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भाजपा में कई बड़े नेताओं पर गिर सकती है गाज, बूथ स्तर पर होगी चुनाव की समीक्षा
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, मेरठ
Updated Sat, 02 Jun 2018 02:33 PM IST
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उपचुनाव के परिणाम भाजपा के लिए चिंता का विषय बन गए हैं। पहले फूलपुर और गोरखपुर लोकसभा के उपचुनाव में भाजपा को करारी शिकस्त मिली और अब वेस्ट यूपी के कैराना लोकसभा के साथ नूरपुर विधानसभा में भी हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में अब चर्चाओं के बीच एक-दो बड़े नेताओं सहित कई पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
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फूलपुर और गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव में हार को भाजपा नेता पचा गये थे। लेकिन पश्चिमी क्षेत्र में कैराना और नूरपुर विधानसभा उपचुनाव को लोकसभा चुनाव 2019 का ट्रायल माना जा रहा था। इसलिए इस उपचुनाव में भाजपा ने पूरी ताकत झोंक रखी थी, वहीं केंद्रीय नेतृत्व के साथ संघ परिवार की भी पूरे चुनाव पर नजर थी। चुनाव परिणाम आने के बाद अब भाजपा में मंथन शुरू हो गया है। एक तरफ जहां चुनाव में काम करने वाले तमाम नेताओं की गोपनीय रिपोर्ट मांगी गई है, तो दूसरी तरफ बूथ स्तर से भी रिपोर्ट तलब हो रही है। ताकि पता चल सके कि जिस नेता की जहां पर ड्यूटी थी, वहां के बूथों पर क्या स्थिति रही।
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इसके अतिरिक्त इस पूरे चुनाव संचालन में प्रांतीय नेताओं की भूमिका को लेकर भी पड़ताल शुरू हो गई है। क्योंकि लंबे समय से भाजपा के एक प्रांतीय नेता को लेकर संगठन में भारी असंतोष है। इन नेता पर तानाशाही के बीच अभद्र व्यवहार के आरोप हैं। वहीं शासन प्रशासन में भी इनका हस्तक्षेप बहुत ज्यादा है।
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इन्हीं वरिष्ठ नेता को लेकर सोशल मीडिया पर जहां पहले भी कई बार हमले हो चुके हैं, वहीं कैराना हार के बाद भी इन्हें निशाना बनाया गया। इसके अलावा सरकार में मंत्री बनकर बैठे विधायकों का रिपोर्ट कार्ड भी तलाशा जाएगा। क्योंकि हार के पीछे आरोप है कि कई मंत्री पूरी तरह निष्क्रिय होने के साथ जनता के साथ ठीक से संवाद स्थापित नहीं कर पा रहे हैं।