एक्सक्लूसिव: बिजली विभाग की बड़ी तैयारी, 14 जिलों में 65 लाख उपभोक्ताओं के घर लगेंगे प्रीपेड मीटर, पढ़ें क्या है प्लान
बिजली चोरी रोकने और बकायेदारों पर शिकंजा कसने के लिए विभाग बड़ी तैयारी में लगा है। जल्द ही 14 जिलों के 65 लाख उपभोक्ताओं के घर, दफ्तर या अन्य प्रतिष्ठानों पर बिजली के प्रीपेड मीटर लगेंगे। जानिए पूरा प्लान क्या है।
विस्तार
पीवीवीएनएल ने बकायेदारों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। अब मेरठ जिले के 7.20 लाख घरों और प्रतिष्ठानों पर प्रीपेड मीटर लगेंगे। यानी आपको महीने में जितनी बिजली इस्तेमाल करनी है उतने का बिल पहले चुकाना होगा। आपके अकाउंट में पैसा खत्म होते ही बिजली आपूर्ति स्वत: ही बंद हो जाएगी। नई व्यवस्था के तहत शहर में वर्ष 2019-20 में 1.20 लाख स्मार्ट मीटर भी हटेंगे।
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम (पीवीवीएनएल) ने वर्ष 2024 तक मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद मंडल के 14 जिलों के 65 लाख उपभोक्ताओं के घर, दफ्तर या अन्य प्रतिष्ठानों पर बिजली के प्रीपेड मीटर लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं बिजली चोरी रोकने के लिए खुले तारों की जगह एबी केबल के साथ ही आर्म्ड केबल डाले जाएंगे। इन कामों पर करीब 8000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सबसे पहले मेरठ जिले के 3.20 लाख शहरी और चार लाख ग्रामीण उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड मीटर लगेंगे।
30 फीसदी बिल हर माह रहता है बकाया
पीवीवीएनएल का उपभोक्ताओं पर औसतन 30 फीसदी बिजली बिल हर माह बकाया चलता रहता है। यह रकम करीब पांच हजार करोड़ के आसपास बैठती है। वहीं लाइन लॉस का ग्राफ भी 25 फीसदी से कम नहीं हो पा रहा है। इन सभी पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने रीवैम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) चालू की है। इस योजना के तहत पीवीवीएनएल के लिए भी 13 हजार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
3700 करोड़ से खरीदे जाएंगे प्रीपेड मीटर
पीवीवीएनएल को मिले 13 हजार करोड़ में से करीब 3700 करोड़ रुपये बिजली के मीटर खरीदने पर खर्च होंगे। बिजली चोरी रोकने के लिए तारों की जगह लगाए जाने वाले एबी केबल और आर्म्ड केबल पर करीब 3600 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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लाइन लॉस 50 फीसदी घटाने का लक्ष्य
कंपनी को पूरा बिजली ढांचा मजबूत करने के बाद लाइन लॉस 12.69 फीसदी पर लाने का लक्ष्य दिया गया है। लाइन लॉस 50 फीसदी कम होगा तो कंपनी का घाटा भी कम होगा।
खरीद-बिक्री में 11 पैसे का अंतर लाना होगा
योजना के अंतर्गत कंपनी को बिजली खरीद और बिक्री में चल रहे 86 पैसे प्रति यूनिट के भारी अंतर को कम करके 11 पैसे प्रति यूनिट पर लाने का लक्ष्य दिया गया है। ये सब तभी हो सकता है जब सभी घरों में प्रीपेड मीटर लगे और खुले तारों की जगह पर एबी व आर्म्ड केबल डाले जाए।
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क्या बोले अधिकारी
पहले चरण में आठ हजार करोड़ रुपये से 65 लाख उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। शहर से गांव तक सभी खुली लाइनों की जगह एबी केबल डाला जाएगा। इससे बिजली चोरी रुकेगी। प्रीपेड मीटर लगाने से विभाग को एडवांस धनराशि मिलेगी। - अरविंद मल्लप्पा बंगारी, एमडी पीवीवीएनएल मेरठ