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Meerut News: तेल कंपनी के नाम पर 39 लाख की ठगी का आरोप
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-कोर्ट के आदेश के बाद तीन आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। तेल की आपूर्ति के नाम पर तीन आरोपियों द्वारा एक जनरेटर कंपनी से करीब 39 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। आरोप है कि दिल्ली की एक तेल कंपनी ने रकम आरटीजीएस के जरिये लेने के बाद दो दिन में औद्योगिक तेल पहुंचाने का भरोसा दिया, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी तेल नहीं पहुंचा। कंपनी की ओर से भेजे गए ट्रक नंबर और चालक का विवरण भी जांच में फर्जी आया। कोर्ट के आदेश पर लालकुर्ती पुलिस ने तीन आरोपियों तपस रंजन पटनायक, रंजीता पटनायक और आशुतोष पटनायक के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर ली।
लालकुर्ती थाना क्षेत्र निवासी सरबजीत नैय्यर ने कोर्ट के आदेश के बाद बृहस्पतिवार को प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया कि वह जनरेटर हाईरिंग कंपनी में अभिकर्ता हैं। कंपनी को औद्योगिक तेल की आवश्यकता होती है। जैडपीएस ऑयल एंड गैस प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने कंपनी को शुद्ध प्राकृतिक तेल उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
10 जून 2026 को नैय्यर जनरेटर हाईरिंग कंपनी के खाते से तेल खरीदने के लिए करीब 39 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से कंपनी के बैंक खाते में भेजे गए। रकम मिलने के बाद आरोपियों ने व्हाट्सएप के माध्यम से संदेश भेजकर बताया कि औद्योगिक तेल लेकर ट्रक रवाना हो गया है। ट्रक नंबर और चालक का नाम भी भेजा गया। साथ ही दो दिन के भीतर तेल पहुंचने का आश्वासन दिया गया।
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पीड़ित के अनुसार इंतजार के बावजूद तेल नहीं पहुंचा। जानकारी करने पर पता चला कि ट्रक नंबर और चालक का विवरण भी फर्जी था। इसके बाद कंपनी के कार्यालय और उसके बताए पते को लेकर भी संदेह पैदा हुआ। आरोप है कि कंपनी के संचालक संगठित तरीके से लोगों से रकम लेकर धोखाधड़ी कर रहे हैं और ठगी के बाद अपना स्थान बदल लेते हैं। आरोपियों पर विकास रस्तौगी नाम के एक अन्य व्यक्ति से भी करीब 44 लाख रुपये की ठगी का आरोप है।
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले का कहना है कि आरोपियों पर धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। तेल की आपूर्ति के नाम पर तीन आरोपियों द्वारा एक जनरेटर कंपनी से करीब 39 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। आरोप है कि दिल्ली की एक तेल कंपनी ने रकम आरटीजीएस के जरिये लेने के बाद दो दिन में औद्योगिक तेल पहुंचाने का भरोसा दिया, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी तेल नहीं पहुंचा। कंपनी की ओर से भेजे गए ट्रक नंबर और चालक का विवरण भी जांच में फर्जी आया। कोर्ट के आदेश पर लालकुर्ती पुलिस ने तीन आरोपियों तपस रंजन पटनायक, रंजीता पटनायक और आशुतोष पटनायक के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर ली।
लालकुर्ती थाना क्षेत्र निवासी सरबजीत नैय्यर ने कोर्ट के आदेश के बाद बृहस्पतिवार को प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया कि वह जनरेटर हाईरिंग कंपनी में अभिकर्ता हैं। कंपनी को औद्योगिक तेल की आवश्यकता होती है। जैडपीएस ऑयल एंड गैस प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने कंपनी को शुद्ध प्राकृतिक तेल उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
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10 जून 2026 को नैय्यर जनरेटर हाईरिंग कंपनी के खाते से तेल खरीदने के लिए करीब 39 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से कंपनी के बैंक खाते में भेजे गए। रकम मिलने के बाद आरोपियों ने व्हाट्सएप के माध्यम से संदेश भेजकर बताया कि औद्योगिक तेल लेकर ट्रक रवाना हो गया है। ट्रक नंबर और चालक का नाम भी भेजा गया। साथ ही दो दिन के भीतर तेल पहुंचने का आश्वासन दिया गया।
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पीड़ित के अनुसार इंतजार के बावजूद तेल नहीं पहुंचा। जानकारी करने पर पता चला कि ट्रक नंबर और चालक का विवरण भी फर्जी था। इसके बाद कंपनी के कार्यालय और उसके बताए पते को लेकर भी संदेह पैदा हुआ। आरोप है कि कंपनी के संचालक संगठित तरीके से लोगों से रकम लेकर धोखाधड़ी कर रहे हैं और ठगी के बाद अपना स्थान बदल लेते हैं। आरोपियों पर विकास रस्तौगी नाम के एक अन्य व्यक्ति से भी करीब 44 लाख रुपये की ठगी का आरोप है।
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले का कहना है कि आरोपियों पर धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।