UP: सपा-बसपा के नेताओं का कद तय करेंगे मुस्लिम व दलित मतदाता, शाही ईदगाह से एलान के बाद बदला मुस्लिमों का रुख
Election 2024 : पहले चरण में यूपी की आठ लोकसभा सीटों पर मतदान हो चुका है। वहीं, वेस्ट यूपी में मुस्लिम व दलित मतदाता ही सपा और बसपा के नेताओं का कद तय करेंगे।
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मेरठ-हापुड लोकसभा सीट पर इस बार मुस्लिम और दलित मतदाता बसपा व सपा के स्थानीय दिग्गज नेताओं का कद तय करेंगे। दोनों ही वर्ग के वोट बैंक में सेंध लगाने को लेकर खींचतान चल रही है।
खासकर मुस्लिम वोट बैंक को सपा गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में करने के लिए सपा के शहर विधायक रफीक अंसारी, किठौर विधायक शाहिद मंजूर, सरधना विधायक अतुल प्रधान की प्रतिष्ठा दांव पर है, वहीं सपा की सरकार की सरकार में लालबत्ती का आनंद लेने वाले आकिल मुर्तजा, इसरार सैफी, अय्यूब अंसारी, मौहम्मद अब्बास, शकील भारती, यासीन पहलवान सरीखे नेताओं का वजूद भी इस चुनाव पर टिका है।
शाही ईदगाह से एलान के बाद बदला मुस्लिमों का रुख
मेरठ-हापुड लोकसभा सीट पर तीन लाख दलित और छह लाख से अधिक मुस्लिम मतदाता बताए जाते हैं। तीन दिन पहले ही ईद की नमाज के दौरान शाही ईदगाह से किए गए एलान का असर भी मुस्लिम मतदाताओं में देखा जा रहा है। देखा जा रहा है कि मुस्लिम इस बार बंटने की बजाय एक साथ वोट करने की रणनीति बना रहा है। भाजपा के विपक्षी दल सपा और बसपा प्रत्याशी ही मुस्लिम मदाताओं को अपनी ओर खींचने की कशमकश में लगे हैं।
- मेरठ शहर से सपा विधायक रफीक अंसारी और किठौर से विधायक शाहिद मंजूर हैं। दोनों ही विधानसभा, मेरठ-हापुड लोकसभा सीट में आती हैं। सपा प्रत्याशी सुनीता वर्मा को अधिक से अधिक मुस्लिम मत दिलाने की जिम्मेदारी इन्हीं के कंधों पर है।
योगेश और सुनीता की भी अग्निपरीक्षा
पूर्व विधायक योगेश वर्मा और पूर्व महापौर सुनीता वर्मा बसपा के ही चुनाव चिंह पर जीते थे। यह अलग बात है कि दंपती अब सपा में है। सुनीता वर्मा लोकसभा चुनाव लड़ रही हैं। दलित बसपा का कोर वोटर है। अब योगेश वर्मा परिवार के लिए परीक्षा की घड़ी है कि वह लोकसभा चुनाव में बसपा के कोर वोट बैंक में कितनी सेंध लगा पाएंगे।
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- सपा के मुस्लिम नेताओं के सामने बसपा प्रत्याशी देवव्रत त्यागी की तरफ से चुनाव प्रचार में पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी, हाजी इमरान कुरैशी के आने से मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
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