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जगन्नाथ यात्रा में करंट से मौत: बारिश में नंगे पैर रथ खींच रहे थे श्रद्धालु, करंट लगते ही एक-एक कर गिरते रहे
Fri, 24 Jul 2026 11:15 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Mohd Mustakim
Updated Fri, 24 Jul 2026 11:15 PM IST
सार
Meerut News: मेरठ के परीक्षितगढ़ में भगवान जगन्नाथ यात्रा के रथ में हाइटेंशन लाइन का करंट उतर आया। एक युवक की मौत हो गई, जबकि 14 लोग झुलस गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विधि-विधान से पूजा पूरी होने से पहले ही रथ को आगे बढ़ा दिया गया था।
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सचिन की फाइल फोटो और वह रथ, जिसमें करंट उतरा।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
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Youth dies of electrocution: भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान शुक्रवार को परीक्षितगढ़ में बड़ा हादसा हो गया। रथ का ध्वज हाईटेंशन लाइन से टकराने पर पूरे रथ में करंट उतर आया। हादसे के समय श्रद्धालु नंगे पैर रथ खींच रहे थे और कुछ लोग रथ पर सवार थे। करंट की चपेट में आने से 15 श्रद्धालु झुलस गए। सभी को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां मोहल्ला गंधार निवासी सचिन (25) को मृत घोषित कर दिया गया। चार श्रद्धालु अधिक झुलसे हैं, जबकि अन्य की हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
मौके पर पहुंची पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
परीक्षितगढ़ स्थित ओम पब्लिक स्कूल में 18 जुलाई से धार्मिक आयोजन चल रहा था। आयोजक अतुल शर्मा और संजीव शर्मा के अनुसार कार्यक्रम की शुरुआत कलश यात्रा से हुई थी और शुक्रवार को सातवीं जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली जानी थी। दोपहर करीब डेढ़ बजे रथ यात्रा शुरू करने से पहले पूजा-पाठ की तैयारियां चल रही थीं। इसी बीच तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के दौरान कुछ श्रद्धालुओं ने रथ को आगे बढ़ा दिया। उस समय तक न नारियल फोड़ा गया था और न ही विधि-विधान से पूजा संपन्न हुई थी। इसे लेकर कुछ श्रद्धालुओं ने आपत्ति भी जताई लेकिन रथ आगे बढ़ चुका था।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक श्रद्धालु रस्सियों के सहारे नंगे पैर रथ खींच रहे थे। रथ यात्रा अभी रजवाहे की पटरी तक पहुंची ही थी और करीब दस मीटर की दूरी तय कर पाई थी कि हादसा हो गया। सड़क ऊंची होने के कारण रथ का ध्वज ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। ध्वज के लाइन से टकराते ही रथ में करंट फैल गया और उसे खींच रहे तथा उस पर सवार श्रद्धालु उसकी चपेट में आ गए।
हादसे की सूचना मिलते ही एसएसपी अविनाश पांडेय, उप जिलाधिकारी मवाना संतोष कुमार और एसपी देहात अभिजीत कुमार मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने घायलों के उपचार की जानकारी ली और हादसे की जांच के निर्देश दिए।
हादसे की सूचना मिलते ही एसएसपी अविनाश पांडेय, उप जिलाधिकारी मवाना संतोष कुमार और एसपी देहात अभिजीत कुमार मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने घायलों के उपचार की जानकारी ली और हादसे की जांच के निर्देश दिए।
मौके पर चीख-पुकार मच गई
अचानक करंट फैलने से कई श्रद्धालु जमीन पर गिर पड़े। रथ पर सवार लखीमपुर खीरी निवासी महाराज भारतदास (63) भी झुलस गए। देखते ही देखते मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी फैल गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और घायलों को परीक्षितगढ़ सीएचसी, पल्स अस्पताल और बालाजी अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से झुलसे श्रद्धालुओं में सचिन समेत कुछ लोगों को मेरठ के अस्पताल भेजा गया। उपचार के दौरान चिकित्सकों ने सचिन को मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि सचिन अविवाहित था और मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था।
अचानक करंट फैलने से कई श्रद्धालु जमीन पर गिर पड़े। रथ पर सवार लखीमपुर खीरी निवासी महाराज भारतदास (63) भी झुलस गए। देखते ही देखते मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी फैल गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और घायलों को परीक्षितगढ़ सीएचसी, पल्स अस्पताल और बालाजी अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से झुलसे श्रद्धालुओं में सचिन समेत कुछ लोगों को मेरठ के अस्पताल भेजा गया। उपचार के दौरान चिकित्सकों ने सचिन को मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि सचिन अविवाहित था और मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था।
ये श्रद्धालु झुलसे
हादसे में गुड्डी, वतनदीप, सोमेश, मदलपाल, मोहित, चेतन, विशेष धामा, पीरू, यश, महेश शर्मा, प्रियांक, विवेक, राजेश मिश्र और लता आदि श्रद्धालु भी झुलस गए।
बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना था कि घटना के बाद भी विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि हाईटेंशन लाइन नीचे होने के कारण यह हादसा हुआ।
ये बोले एसपी
यात्रा के दौरान एक झांकी बिजली की लाइन से टकरा गई थी, जिससे हादसा हुआ। झुलसे श्रद्धालुओं को पल्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान एक युवक को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि अन्य घायलों की हालत खतरे से बाहर है।
-अभिजीत कुमार, एसपी देहात
हादसे में गुड्डी, वतनदीप, सोमेश, मदलपाल, मोहित, चेतन, विशेष धामा, पीरू, यश, महेश शर्मा, प्रियांक, विवेक, राजेश मिश्र और लता आदि श्रद्धालु भी झुलस गए।
बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना था कि घटना के बाद भी विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि हाईटेंशन लाइन नीचे होने के कारण यह हादसा हुआ।
ये बोले एसपी
यात्रा के दौरान एक झांकी बिजली की लाइन से टकरा गई थी, जिससे हादसा हुआ। झुलसे श्रद्धालुओं को पल्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान एक युवक को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि अन्य घायलों की हालत खतरे से बाहर है।
-अभिजीत कुमार, एसपी देहात
अचानक जोरदार झटका लगा और लोग गिरने लगे, मच गई भगदड़
भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान हुए हादसे से झुलसे श्रद्धालुओं ने उस भयावह मंजर को याद कर सिहर उठे। उनका कहना है कि किसी को अंदाजा नहीं था कि रथ का ध्वज हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ जाएगा। अचानक तेज झटका लगा और देखते ही देखते करंट की चपेट में आए श्रद्धालु एक-एक कर जमीन पर गिरने लगे। कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग एक-दूसरे को संभालने तथा घायलों को बचाने में जुट गए।
भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान हुए हादसे से झुलसे श्रद्धालुओं ने उस भयावह मंजर को याद कर सिहर उठे। उनका कहना है कि किसी को अंदाजा नहीं था कि रथ का ध्वज हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ जाएगा। अचानक तेज झटका लगा और देखते ही देखते करंट की चपेट में आए श्रद्धालु एक-एक कर जमीन पर गिरने लगे। कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग एक-दूसरे को संभालने तथा घायलों को बचाने में जुट गए।
हादसे में झुलसे विशेष धामा ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ भगवान जगन्नाथ का रथ खींच रहा था। अचानक तेज झटका लगा और पूरे शरीर में करंट दौड़ गया। कुछ समझ पाता, उससे पहले वह जमीन पर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद की और अस्पताल पहुंचाया। चेतन ने बताया कि सभी श्रद्धालु बारिश के बीच भगवान जगन्नाथ का रथ खींच रहे थे। अचानक ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन रथ के संपर्क में आ गई। बारिश के कारण रथ भीगा हुआ था। करंट फैलते ही वह नीचे गिर पड़ा। बाद में लोगों ने उसे संभाला और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
मदनपाल ने बताया कि रथ खींचते समय अचानक हाईटेंशन लाइन का करंट उतर आया। झटका इतना तेज था कि उनके हाथ सुन्न हो गए और वह बेहोश होकर गिर पड़े। अस्पताल पहुंचने के बाद ही उन्हें होश आया। महेश शर्मा ने बताया कि हादसा इतनी तेजी से हुआ कि किसी को कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला। करंट लगते ही मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोगों ने तत्काल घायलों को संभाला और अस्पताल पहुंचाने में मदद की। समय पर इलाज मिलने से कई लोगों की जान बच सकी।
छोटे वाहन पर तख्त रख तैयार किया गया था रथ
श्रद्धालुओं के अनुसार भगवान जगन्नाथ का रथ एक पिकअप वाहन (छोटा हाथी) पर तख्त आदि लगाकर तैयार किया गया था। रथ को फूलों और धार्मिक सजावट से सजाया गया था। इसके ऊपर कलश स्थापित किया गया था जबकि सबसे ऊपर ध्वज लगाया गया था। बताया गया कि ध्वज लगाने के लिए लोहे के पाइप का इस्तेमाल किया गया था। आशंका जताई जा रही है कि हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आने के बाद लोहे के पाइप और कलश के माध्यम से करंट नीचे उतरा। बारिश के कारण रथ भीगा हुआ था, जिससे करंट तेजी से फैल गया और रथ पर सवार तथा उसे खींच रहे श्रद्धालु उसकी चपेट में आ गए।
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श्रद्धालुओं के अनुसार भगवान जगन्नाथ का रथ एक पिकअप वाहन (छोटा हाथी) पर तख्त आदि लगाकर तैयार किया गया था। रथ को फूलों और धार्मिक सजावट से सजाया गया था। इसके ऊपर कलश स्थापित किया गया था जबकि सबसे ऊपर ध्वज लगाया गया था। बताया गया कि ध्वज लगाने के लिए लोहे के पाइप का इस्तेमाल किया गया था। आशंका जताई जा रही है कि हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आने के बाद लोहे के पाइप और कलश के माध्यम से करंट नीचे उतरा। बारिश के कारण रथ भीगा हुआ था, जिससे करंट तेजी से फैल गया और रथ पर सवार तथा उसे खींच रहे श्रद्धालु उसकी चपेट में आ गए।
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