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Meerut News: पालिका में भ्रष्टाचार के आरोप, नियुक्तियों और सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल
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अधिकारियों और सभासदों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की
सरधना। नगर पालिका में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं। संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने पालिका अधिकारियों और कुछ सभासदों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पालिका में शासन द्वारा नियुक्त सफाईकर्मियों से वास्तविक सफाई कार्य न लेकर उन्हें कार्यालय कामों में लगा दिया गया है। इससे न केवल नगर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि यह शासनादेशों का सीधा उल्लंघन भी है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पालिका द्वारा आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्तियों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है।
आरोप है कि सफाईकर्मियों की भर्ती के नाम पर प्रत्येक व्यक्ति से एक लाख रुपये तक की राशि वसूली जा रही है। इसके साथ ही, कुछ कार्यवाहक सफाई नायकों के परिजनों के नाम भी नियुक्तियों में शामिल बताए जा रहे हैं। शिकायत में यह भी कहा गया कि कई कर्मचारियों को बिना कार्य के ही वेतन देने की तैयारी की जा रही है, जो कि भ्रष्टाचार की चरम सीमा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि इस पूरे मामले की गोपनीय जांच कराई जाए तो पालिका में व्याप्त अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की परतें उजागर हो सकती हैं।
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उन्होंने मांग की कि सभी नियुक्तियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। जो कर्मचारी जिस पद पर नियुक्त हैं, उनसे उसी के अनुरूप वास्तविक कार्य लिया जाए। शिकायत पत्र देने में शाखा उपाध्यक्ष सुगन चंद धिंगान व शाखा अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। फिलहाल, इस मामले पर नगर पालिका प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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सरधना। नगर पालिका में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं। संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने पालिका अधिकारियों और कुछ सभासदों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पालिका में शासन द्वारा नियुक्त सफाईकर्मियों से वास्तविक सफाई कार्य न लेकर उन्हें कार्यालय कामों में लगा दिया गया है। इससे न केवल नगर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि यह शासनादेशों का सीधा उल्लंघन भी है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पालिका द्वारा आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्तियों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है।
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आरोप है कि सफाईकर्मियों की भर्ती के नाम पर प्रत्येक व्यक्ति से एक लाख रुपये तक की राशि वसूली जा रही है। इसके साथ ही, कुछ कार्यवाहक सफाई नायकों के परिजनों के नाम भी नियुक्तियों में शामिल बताए जा रहे हैं। शिकायत में यह भी कहा गया कि कई कर्मचारियों को बिना कार्य के ही वेतन देने की तैयारी की जा रही है, जो कि भ्रष्टाचार की चरम सीमा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि इस पूरे मामले की गोपनीय जांच कराई जाए तो पालिका में व्याप्त अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की परतें उजागर हो सकती हैं।
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उन्होंने मांग की कि सभी नियुक्तियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। जो कर्मचारी जिस पद पर नियुक्त हैं, उनसे उसी के अनुरूप वास्तविक कार्य लिया जाए। शिकायत पत्र देने में शाखा उपाध्यक्ष सुगन चंद धिंगान व शाखा अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। फिलहाल, इस मामले पर नगर पालिका प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।