यूपी: फाइलों में दबे वायु प्रदूषण रोकने के उपाय, धरातल पर कुछ नहीं, पढ़िए पूरी रिपोर्ट
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वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को लेकर चिंता भले ही जताई जा रही है लेकिन इसके नियंत्रण की कार्ययोजना ही तैयार नहीं हुई है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 21 जुलाई को 17 विभागों को पत्र भेजकर अपनी-अपनी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी कार्ययोजना फाइलों में दबकर रह गई। धरातल पर कुछ भी कार्य नहीं दिख रहा है। पिछले सप्ताह पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण के चेयरमैन भूरे लाल ने इसके लिए अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी।
पिछले दिनों मेरठ को नॉन-अटेंनमेंट नगरों की सूची में शामिल किया गया था। इस श्रेणी में उन जिलों को शामिल किया गया है, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक प्रदूषण फैला रहे हैं। इसके बाद ही इन शहरों में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए मानक तैयार किए गए हैं। अब तक एक भी विभाग इस पर अमल करता नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में लोगों को वायु प्रदूषण की अधिक मार झेलनी पड़ सकती है।
इन विभागों को दिया है जिम्मा
नगर निगम, एमडीए, वन विभाग, एसपी ट्रैफिक, आरटीओ, पीडब्लूडी, सिंचाई विभाग, उपायुक्त उद्योग, जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, एनएचएआई, रोडवेज, नेडा, यूपीएसआईडीसी और बिजली विभाग।
तय किए गए मानक
सड़कों का चौड़ीकरण
इसमें नगर निगम और प्राधिकरण को सड़कों के चौड़ीकरण की जानकारी देनी थी। वहीं, इस पर क्या कार्य किया जा सकता है, जिससे धूल न उड़े।
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जनता को जागरूक करना
आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस को जनता को वायु प्रदूषण के बारे में समझाना था, ताकि जनता कम से कम वाहनों का उपयोग करें।
बीएस सेकेंड और बीएस थर्ड वाहनों की चेकिंग
आरटीओ को ऐसे वाहनों की चेकिंग करनी थी, जो पुराने वाहन धुआं उड़ा रहे हैं। इसमें बीएस सेकेंड और बीएस थर्ड को लिया गया है।
मल्टीलेयर पार्किंग निर्माण
पार्किंग व्यवस्था पर काफी कार्य किया जाना है लेकिन, शहर में एक भी स्थान पर पार्किंग नहीं है। वहीं, जहां बिना पार्किंग के वाहन खड़े हो रहे हैं, उन पर जुर्माना लगाना था।
बसों और ऑटो के लिए रूट प्लान
शहर में चलने वाली बसों, ऑटो के लिए रूट प्लान बनाना था लेकिन, शहर में कई स्थानों पर रूट प्लान बनने से धड़ल्ले से वाहनों का संचालन किया जा रहा है।
सीएनजी वाहनों की उपलब्धना और संचालन
शहर में अधिकतम सीएनजी वाहनों का संचालन शुरू करने के लिए भी विभागों को जिम्मेदारी थी। बसों के साथ-साथ ऑटो आदि की चेकिंग करना।
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