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स्थापना दिवस: दिल में है अमर उजाला, 15 साल से एक-एक प्रति संभालकर रख रहे दीपक गुप्ता
Thu, 12 Dec 2019 02:56 AM IST
कपिल kapil
चंद्रशेखर शर्मा, अमर उजाला, सहारनपुर
चंद्रशेखर शर्मा, अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: कपिल kapil
Updated Thu, 12 Dec 2019 02:56 AM IST
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दीपक गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ने अपने पाठकों के दिल में एक अलग ही जगह बना ली है। सहारनपुर शहर का एक पाठक तो ऐसा है जो अखबार को न सिर्फ पढ़ता है, बल्कि उसे सहेजकर रख लेता है। यह नंदपुरी कॉलोनी गंली नंबर तीन में रहने वाले दीपक गुप्ता हैं। पिछले 15 साल में प्रकाशित हुई अमर उजाला की हर एक कॉपी उनके पास है। उनके घर का बेड ही उनके लिए संग्रहालय बन गया है।
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दीपक गुप्ता 2004 से अमर उजाला को संभालकर रख रहे हैं। उनका परिवार भी अब उनके शौक और जुनून का भागीदार बन चुका है। दीपक बताते हैं कि उन्हें शुरू से ही अमर उजाला पढ़ना पसंद था। खास तौर से पंचांग और धार्मिक खबरें पढ़ना अच्छा लगता था। शुरू में यह शौक पत्नी मीनाक्षी गुप्ता को थोड़ा अजीब लगा। लेकिन बाद में वो भी मदद करने लगीं। अखबारों की प्रतियों के संग्रह की जिम्मेदारी बेटे विशाल गुप्ता की है। विशाल गुरुनानक इंटर कॉलेज में कक्षा 12 का छात्र है। वह कहता है कि अमर उजाला के संग्रह की इस परंपरा को जारी रखूंगा।
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अखबार की प्रति बेचने को तैयार नहीं
दीपक गुप्ता बताते हैं कि कई बार कोर्ट और अन्य जरूरी दस्तावेजों के लिए लोग पुराने अखबार मांगने आए। मुंह मांगी कीमत लगाई। मगर संग्रह की गई प्रतियों में से एक भी नहीं बेची। जरूरत पड़ी तो फोटो कॉपी दे दी। दीपक कहते हैं कि भले ही इंटरनेट, मोबाइल से लेकर डिजिटल क्रांति का दौर आ चुका हो। लेकिन अखबार पढ़ने और उसे संभालने की परंपरा मैं नहीं छोडूंगा। मगर मेरा एक सुझाव है कि बड़े त्योहार पर ग्रह नक्षत्र और पंचांग संबंधी तथ्य एक दिन पूर्व दिए जाएं, क्योंकि त्योहार की तिथि पर प्रकाशित होने पर कई बार देर हो जाती है।
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