिंग सत्र ‘उड़ान’ छात्र-छात्राओं को जीवन में ऊंचाईयों तक ले जाने की प्रेरणा देगा। माइक्रोसॉफ्ट गुरुग्राम में भारतीय भाषाओं और सुगम्यता निदेशक बालेंदु शर्मा दाधीच ने कहा कि तकनीक ने रोजगार के नए अवसरों का सृजन किया है। आप एमए हिंदी से हैं तो भी तकनीकी में कॅरियर बना सकते हैं। डेटा एनालिस्ट, नेटवर्क मैनेजमेंट, ग्राफिक डिजाइनिंग, साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में बतौर फ्रीलांसर भी अच्छा पैसा कमा सकते हैं।
नौकरी ढूंढने की बजाय दूसरों को रोजगार देने वाले बनें
आईआईटी दिल्ली में डीन प्रोफेसर कमल किशोर पंत ने कहा कि शानदार कॅरियर के लिए पहले अपने लक्ष्य तय कीजिए। आपकी अंग्रेजी अच्छी नहीं है या हिंदी अच्छी नहीं है तो कोई बात नहीं। कामयाबी तभी मिलेगी जब आपके भीतर आत्मविश्वास होगा। आप नौकरी ढूंढने की बजाय दूसरों को रोजगार देने वाले बनें। बेहतर अंकों से आत्मविश्वास बढ़ता है पर ऐसा नहीं है कि औसत अंकों वाले ऊंचाईयों तक नहीं जा सकते। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के कला संकायाध्यक्ष प्रोफेसर नवीन चंद्र लोहनी ने हिंदी के विद्यार्थियों के लिए भी दुनिया भर में बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार के अवसरों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं के सवालों के जवाब भी दिए। आयोजन में सर छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज, पत्रकारिता संस्थान, पंडित दीनदयाल उपाध्याय मैनेजमेंट कॉलेज समेत विभिन्न संस्थाओं के छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए।
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आत्मविश्वास को मिला बल : अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विशेषज्ञों के व्याख्यान सुनकर बोले युवा
कॅरियर काउंसिलिंग सत्र में आए युवाओं ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विशेषज्ञों के व्याख्यान से उनकी दुविधाएं दूर हुईं। आत्मविश्वास को बल मिला है। लक्ष्य तय कर कामयाबी पाएंगे।
अनिल कुमार ने कहा कि विशेषज्ञों का व्याख्यान कॉलेज में होने वाली कक्षाएं से अलग हटकर था। अनम सैफी ने कहा कि यह धारणा दूर हो गई है कि अगर अंक अच्छे नहीं आए तो कॅरियर खत्म हो गया। खुशी शर्मा ने कहा कि वक्ताओं को सुनकर सही राह मिलने की उम्मीद है। अंजलि ने कहा कि यह भी पता चला कि कम इनवेस्टमेंट में कैसे स्टार्टअप शुरू करें। जागृति बोलीं विशेषज्ञों ने गहरी बातें सरल ढंग से समझाईं। शोएब ने कहा कि उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ गया है। एकांकी राजपूत ने कहा कि बालेंदु शर्मा दाधीच ने हिंदी में जो एप डेवलप किया है उसका बड़ा लाभ मिल रहा है।
कोई ऐसा तकनीकी काम नहीं जो हिंदी में न हो : बालेंदु शर्मा दाधीच ने युवाओं से अपने सोशल मीडिया एकाउंट के लिंक साझा किए। उन्होंने कहा कि किसी भी समय कोई भी उनके ई मेल पर मैसेज कर जानकारी ले सकता है।
युवाओं ने खूब ली सेल्फी : युवाओं ने बालेंदु शर्मा के साथ सेल्फी लीं। बालेंदु सभी से बेहद सरल और सहज अंदाज में मिले और करीब तीन बजे तक सवालों के जवाब देते रहे।
ये रहे मौजूद : सीसीएसयू विश्वविद्यालय से रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा, सर छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज की डायरेक्टर प्रो. जयमाला, चीफ प्रॉक्टर प्रो. बीरपाल सिंह, तिलक स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन के निदेशक प्रो. प्रशांत कुमार, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के निदेशक प्रो. प्रशांत कुमार, प्रो. बिंदु शर्मा समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।