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एक्सक्लूसिव: माल पांच हजार का, भुगतान 25 हजार, बिलों में हेराफेरी कर करोड़ों का खेल

Thu, 17 Sep 2020 07:27 PM IST
कपिल kapil अशोक मधुप, अमर उजाला, बिजनौर
अशोक मधुप, अमर उजाला, बिजनौर Published by: कपिल kapil Updated Thu, 17 Sep 2020 07:27 PM IST
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Amar Ujala Exclusive Report: Officers and village secretary have scammed of many crores rupees in Bijnor
स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाया गया शौचालय हुआ खस्ताहाल। संवाद - फोटो : अमर उजाला

बिजनौर में ग्राम पंचायतों को अपने क्षेत्र में विकास कराने का अधिकार मिला तो उन्होंने खूब खेल किया। खूब वारे-न्यारे हुए। सबसे ज्यादा लाभ में ग्राम सचिव रहे। एक ही फर्म से सेटिंग करके सभी तरह का माल लिया जाता है। हाल यह है कि कूड़ा ढोने वाली ठेली 25-25 हजार रुपये में खरीदी गई हैं। बैंचों के बिल भी प्रधानों और सचिवों ने तीन-तीन लाख रुपये के बनवा दिए हैं। जबकि कूड़ा उठाने वाली तीन से चार हजार रुपये और बैंच बनवाने की कीमत मात्र बीस से 25 हजार रुपये होती है।

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प्रधान कहते हैं कि वे चुनकर आए तो बिल्कुल नए थे। कुछ जानकारी नहीं थी। जनपद में सफाई अभियान शुरू हुआ था। जिला प्रशासन ने कहा कि पंचायतों के लिए कूड़ेदान खरीदो। प्रधान को पता भी न चला और सचिवों ने ही सब अपने स्तर से खरीदारी कर ली। हालत यह रही कि कुछ तेज तर्रार सचिव ने तो ग्राम पंचायत के खातों में अपने नाम अपडेट करा लिए। प्रधान को कानों-कान भनक भी नहीं हुई। वे अपने स्तर से ही सब खरीद फरोख्त करते रहे। पंचायतों में पैसा आता रहा। धीरे-धीरे प्रधान भी समझने लगे तो मिलजुल कर खेल शुरू हो गया। इस खेल में कुछ कंपनी भी शामिल हो गईं। 
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सूत्रों की मानें तो पूरे जनपद में दो-तीन कंपनी ही ग्राम पंचायत में सामान की आपूर्ति कर रही हैं। इनसे सब माल मिलता है। डिजिटल कैमरों की जरूरत पड़ी तो उन्होंने कैमरे सप्लाई किए। स्ट्रीट लाइट की आपूर्ति की और सैनिटाइजर, सैनिटाइजर मशीन बेचीं। इन्होंने ही गांव में ठंडे पानी की मशीन भी लगाईं। रेट की हालत यह रही कि आपस में तय कर लिया कि बिल कितने का लेना है बस। मूल खर्च निकालकर सब बंदर बांट कर लिया गया। गांव के चौराहों पर यात्रियों के लिए बैंच बनवाई गईं। इसकी लागत बीस से पच्चीस हजार आनी चाहिए। किंतु इनके बिल तीन लाख तक के दिखाए गए। कूड़ा उठाने की सादी ठेली तीन-चार हजार की आ जानी चाहिए, किंतु ये बीस हजार से 25 हजार रुपये में खरीदीं गईं। अफजलगढ़ की एक ग्राम सभा में दो ठेली खरीदी गईं। इसका बिल 45,360 रुपया दिखाया गया। इन बिलों को देखकर किसी अधिकारी की आंख नहीं खुलीं। किसी से कोई पूछताछ आज तक नहीं हुई।
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सचिव मनमानी से कर रहे भुगतान : मुकेश 
अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संघ जिलाध्यक्ष मुकेश दहिया के अनुसार सचिवों ने प्रधानों को बिना बताए डोंगल लगाकर ठेकेदारों को भुगतान कर दिया है। सचिवों के रवैये से जिले के ज्यादातर ग्राम प्रधान परेशान हैं। प्रधानों के बाकी कराए गए काम का तो भुगतान अब तक नहीं हुआ है, लेकिन फॉगिंग मशीन आदि के भुगतान तुरंत किए जा रहे हैं।

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केस - 2
स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए जा रहे सामुदायिक शौचालयों के निर्माण में घपला किया जा रहा है। अधिकांश शौचालयों में पानी तक की सप्लाई भी नहीं जोड़ी गई। अधूरे निर्माण पर भी पूरा भुगतान कर दिया गया। 

सात शौचालयों में पालिका परिसर में बना शौचालय ही चल रहा है, जबकि अधिकांश शौचालयों में गंदगी का अंबार लगे हुए हैं। गौर करने की बात यह है कि सब कुछ आंखों के सामने होने के बाद भी अधिकारी इस पर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। नगर पालिका की ओर से स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर में सात सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया। 

शौचालय में पैसे का बंदर बांट करने के लिए अनुपात से अधिक शीट भी लगाई गई। सामुदायिक शौचालयों में शीट के हिसाब से पेमेंट मिलती है। प्रत्येक फ्लैस शीट का करीब 78 हजार रुपये का बिल बनाया जाता है। थाने के सामने प्राथमिक विद्यालय परिसर में बनाए गए शौचालय में आठ फ्लैस शीट लगा दी गई, लेकिन पानी की सप्लाई आज तक नहीं जोड़ी गई। इससे शौचालय चल भी नहीं पाया और भुगतान कर दिया गया। 

इसके अलावा जूनियर हाईस्कूल, हाथीवाला मंदिर, धर्मशाला में बनाए गए शौचालय आज तक चल ही नहीं पाए। उनमें सिर्फ गंदगी के अंबार लगे हुए हैं। इन शौचालयों को कोई देखने को तैयार नहीं है। भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन को आगे बढ़ाने का जिम्मा स्थानीय अधिकारियों पर है, लेकिन वहीं अधिकारी इस अभियान को पलीता लगा रहे हैं। उनके सामने ही गड़बड़ी हो रही है, लेकिन कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह सारा खेल अधिकारियों की मिलीभगत से ही हो रहा है। लोगों का कहना है कि इसमें पालिका के साथ-साथ स्वच्छ भारत मिशन की देखरेख करने वाले भी संदेह के घेरे में हैं। पालिका परिसर में बना शौचालय ही चल रहा है। थाने व स्वास्थ्य केंद्र में बने शौचालयों की हालत भी खस्ता है।

जानकारी कराकर शीघ्र कराया जाएगा चालू
पालिका चेयरपर्सन फिरोजा खातून के पुत्र प्रतिनिधि राजा अंसारी का कहना है कि बंद शौचालयों की जानकारी कराकर शीघ्र चालू कराया जाएगा। इस तरह की लापरवाही करने वालों की जांच करा कार्रवाई की जाएगी।

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