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आज बोर्ड में पास होगी रैपिड ट्रेन की संशोधित डीपीआर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 06 Dec 2016 02:23 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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मेरठ से दिल्ली के बीच प्रस्तावित रैपिड ट्रेन की संशोधित डीपीआर को आज दिल्ली में होने जा रही एनसीआरटीसी (नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन) की बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। माना जा रहा है कि इसे हरी झंडी दे दी जाएगी। दरअसल इससे पूर्व एनसीआरपीबी (नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड) से मंजूरी दे चुका है। लिहाजा अब इसे अब एनसीआरटीसी के डायरेक्टर बोर्ड से अनुमोदित करना जरूरी है।
पटरियों के साइज पर फंसा था मामला
रैपिड ट्रेन को लेकर देहली इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल ट्रांजिट सिस्टम लिमिटेड ने डीपीआर तैयार की थी। इसी सप्ताह इस बाबत प्रजेंटेशन किया गया था। दरअसल, इससे पूर्व हुई संयुक्त बैठक में पटरियों के साइज पर सवाल खड़े हो गए। दरअसल रैपिड की डीपीआर पर वर्ष 2010 से काम शुरू हुआ था। गाजियाबाद में मेट्रो पर काम शुरू भी हो गया। रैपिड का प्रस्ताव देखा गया तो पाया कि यहां पटरियों का साइज पुराने स्टाइल का यानी बड़ा बनाया गया है। इस पर एनसीआरपीबीसी तथा एनसीआरटीसी दोनों ने आपत्ति लगा दी। कहा कि दुनिया में कहीं भी अब यह गेज नहीं चलता। ऐसे में यह साइज स्टैंडर्ड रखना होगा। वहीं रेलवे कमेटी के सामने जब मामला आया तो उसने स्टैंडर्ड गेज साइज को स्वीकृति दे दी। हालांकि यह बात सामने आई कि इस परिवर्तन से फाइनेंशियल परिवर्तन भी होगा। ट्रैक के लिए पिलर्स का साइज बदलना होगा। बावजूद इसके एनसीआरपीबी ने इसे मंजूरी दे दी।
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पटरियों के साइज पर फंसा था मामला
रैपिड ट्रेन को लेकर देहली इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल ट्रांजिट सिस्टम लिमिटेड ने डीपीआर तैयार की थी। इसी सप्ताह इस बाबत प्रजेंटेशन किया गया था। दरअसल, इससे पूर्व हुई संयुक्त बैठक में पटरियों के साइज पर सवाल खड़े हो गए। दरअसल रैपिड की डीपीआर पर वर्ष 2010 से काम शुरू हुआ था। गाजियाबाद में मेट्रो पर काम शुरू भी हो गया। रैपिड का प्रस्ताव देखा गया तो पाया कि यहां पटरियों का साइज पुराने स्टाइल का यानी बड़ा बनाया गया है। इस पर एनसीआरपीबीसी तथा एनसीआरटीसी दोनों ने आपत्ति लगा दी। कहा कि दुनिया में कहीं भी अब यह गेज नहीं चलता। ऐसे में यह साइज स्टैंडर्ड रखना होगा। वहीं रेलवे कमेटी के सामने जब मामला आया तो उसने स्टैंडर्ड गेज साइज को स्वीकृति दे दी। हालांकि यह बात सामने आई कि इस परिवर्तन से फाइनेंशियल परिवर्तन भी होगा। ट्रैक के लिए पिलर्स का साइज बदलना होगा। बावजूद इसके एनसीआरपीबी ने इसे मंजूरी दे दी।
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