फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Amar Ujala Ground Report: Drains have not been cleaned for many years in Meerut

अमर उजाला ग्राउंड रिपोर्ट: नालों में कई सालों से नहीं हुई सफाई, उगे पेड़ और घास, पढ़िए कैसे है हालात

Fri, 04 Jun 2021 07:17 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 04 Jun 2021 07:17 PM IST
सार

यहां कई सालों से नालों की सफाई नहीं हुई है। अमर उजाला ने इसकी पड़ताल की तो नालों में पेड़ और घास उगी हुई मिली। पढ़िए अमर उजाला की ये खास रिपोर्ट।

विज्ञापन
Amar Ujala Ground Report: Drains have not been cleaned for many years in Meerut
फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala

विस्तार

कोरोना कर्फ्यू के दौरान भी नगर निगम नालों की सफाई नहीं कर पाया है। मानसून आने को है और नालों में गंदगी भरी पड़ी है। नगर आयुक्त की सख्ती के बाद नालों की सफाई के लिए टेंडर निकाला गया है, जो सात जून को खुलेगा। दूसरी ओर नगर आयुक्त ने 15 जून तक नालों की सफाई का अल्टीमेटम दिया हुआ है। सवाल है कि सात जून को टेंडर खुलने के बाद एक सप्ताह में नालों की सफाई कैसे होगी।

विज्ञापन


करीब 20 लाख आबादी वाले शहर में आबूनाला, आबूनाला टू (कसेरुखेड़ा) और ओडियन नाला मुख्य हैं। शहर के छोटे-बड़े अन्य नाले इनसे जोड़े गए है। लिंक नालों का बरसाती और दैनिक पानी इन नालों से काली नदी तक पहुंचता है। नगर निगम ने आबादी के बीच से जा रहे चार नालों की मैनअल सफाई के टेंडर जारी किए है। इसमें शामिल थापर नगर में पुलिस चौकी से तहसील कंपाउंड और बंसल सिनेमा से थापर नगर गली नंबर सात तक रोडवेज के पीछे नाले की सफाई होनी है।
विज्ञापन


गुरुवार को इन दोनों नालों का ‘अमर उजाला’ ने मौका-मुआयना किया। रोडवेज के पीछे से जा रहे नाले में घास और पेड़ उग आए हैं। स्थानीय लोग कहते हैं कि कई साल से इसकी सफाई नहीं हुई है। बारिश में नालों का पानी और कूड़ा-करकट सड़क पर ही नहीं, घरों भी घुस जाता है। टेंडर में शामिल मेरठ पब्लिक एकेडमी से रेलवे रोड होते हुए ईदगाह रोड तक और मोहल्ला जाटव गेट पुलिस चौकी से जाटव प्लाजा व ओडियन नाला तक लिंक नाले में भी सिल्ट और घास अटी मिली। 
विज्ञापन
विज्ञापन


नगर निगम के तीनों वाहन डिपो उन नालों की सफाई में लगे हैं, जहां छोटी-बड़ी पोकलेन मशीन पहुंच जाती है। इनके साथ 341 छोटे नालों की सफाई जरूरी है, जो शहर की जलनिकासी के लिए अहम हैं।  

ओडियन नाले में ऊपर तक सिल्ट
पुराने शहर की जल निकासी के लिए ओडियन नाला सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। शहर के छोटे-बड़े करीब 90 नाले इसमें गिरते हैं। कबाड़ी बाजार, भगवतपुरा, ब्रह्मपुरी, शारदा रोड, बागपत गेट, कोटला, इंदिरा नगर, भूमिया पुल, लिसाड़ी गेट और हापुड़ रोड के आसपास का पूरा क्षेत्र इसी के दायरे में आता है। नाले में ऊपर तक सिल्ट है। तलीझाड़ सफाई नहीं होने से यह लिंक नालों के मुहानों से ऊपर हो गया है।

अतिक्रमण हटाकर कराई नाले की सफाई
शहर में नाला सफाई में अतिक्रमण आड़े आ रहा है। गुरुवार को ईव्ज चौराहे से इंदिरा चौक तक प्रवर्तन दल की निगरानी में पहले अतिक्रमण हटाने के बाद नाले की सफाई कराई गई। अतिक्रमण हटाने पर छिटपुट विरोध भी हुआ। सफाई निरीक्षकों ने अतिक्रमण नहीं हटने पर नालों की सफाई से हाथ खड़े कर दिए हैं।  

तय समय तक पूरा हो जाएगा काम
सभी नालों की सफाई युद्ध स्तर पर की जा रही है। मैनुअल सफाई वाले चार नालों के टेंडर निकाले गए हैं। दी गई तिथि तक सभी नालों को साफ करा दिया जाएगा। - डॉ. गजेंद्र सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम मेरठ

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed