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पत्नी की हत्या करने वाले को उम्रकैद
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पत्नी की हत्या करने वाले को उम्रकैद
मेरठ। अपर जिला जज कोर्ट संख्या 15 हर्ष अग्रवाल की अदालत ने पत्नी की हत्या के आरोपी पति सगीर निवासी ग्राम सिवाया को आजीवन कारावास व पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष की ओर से उपस्थित डीजीसी क्रिमिनल ब्रज भूषण गर्ग ने बताया कि वादी शहजाद ने थाना दौराला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बहन फरजाना की शादी सिवाया के रहने वाले सगीर के साथ हुई थी। शुरू से ही ससुराल वाले दान दहेज से खुश नहीं थे। उसकी बहन के साथ झगड़ा करते थे। उसकी बहन के बेटी हुई तो वे आर्थिक तंगी के कारण छूछक भी नहीं दे सके।
11 नवंबर 2014 को उसकी बहन ने फोन पर बताया कि छूछक न देने की वजह से ससुराल वाले मारपीट कर रहे हैं। जब फरजाना की मां मुन्नी और छोटा भाई समीर उसके ससुराल पहुंचे तो देखा कि छत के गार्डर में रस्सी का फंदा लगाकर पति सगीर, उसके भाई गुलजार व मां ने फरजाना को लटका रखा है। पुलिस ने जांच कर आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र पेश किया।
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दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने हत्यारे पति सगीर को आजीवन कारावास व पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। इस मामले में खास बात यह रही कि मृतका के भाई वादी शहजाद व समीर और मां मुन्नी अदालत में अपने बयानों से मुकर गए। अदालत ने इन तीनों के खिलाफ भी मिथ्या साक्ष्य देने के जुर्म में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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मेरठ। अपर जिला जज कोर्ट संख्या 15 हर्ष अग्रवाल की अदालत ने पत्नी की हत्या के आरोपी पति सगीर निवासी ग्राम सिवाया को आजीवन कारावास व पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष की ओर से उपस्थित डीजीसी क्रिमिनल ब्रज भूषण गर्ग ने बताया कि वादी शहजाद ने थाना दौराला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बहन फरजाना की शादी सिवाया के रहने वाले सगीर के साथ हुई थी। शुरू से ही ससुराल वाले दान दहेज से खुश नहीं थे। उसकी बहन के साथ झगड़ा करते थे। उसकी बहन के बेटी हुई तो वे आर्थिक तंगी के कारण छूछक भी नहीं दे सके।
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11 नवंबर 2014 को उसकी बहन ने फोन पर बताया कि छूछक न देने की वजह से ससुराल वाले मारपीट कर रहे हैं। जब फरजाना की मां मुन्नी और छोटा भाई समीर उसके ससुराल पहुंचे तो देखा कि छत के गार्डर में रस्सी का फंदा लगाकर पति सगीर, उसके भाई गुलजार व मां ने फरजाना को लटका रखा है। पुलिस ने जांच कर आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र पेश किया।
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दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने हत्यारे पति सगीर को आजीवन कारावास व पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। इस मामले में खास बात यह रही कि मृतका के भाई वादी शहजाद व समीर और मां मुन्नी अदालत में अपने बयानों से मुकर गए। अदालत ने इन तीनों के खिलाफ भी मिथ्या साक्ष्य देने के जुर्म में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।