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अभ्यर्थियों की भीड़ से चरमराई रोडवेज, रेल व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 30 Jul 2018 02:36 AM IST
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मेरठ
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मेरठ। सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में उमड़ी अभ्यर्थियों की भारी भीड़ के आगे रोडवेज और रेलवे की व्यवस्था पूरी तरह फेल हो गई। बसों से लेकर ट्रेनों तक में महिला अभ्यर्थियों को बैठने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। दिल्ली और सहारनपुर की तरफ जाने वाली कोई भी ऐसी ट्रेन नहीं रही जिसमें भीड़ न हो। जीआरपी और आरपीएफ जवानों को भीड़ को काबू करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। भारी भीड़ के सामने रिजर्वेशन कराने वाले यात्रियों को सीट लेने में हंगामा तक करना पड़ा।
रविवार को शहर में सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा के लिए 75 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा देने के लिए 30 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी और उनके परिजन प्रदेशभर के जिलों से पहुंचे थे। जिला प्रशासन ने रोडवेज को पहले से ही भीड़ को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त बसों का इंतजाम करने को कहा था। लेकिन रविवार को परीक्षा छूटने के बाद भैसाली व सोहराबगेट बस अड्डों पर पहुंची अभ्यर्थियों की भारी भीड़ के आगे इंतजाम बौने साबित हो गए। दिल्ली, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली, बड़ौत, गढ़ व बुलंदशहर आदि जाने वाली बसें पलभर में ही भर गईं। जो भी बस अड्डे पर आती रही अभ्यर्थी चलती बस में ही चढ़ने के लिए भागते रहे। खिड़की के लेकर शीशों के अंदर से अभ्यर्थी घुसते रहे। कई जगह की बसे नहीं मिलनेे पर यात्रियों ने हंगामा किया। रोडवेज आरएम नीरज सक्सेना ने बताया कि परीक्षा की बाबत विभाग ने पर्याप्त बसों का इंतजाम किया था। लेकिन अभ्यर्थियों की ज्यादा भीड़ और जाम में फंसी बसों के समय से अड्डे पर नहीं पहुंचने से कुछ देर के लिए यात्रियों को बस मिलने में देरी हुई थी, जिसे वर्कशाप से बस भेजकर दुरुस्त करा दिया था। यही हाल रेलवे का भी रहा। सिटी स्टेशन से लेकर कैंट स्टेशन तक अभ्यर्थियों की भारी भीड़ उमड़ी। लोकल के अभ्यर्थी पैसेंजर ट्रेनों के जरिये रवाना हुए तो वहीं बाहरी जिलों से आए अभ्यर्थी नौंचदी व संगम एक्सप्रेस से भी रवाना हुए। स्टेशन अधीक्षक आरपी शर्मा ने बताया कि परीक्षा के लिए रेलवे ने स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था नहीं की थी। कुछ अभ्यर्थी रिजर्वेशन कराके आए थे तो अधिकतर ने रिजर्वेशन नहीं होने पर जनरल कोच का सहारा लिया था।
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रविवार को शहर में सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा के लिए 75 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा देने के लिए 30 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी और उनके परिजन प्रदेशभर के जिलों से पहुंचे थे। जिला प्रशासन ने रोडवेज को पहले से ही भीड़ को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त बसों का इंतजाम करने को कहा था। लेकिन रविवार को परीक्षा छूटने के बाद भैसाली व सोहराबगेट बस अड्डों पर पहुंची अभ्यर्थियों की भारी भीड़ के आगे इंतजाम बौने साबित हो गए। दिल्ली, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली, बड़ौत, गढ़ व बुलंदशहर आदि जाने वाली बसें पलभर में ही भर गईं। जो भी बस अड्डे पर आती रही अभ्यर्थी चलती बस में ही चढ़ने के लिए भागते रहे। खिड़की के लेकर शीशों के अंदर से अभ्यर्थी घुसते रहे। कई जगह की बसे नहीं मिलनेे पर यात्रियों ने हंगामा किया। रोडवेज आरएम नीरज सक्सेना ने बताया कि परीक्षा की बाबत विभाग ने पर्याप्त बसों का इंतजाम किया था। लेकिन अभ्यर्थियों की ज्यादा भीड़ और जाम में फंसी बसों के समय से अड्डे पर नहीं पहुंचने से कुछ देर के लिए यात्रियों को बस मिलने में देरी हुई थी, जिसे वर्कशाप से बस भेजकर दुरुस्त करा दिया था। यही हाल रेलवे का भी रहा। सिटी स्टेशन से लेकर कैंट स्टेशन तक अभ्यर्थियों की भारी भीड़ उमड़ी। लोकल के अभ्यर्थी पैसेंजर ट्रेनों के जरिये रवाना हुए तो वहीं बाहरी जिलों से आए अभ्यर्थी नौंचदी व संगम एक्सप्रेस से भी रवाना हुए। स्टेशन अधीक्षक आरपी शर्मा ने बताया कि परीक्षा के लिए रेलवे ने स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था नहीं की थी। कुछ अभ्यर्थी रिजर्वेशन कराके आए थे तो अधिकतर ने रिजर्वेशन नहीं होने पर जनरल कोच का सहारा लिया था।
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