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Meerut News: कालंद के तालाब पर कब्जे का आरोप, पैमाइश की उठाई मांग
Wed, 11 Mar 2026 06:53 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Wed, 11 Mar 2026 06:53 PM IST
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ग्रामीणों ने एसडीएम से की शिकायत, बीडीओ को जांच के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। तहसील के गांव कालंद स्थित ग्राम सभा के तालाब की भूमि पर अवैध अतिक्रमण का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। ग्रामीणों ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर तालाब की पूरी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और उसके संपूर्ण क्षेत्र की सफाई व जीर्णोद्धार कराने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार राजस्व अभिलेखों में दर्ज इस सार्वजनिक तालाब का कुल क्षेत्रफल लगभग 33 बीघा है। वर्तमान में लघु सिंचाई विभाग की ओर से तालाब की सफाई का कार्य कराया जा रहा है, लेकिन विभाग केवल लगभग 15 बीघा क्षेत्र में ही सफाई करा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शेष करीब 18 बीघा भूमि पर कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया है। यदि केवल 15 बीघा क्षेत्र में ही सफाई का कार्य पूरा घोषित कर दिया गया तो बाकी भूमि पर अतिक्रमण स्थायी हो सकता है और भविष्य में तालाब का अस्तित्व समाप्त होने का खतरा पैदा हो जाएगा।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि संबंधित राजस्व अधिकारियों से तालाब की पैमाइश कराई जाए। पूरी 33 बीघा भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए तथा लघु सिंचाई विभाग को तालाब के पूरे क्षेत्र में सफाई और गहरीकरण कराने के निर्देश दिए जाएं। इस दौरान अक्षय, ललित कुमार, मोहित त्यागी, अमित कुमार, मनोज आदि शामिल रहे। एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने तहसीलदार और बीडीओ सरूरपुर को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
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सरधना। तहसील के गांव कालंद स्थित ग्राम सभा के तालाब की भूमि पर अवैध अतिक्रमण का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। ग्रामीणों ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर तालाब की पूरी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और उसके संपूर्ण क्षेत्र की सफाई व जीर्णोद्धार कराने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार राजस्व अभिलेखों में दर्ज इस सार्वजनिक तालाब का कुल क्षेत्रफल लगभग 33 बीघा है। वर्तमान में लघु सिंचाई विभाग की ओर से तालाब की सफाई का कार्य कराया जा रहा है, लेकिन विभाग केवल लगभग 15 बीघा क्षेत्र में ही सफाई करा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शेष करीब 18 बीघा भूमि पर कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया है। यदि केवल 15 बीघा क्षेत्र में ही सफाई का कार्य पूरा घोषित कर दिया गया तो बाकी भूमि पर अतिक्रमण स्थायी हो सकता है और भविष्य में तालाब का अस्तित्व समाप्त होने का खतरा पैदा हो जाएगा।
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ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि संबंधित राजस्व अधिकारियों से तालाब की पैमाइश कराई जाए। पूरी 33 बीघा भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए तथा लघु सिंचाई विभाग को तालाब के पूरे क्षेत्र में सफाई और गहरीकरण कराने के निर्देश दिए जाएं। इस दौरान अक्षय, ललित कुमार, मोहित त्यागी, अमित कुमार, मनोज आदि शामिल रहे। एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने तहसीलदार और बीडीओ सरूरपुर को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
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