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एग्रीजंक्शन... युवाओं को बनाया जाएगा उद्यमी
Thu, 10 Jul 2025 12:17 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Thu, 10 Jul 2025 12:17 AM IST
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शामली। जनपद में किसानों के लिए कृषि विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन (एग्रीजंक्शन) योजना में जनपद शामली में पांच केंद्र खोले जाएंगे।
उप कृषि निदेशक प्रमोद कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार कृषि स्नातकों के लिए रोजगार का अवसर लाई है। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन (एग्रीजंक्शन) योजना की शुरूआत की है। जिसके तहत कृषि, डेयरी या फिर हॉर्टिकल्चर की पढ़ाई करने वालों को उद्यमी बनाया जाएगा। चयनित युवाओं को सरकार उद्यम चलाने का प्रशिक्षण देने के साथ-साथ खाद, बीज और दवा आदि की बिक्री करने का मुफ्त लाइसेंस भी देगी।
इसके साथ ही चयनित युवाओं को सरकार की तरफ से लोन भी दिया जाएगा। इससे युवा अपना उद्यम स्थापित कर पाएं। इसके लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कृषि एवं संबद्ध विषयों में स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। योजना के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष तय की गई है।
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कृषि स्नातक, कृषि व्यवसाय प्रबंधन स्नातक, कृषि विषय से पढ़ने वाले युवा 15 जुलाई तक इसका आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्रों की संख्या अधिक होने पर जिला स्तरीय समिति चयन करेगी। चयनित युवाओं को उद्यम स्थापना व संचालन का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। कृषि व्यवसाय के लिए जरूरी लाइसेंस फीस में छूट मिलेगी। बैंक से ऋण के ब्याज पर 7.5 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। केंद्र के लिए एक हजार रुपये प्रति माह किराया भी मिलेगा।
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उप कृषि निदेशक प्रमोद कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार कृषि स्नातकों के लिए रोजगार का अवसर लाई है। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन (एग्रीजंक्शन) योजना की शुरूआत की है। जिसके तहत कृषि, डेयरी या फिर हॉर्टिकल्चर की पढ़ाई करने वालों को उद्यमी बनाया जाएगा। चयनित युवाओं को सरकार उद्यम चलाने का प्रशिक्षण देने के साथ-साथ खाद, बीज और दवा आदि की बिक्री करने का मुफ्त लाइसेंस भी देगी।
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इसके साथ ही चयनित युवाओं को सरकार की तरफ से लोन भी दिया जाएगा। इससे युवा अपना उद्यम स्थापित कर पाएं। इसके लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कृषि एवं संबद्ध विषयों में स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। योजना के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष तय की गई है।
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कृषि स्नातक, कृषि व्यवसाय प्रबंधन स्नातक, कृषि विषय से पढ़ने वाले युवा 15 जुलाई तक इसका आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्रों की संख्या अधिक होने पर जिला स्तरीय समिति चयन करेगी। चयनित युवाओं को उद्यम स्थापना व संचालन का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। कृषि व्यवसाय के लिए जरूरी लाइसेंस फीस में छूट मिलेगी। बैंक से ऋण के ब्याज पर 7.5 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। केंद्र के लिए एक हजार रुपये प्रति माह किराया भी मिलेगा।