जयंत बोले: 'युवाओं में सीखने की सोच करनी होगी विकसित, सिर्फ डिग्री हासिल करना जरूरी नहीं, सीखना भी जरूरी'
राष्ट्रीय लोकदल के सुप्रीमो चौधरी जयंत सिंह केंद्रीय मंत्री बनने के बाद आज पहली बार मेरठ पहुंचे। यहां उन्होंने सीसीएसयू में एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया और सरधना में एक हाॅस्पिटल व ट्राॅमा सेंटर का उद्घाटन किया।
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राष्ट्रीय लोकदल के मुखिया केंद्रीय स्वतंत्र राज्यमंत्री कौशल विकास व उद्यमशीलता और शिक्षा राज्यमंत्री चौधरी जयंत चौधरी ने दुनिया के आर्थिक स्ट्रक्चर में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। कृषि के क्षेत्र में नई तकनीक सामने आ रही है। इसके लिए हमें अपने आपको तैयार करना होगा तथा अपने नौजवानो में जीवनपर्यन्त सीखने की सोच विकसित करनी होगी। सिर्फ डिग्री हासिल करना जरुरी नहीं है, ताउम्र सीखना भी जरुरी है। जीवन भर अपने आपको निरंतरता के साथ कौशल सीखना चाहिए।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सुभाष चन्द्र बोस प्रेक्षागृह में दो दिवसीय जन संस्थान की जोनल कांफ्रेंस में मुख्य अतिथि के रूप में जयंत सिंह ने युवाओं को कॅरियर और शिक्षा से जुड़ी जानकारी दी। साथ ही कौशल विकास विभाग की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के बारे में बताया।
कहा, स्किल इंडिया डिजिटल हब पोर्टल की जानकारी दी जा रही है। सरकारी योजनाएं तब अच्छी चलती है, जब नागरिक भी स्वयं जागरूक रहें। आज पंचायत स्तर पर युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देना बहुत जरुरी है। युवाओं को अपनी क्षमताओं को पहचानना होगा तभी आगे बढकर वे बेहतर नेतृत्व कर सकते है। जन शिक्षण संस्थान गरीब क्षेत्र के लाभ के लिए बनाई गई है। जन शिक्षण संस्थान से अनेक संस्थाएं जुडी हुई है। पीएम कौशल विकास योजना इस मंत्रालय से जुडी सबसे बड़ी स्कीम है। उन्होने सभागार में उपस्थित जनों से इन योजनाओ का लाभ उठाने की अपील की।
मंत्री बनने के बाद पहली बार मेरठ आए चौधरी जयंत सिंह ने गार्द सलामी ली। दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारं किया। चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। साथ ही प्रदर्शनी का फीता काटकर शुभारंभ किया। प्रदर्शनी का अवलोकन कर उत्साहवर्धन किया। विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया।
विपक्ष में थे तो तलवारें भेंट होती थी, अब फूल और शॉल मिलते है
मंच से अपने संबोधन के दौरान जयंत सिंह ने विपक्ष पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए कहा, जब हम विपक्ष में थे, तब हमें गदा-तलवार भेंट में मिलती थी। भाजपा के साथ सत्ता में आए है तो अब फूल और शॉल व पौधे की भेंट मिलती है। अब हम सरकार में है तो देश के विकास के लिए बेहतर फैसले कर सकते है।
शिक्षकों की डिजिटल हाजरी सही है
जयंत सिंह ने कहा कि शिक्षकों की डिजिटल अटेंडेंस का फैसला बिल्कुल सही है। हमें टेक्नोलॉजी से बचना नहीं चाहिए, बल्कि लाभ उठाना चाहिए। इससे पारदर्शिता आती है। उन सभी शिक्षकों को उनकी शपथ याद दिलाता हूं जो उन्होंने ज्वाइनिंग के दौरान ली थी। हमारी प्राथमिकता में बच्चे और उनकी शिक्षा होनी चाहिए।