Meerut News: आभा एप का करें इस्तेमाल, पर्चे के लिए कतार में लगने की जरूरत नहीं
-आभा एप का करें इस्तेमाल, पर्चे के लिए कतार में लगने की ज़रूरत नहीं
-पीएल शर्मा जिला अस्पताल में शुरू हो गई सुविधा
विस्तार
मेरठ में पीएल शर्मा जिला चिकित्सालय में आभा एप से ओपीडी के पर्चे बनने शुरू हो गए हैं। इसके लिए मरीजों के पास आधार कार्ड या फिर मोबाइल नंबर होना जरूरी है, जो आधार कार्ड से अपडेट हो। इससे मरीज़ों को पर्चे के लिए कतार में लगने की ज़रूरत नहीं है। शनिवार को 53 लोगों के इस एप से पर्चा बनवाया। हालांकि अभी अधिकांश मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं, जिनका आधार कार्ड से नंबर अपडेट ही नहीं है।
जिला चिकित्सालय की ओपीडी सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक संचालित होती है। रोजाना 1200 से 1500 के बीच ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं। अब सरकार ने आभा एप की एक अच्छी सुविधा प्रदान की है। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा।
मरीज कितनी बार अस्पताल आया है और किस-किस चिकित्सक को दिखाया है। यहीं नहीं उसका क्या इलाज हुआ है। डॉक्टर ने मरीज को क्या-क्या दवाएं व जांच लिखी है। वह सब अब ओपीडी पर्चे के माध्यम से पोर्टल पर एकत्रित होगा। इसके लिए आधार कार्ड अनिवार्य है।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि आभा एप के माध्यम से प्रतिदिन ओपीडी के 90 से 100 पर्चे बन रहे हैं। अभी समस्या यह आ रही है कि अधिकांश मरीजों के नंबर आधार कार्ड से अपडेट नहीं हैं।
इस तरह बन रही आभा आईडी
इसके लिए सबसे पहले अपने एंड्रॉयड मोबाइल फोन के गूगल प्ले स्टोर में जाकर ड्रीफकेस एप डाउनलोड करना होगा। इस एप से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। इसे दर्ज करने के बाद मरीज को आधार में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद आधार कार्ड में दर्ज मरीज का नाम, उम्र, लिंग, पिता का नाम, पता खुद दर्ज हो जाएगा। इसके बाद आपको आभा एड्रेस चुनना होगा। इसको चुनते ही आभा खाता एक्टिव हो जाएगा।
ओपीडी की पर्ची प्राप्त करने के लिए आप को आभा काउंटर पर लगाए गए क्यूआर कोड को अपने फोन के एप के माध्यम से स्कैन करना होगा। इससे मरीज का विवरण अपने आप आभा काउंटर के कम्प्यूटर में आ जाएगा। इसके बाद एक टोकन नंबर मिलेगा। मरीज को काउंटर पर टोकन नंबर बताकर एक रुपये देकर पर्ची लेनी होगी, जिसके जरिए आप आसानी से अपना उपचार करा सकेंगे।