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Meerut News: पुलिस पर फर्जी विवेचना, पुत्र गुमशुदगी के आरोप, न्याय की मांग
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- पीड़ित पिता ने एसएसपी को दिया शिकायती पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। कस्बे के मोहल्ला सराय भटियारी निवासी मेहराजुद्दीन ने एसएसपी को शिकायत पत्र सौंपा है। उन्होंने वर्ष 2010 के एक मामले में पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मेहराजुद्दीन का आरोप है कि उनके पुत्र को फर्जी तरीके से जेल भेजा गया और बाद में वह गायब हो गया।
मेहराजुद्दीन ने बताया कि वर्ष 2010 में थाना सरधना में उनके और पुत्र नाजिम के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। उनका कहना है कि इस मुकदमे की विवेचना फर्जी एफआईआर संख्या पर की गई। यह एफआईआर संख्या न्यायालय की फाइल में मौजूद नहीं है। इस प्रकरण की जांच नौ अलग-अलग अधिकारियों ने विभिन्न समयों पर की। मेहराजुद्दीन का आरोप है कि तत्कालीन दरोगा ने 21 सितंबर 2010 को उन्हें झूठा गवाह बनाकर जेल भेज दिया था। बाद में एसआईएस और एंटी करप्शन की जांच में उनकी नामजदगी झूठी पाई गई। इसके बावजूद आरोपी निरीक्षक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। मेहराजुद्दीन ने दोषी पुलिस अधिकारियों और निरीक्षकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने न्याय दिलाने की अपील की है।
पुत्र की गुमशुदगी और जांच पर सवाल
मेहराजुद्दीन का पुत्र नाजिम रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गया था। इस संबंध में पूर्व थाना प्रभारी रामतीर्थ और एसआई आशुतोष के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। आरोप है कि एसआईएस के निरीक्षक ने उस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। जबकि दूसरे मुकदमे में चार्जशीट दाखिल कर दी गई। आज तक नाजिम बरामद नहीं हो सका है।
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डीजीपी कार्यालय के आदेशों की अनदेखी
मेहराजुद्दीन का कहना है कि डीजीपी कार्यालय के स्पष्ट आदेश थे। इसके बावजूद जांच में केवल औपचारिकताएं पूरी की गईं। कई महत्वपूर्ण तथ्यों को दबाया गया। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की जा चुकी है। मेहराजुद्दीन ने सभी नौ निरीक्षकों और झूठा फंसाने वाले तत्कालीन निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि शिकायती पत्र के आधार पर आरोपों की जांच कराई जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। कस्बे के मोहल्ला सराय भटियारी निवासी मेहराजुद्दीन ने एसएसपी को शिकायत पत्र सौंपा है। उन्होंने वर्ष 2010 के एक मामले में पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मेहराजुद्दीन का आरोप है कि उनके पुत्र को फर्जी तरीके से जेल भेजा गया और बाद में वह गायब हो गया।
मेहराजुद्दीन ने बताया कि वर्ष 2010 में थाना सरधना में उनके और पुत्र नाजिम के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। उनका कहना है कि इस मुकदमे की विवेचना फर्जी एफआईआर संख्या पर की गई। यह एफआईआर संख्या न्यायालय की फाइल में मौजूद नहीं है। इस प्रकरण की जांच नौ अलग-अलग अधिकारियों ने विभिन्न समयों पर की। मेहराजुद्दीन का आरोप है कि तत्कालीन दरोगा ने 21 सितंबर 2010 को उन्हें झूठा गवाह बनाकर जेल भेज दिया था। बाद में एसआईएस और एंटी करप्शन की जांच में उनकी नामजदगी झूठी पाई गई। इसके बावजूद आरोपी निरीक्षक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। मेहराजुद्दीन ने दोषी पुलिस अधिकारियों और निरीक्षकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने न्याय दिलाने की अपील की है।
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पुत्र की गुमशुदगी और जांच पर सवाल
मेहराजुद्दीन का पुत्र नाजिम रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गया था। इस संबंध में पूर्व थाना प्रभारी रामतीर्थ और एसआई आशुतोष के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। आरोप है कि एसआईएस के निरीक्षक ने उस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। जबकि दूसरे मुकदमे में चार्जशीट दाखिल कर दी गई। आज तक नाजिम बरामद नहीं हो सका है।
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डीजीपी कार्यालय के आदेशों की अनदेखी
मेहराजुद्दीन का कहना है कि डीजीपी कार्यालय के स्पष्ट आदेश थे। इसके बावजूद जांच में केवल औपचारिकताएं पूरी की गईं। कई महत्वपूर्ण तथ्यों को दबाया गया। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की जा चुकी है। मेहराजुद्दीन ने सभी नौ निरीक्षकों और झूठा फंसाने वाले तत्कालीन निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि शिकायती पत्र के आधार पर आरोपों की जांच कराई जाएगी।