{"_id":"6908d2d7de20e1b0c100d70b","slug":"allegations-of-misleading-officials-with-fake-signatures-demand-for-investigation-meerut-news-c-44-1-smrt1055-110279-2025-11-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: फर्जी हस्ताक्षरों से अधिकारियों को गुमराह करने का आरोप, जांच की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: फर्जी हस्ताक्षरों से अधिकारियों को गुमराह करने का आरोप, जांच की मांग
विज्ञापन
सभासदों ने डीएम को भेजा पत्र, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर पालिका के सभासदों ने कुछ सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर कर अधिकारियों को गुमराह करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया है। इस संबंध में सभासदों ने जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र भेजकर मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है।
सभासद आशीष त्यागी ने बताया कि नगर पालिका में इस समय मात्र दो लिपिक कार्यरत हैं। इसके चलते कार्यालय संचालन और जन उपयोगी योजनाओं का कार्य प्रभावित हो रहा है। 15 सितंबर को आयोजित बोर्ड बैठक में प्रस्ताव संख्या 7(13) के तहत यह निर्णय लिया गया था कि चतुर्थ श्रेणी और सफाई संवर्ग के अनुभवी कर्मचारियों से अस्थायी रूप से कार्यालय कार्य में सहयोग लिया जाएगा। यह प्रस्ताव अध्यक्ष और सभी बोर्ड सदस्यों की सहमति से पारित किया गया था।
सभासदों का आरोप है कि कुछ सदस्यों ने प्रधान लिपिक विपिन शर्मा के प्रभाव में आकर फर्जी हस्ताक्षरयुक्त पत्र और शपथपत्र तैयार कर उच्चाधिकारियों को यह कहते हुए भेजा कि उक्त प्रस्ताव को निरस्त कर दिया जाए और कर्मचारियों को उनके मूल पदों पर वापस भेजा जाए। आरोप लगाने वाले सभासदों ने मांग की है कि संबंधित पत्रों पर दर्ज सभी हस्ताक्षरों के सत्यापन के लिए जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि बोर्ड द्वारा पारित पूर्व प्रस्ताव को यथावत लागू रखा जाए, ताकि कार्यालय का कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके।
विज्ञापन
इस प्रकरण की प्रतिलिपि मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), उप जिलाधिकारी सरधना, अध्यक्ष एवं अधिशासी अधिकारी नगर पालिका सरधना को भी प्रेषित की गई है। पत्र भेजने वालों में सभासद शानू जैन, राहुल पाल, अंजलि आदि शामिल हैं।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर पालिका के सभासदों ने कुछ सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर कर अधिकारियों को गुमराह करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया है। इस संबंध में सभासदों ने जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र भेजकर मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है।
सभासद आशीष त्यागी ने बताया कि नगर पालिका में इस समय मात्र दो लिपिक कार्यरत हैं। इसके चलते कार्यालय संचालन और जन उपयोगी योजनाओं का कार्य प्रभावित हो रहा है। 15 सितंबर को आयोजित बोर्ड बैठक में प्रस्ताव संख्या 7(13) के तहत यह निर्णय लिया गया था कि चतुर्थ श्रेणी और सफाई संवर्ग के अनुभवी कर्मचारियों से अस्थायी रूप से कार्यालय कार्य में सहयोग लिया जाएगा। यह प्रस्ताव अध्यक्ष और सभी बोर्ड सदस्यों की सहमति से पारित किया गया था।
विज्ञापन
सभासदों का आरोप है कि कुछ सदस्यों ने प्रधान लिपिक विपिन शर्मा के प्रभाव में आकर फर्जी हस्ताक्षरयुक्त पत्र और शपथपत्र तैयार कर उच्चाधिकारियों को यह कहते हुए भेजा कि उक्त प्रस्ताव को निरस्त कर दिया जाए और कर्मचारियों को उनके मूल पदों पर वापस भेजा जाए। आरोप लगाने वाले सभासदों ने मांग की है कि संबंधित पत्रों पर दर्ज सभी हस्ताक्षरों के सत्यापन के लिए जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि बोर्ड द्वारा पारित पूर्व प्रस्ताव को यथावत लागू रखा जाए, ताकि कार्यालय का कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके।
विज्ञापन
इस प्रकरण की प्रतिलिपि मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), उप जिलाधिकारी सरधना, अध्यक्ष एवं अधिशासी अधिकारी नगर पालिका सरधना को भी प्रेषित की गई है। पत्र भेजने वालों में सभासद शानू जैन, राहुल पाल, अंजलि आदि शामिल हैं।