अमर उजाला संवाद: सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया हमारा मेयर कैसा हो? बोले- हर वार्ड में रखी जाएं शिकायत पेटियां
अमर उजाला संवाद : सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि आखिर हमारा मेयर कैसा हो? इस दौरान कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि नगर निगम भ्रष्टाचार से मुक्त हो और हर वार्ड में शिकायत पेटियां रखी जाएं।
विस्तार
नगर निगम भ्रष्टाचार से मुक्त हो। लोगों को सुविधाएं पहुंचाने के कार्य की जिम्मेदारी महापौर और पार्षदों के अलावा संबंधित सरकारी अधिकारियों को भी समझनी चाहिए। समस्याओं के निस्तारण के लिए हर वार्ड में शिकायत पेटियां रखी जानी चाहिए। जनप्रतिनिधि निगम के अफसरों और जनता से अच्छा तालमेल बनाने के लिए प्रतिमाह बैठक करें। मंगलवार को अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद में समाजसेवी लोगों ने चर्चा कर इन मुद्दों को उठाया।
संवाद के जरिए मेरठ शहर के विकास के लिए गंभीर रहने वाले महापौर और पार्षद को चुने जाने का प्रस्ताव सामने आया। कहा गया कि उसका चुनाव करें जो टूटी सड़कें बनवा दे। घर-घर से कूड़ा उठाया जाए। शिक्षित, ईमानदार और कर्मठ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर मेयर और पार्षद बनने वाले पांच साल तक गायब रहने की बजाए जनता के बीच रहे। अपील की गई कि शहर का मेयर प्रथम नागरिक होता है, उसे चुनने के लिए लोग वोट जरूर करें। जाति-धर्म से उठकर 11 मई 2023 को मतदान करना न भूलें।
हमें बदलना होगा, तभी मानसिकता बदलेगी
चुनाव हर पांच साल में आता है। जनप्रतिनिधि चुना जाता है और फिर वह जनता की समस्या को भूल जाता है। यह मानसिकता तभी बदलेगी, जब हम बदलेंगे। आवारा जानवर सड़क पर घूम रहे हैं, जोकि एक ज्वलनशील समस्या है। कई लोगों की जान तक चली गई। - कैप्टन चंद्रपाल यादव, सेना से सेवानिवृत
रोजाना 1000 हजार टन कूड़ा इकट्ठा होता है। गावड़ी में कूड़ा निस्तारण के लिए प्लांट लगा है। सुंदर चौराहे ही नहीं, बल्कि शहर भी साफ दिखाई देना चाहिए। सफाई कर्मचारी अपना काम कर्मठता से करें, जिससे सफाई रहे। - सरबजीत सिंह कपूर, सामाजिक कार्यकर्ता
हमारा मेयर ऐसा हो जो टूटी सड़कों को बनवाए, नाले साफ कराए। हरियाली के लिए पेड़ लगवाए। भीड़ से निजात के लिए लिंक रोड बनवाए। प्रमाण पत्र के लिए चक्कर न कटवाए। वहीं, कविता के माध्यम से बताया कि महापौर अच्छी सोच वाला होना चाहिए। - डॉ. ईश्वर चंद्र गंभीर, गीतकार
हमारा पार्षद और मेयर कैसा हो, जो क्षेत्र का विकास करें, काम कुछ खास करें और न किसी का उपहास जो उड़ाता हो। शिक्षित, सदाचारी हो, और व्यवहारी हो, दुख-सुख में सबके काम आता हो। क्षेत्र में अंधेरा न हो, दिल में तेरा-मेरा न हो। साथ जो किसी के भेदभाव न दिखाता हो, ऐसे व्यवहारी को ही वोट देना चाहिए। कविता के माध्यक्ष से बताया। -डॉ. सुदेश यादव दिव्य, गीतकार
वोट लेकर चुनाव जीतते हैं। मेयर हो या पार्षद चुनाव जीतने के बाद नहीं दिखाई देते। वह काम नहीं करते। सबके साथ भेदभाव रखते हैं। - कवि संजीव त्यागी
मेरा सवाल चुनाव आयोग से है। टिकट बंटवारे में जातिवाद क्यों है। विकास को देखकर ही टिकट मिलना चाहिए। - अभिषेक अग्रवाल, सामाजिक कार्यकर्ता
शहर में शौचालय की कमी है। जो बने हैं, उनकी दुर्दशा है। नाले भरे हैं और हैंडपंप लावारिस हैं। लोग नगर निगम को नर्क निगम कहने लगे हैं। - सरदार मनजीत सिंह कोछड़, सामाजिक कार्यकर्ता
इंदौर, चंडीगढ़ जैसे शहर को देखने के बाद मेरठ को देखकर दुख होता है। सोच बदलनी होगी, तभी मेरठ मॉडल बनेगा। मेयर, पार्षद के साथ अधिकारियों की भी जिम्मेदारी है कि धर्म-जाति से ऊपर उठकर शहर को सुंदर बनाएं। - आलोक गौतम, सामाजिक कार्यकर्ता
कैसे प्रत्याशी को वोट करें, समझ में नहीं आता। निर्दलीय प्रत्याशी को वोट देकर जितवा भी दिया तो उसको कोई काम नहीं करने देगा। पार्टी द्वारा घोषित प्रत्याशी को वोट देना मजबूरी है। प्रत्याशी समाजसेवी है या नहीं। बेसिक समस्या को समझता है या नहीं। इसको ध्यान में रखकर वोट करें। - ओपी रतूडी, सामाजिक कार्यकर्ता
मेयर, पार्षद शिक्षित, ईमानदार होना चाहिए। प्रदूषण बहुत है, अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। सबकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। भ्रष्टाचार बढ़ रहा है, जिस पर लगाम लगनी चाहिए। - नवीन चंद्र अग्रवाल, सामाजिक कार्यकर्ता
कैंट इलाके में साफ-सफाई काफी अच्छी होती है, नगर निगम के इलाके की अपेक्षा। जहां नियम सख्त नहीं होते, वहां व्यवस्था अच्छी नहीं बन सकती। इसको सुधारने की जरूरत है। - संदीप मित्तल, सेवानिवृत कर्नल
मेयर-पार्षद शिक्षित और ईमानदार होने के साथ उसका व्यवहार अच्छा होना चाहिए। स्थानीय लोगों की समस्या जानें। बुजुर्ग का सम्मान और बच्चों को प्यार करना जानता हो। कार्य कुशलता होनी चाहिए, सोच समझकर हमें प्रत्याशी चुनना है। - अतुल जैन, सामाजिक कार्यकर्ता
मेयर-पार्षद को चुनने का अधिकार हमें मिला है। जनप्रतिनिधि ऐसा हो, जिसका चरित्र भी अच्छा हो। - पंकज जैन, सामाजिक कार्यकर्ता
वीआईपी शहर में आते हैं तो साफ-सफाई हो जाती है। सूरजकुंड पार्क का हाल देख लीजिए। जनप्रतिनिधि ऐसा चुनें, जोकि सबकी समस्या का निस्तारण कर सकें। साफ सफाई का ध्यान रखे। -नवीन कुमार जैन, सामाजिक कार्यकर्ता
आज पूरे शहर में अतिक्रमण हो रहा है। ई-रिक्शा वालों का सड़क पर कब्जा है। इसको मुक्त कराने की जिम्मेदारी भी निगम की है। जनप्रतिनिधि ऐसा होना चाहिए, जो सभी से तालमेल करके समस्या का निस्तारण करा सकें। - सुशील कुमार गुप्ता, सामाजिक कार्यकर्ता
मेयर और पार्षद हमेशा जनता से मिलकर चलें। हरियाली के लिए पेड़ पौधे लगवाने का ध्यान दें। धार्मिक स्थानों पर साफ सफाई की व्यवस्था बेहतर रखे। - अनिल कुमार गुप्ता
जनप्रतिनिधि समाज के प्रति जागरूक होना चाहिए। कूड़ा उठाने वाले सफाई कर्मचारी बुजुर्ग लोगों का ध्यान रखे, उनके घर से कूड़ा खुद उठाएं। - रतीश प्रकाश त्यागी, सामाजिक कार्यकर्ता
हर वार्ड में शिकायत पेटियां रखी जानी चाहिए। जिसको खोलने के लिए पांच लोगों की कमेटी बने। इन पेटियां में लोग साफ-सफाई या फिर अन्य समस्या के बारे में आसानी से लिखित शिकायत डाल सकें। मेरठ की बगिया साफ रहनी चाहिए। - डॉ. सुबोध गर्ग, समाज सेवी
शहर में बायोगैस लगना चाहिए। ई-रिक्शा और टेंपों का रूट निर्धारित होना चाहिए। - हर्ष सिंघल, सामाजिक कार्यकर्ता
शहर का विकास होना चाहिए। 11 मई 2023 को वोट जरूर करें। जनप्रतिनिधि ऐसा हो, जोकि विकास कर सके। - राकेश माहेश्वरी, समाज सेवी
शिक्षक जिस तरह से बच्चों का ध्यान रखता है, ठीक उसी तरह मेयर और पार्षद को भी अपने शहर और वार्ड का ध्यान रखना चाहिए। - रितु शर्मा, शिक्षिका
मेयर-पार्षद अच्छा होना चाहिए, जोकि शहर का विकास कर सके। - ममता सिंघल, सामाजिक कार्यकर्ता
जनप्रतिनिधि ऐसा चुनें, जोकि शहर को साफ-स्वच्छ रख सकें। सब जागरूक हों और वोट करें। - पूनम अग्रवाल, सामाजिक कार्यकर्ता
वीआईपी के आते ही शहर में साफ सफाई हो जाती है। यह दिखावा करना ठीक नहीं है। जाति-धर्म से उठकर चुनाव करें। - तान्या वर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता
वोट मांगने आते है, फिर पांच साल तक दिखाई नहीं देते। अब प्रत्याशी दावत दे रहे हैं। ध्यान रखें ऐसा पार्षद चुनने जो विकास कर सकता है। - सोनू शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता
नगर निगम के अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त है। नेशनल स्पोर्ट्स सिटी नहीं बनाया गया। जनप्रतिनिधि ऐसा चुनें, जोकि भ्रष्टाचार से मुक्त रहें। - उमेश सक्सेना, सामाजिक कार्यकर्ता
जो कॉलोनी विकसित है, उनको रजिस्टर्ड कर नगर निगम सुविधा उपलब्ध कराएं। - कुलदीप गौड़
जनता भी अपना कर्तव्य समझें। साफ-सफाई की व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी जनप्रतिनिधि और अधिकारियों के अलावा हमें भी समझना होगा कि साफ कैसे हो। - सोमपाल सिंह, समाज सेवी
लोगों को जागरूक होना चाहिए। मेयर और पार्षद शिक्षित और ईमानदार होना चाहिए। - कृष्ण लाल बत्रा, समाज सेवी
मेयर और पार्षद वोट लेने के बाद दिखाई नहीं देते। उसे चुनें जो जनता के बीच में रहे। - राहुल प्रजापति, सामाजिक कार्यकर्ता, अंकुर गुप्ता, समाज सेवी
पर्यावरण सबसे बड़ा मुद्दा है। प्रदूषण को रोकने के लिए पौधे लगाना चाहिए। किसी भी पार्टी का मेयर या पार्षद हो, जनता उसको मजबूर कर दे। काम कराना चाहिए। - गिरिश शुक्ला, सामाजिक कार्यकर्ता
नाले की साफ-सफाई होनी चाहिए। कूड़ा समय से उठना चाहिए। जनता से जुड़ी छोटी-छोटी समस्या का समाधान कर सके, ऐसा मेयर या पार्षद चुनें। - आरके गोयल, समाज सेवी
एक-दूसरे के प्रति लगाव रखें। दूसरों की कमियां देखने की बजाए अपना कर्तव्य निभाएं। - आयुष गोयल, समाज सेवी
चुनाव आयोग ने दिव्यांगजनों को आरक्षण नहीं दिया। दिव्यांग और बुजुर्ग के लिए मतदान के दौरान सुविधा मुहैया कराएं। - पीयुष गोयल, समाज सेवी
निगम भ्रष्टाचार मुक्त हो। जनप्रतिनिधि ऐसा चुनें, जो जनता की समस्या का समाधान कर सकें।- राकेश बिंदल, समाज सेवी
मेयर और पार्षद का बजट करोड़ों में होता है। ईमानदारी से शहर में खर्च हो जाएं तो विकास हो जाएगा। - बबलू उपाध्याय, समाज सेवी
संवाद में सभी ने अच्छे सुझाव दिए है। मेयर और पार्षद ईमानदार और कर्मठ होना चाहिए। शहर का विकास मुख्य एजेंडा बनाकर काम करें। - रूचि सिंघल, सामाजिक कार्यकर्ता