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Meerut News: ई-पंजीकरण व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में धरना दिया
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सरधना। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ई-पंजीकरण व्यवस्था को निजी संस्था को सौंपने के प्रस्ताव के विर
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ई-पंजीकरण व्यवस्था को निजी संस्था को सौंपने के प्रस्ताव के विरोध में मंगलवार को सरधना तहसील स्थित उप-पंजीयक कार्यालय के बाहर दस्तावेज लेखक एसोसिएशन और बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। विरोधस्वरूप रजिस्ट्री कार्य का बहिष्कार करते हुए सरकार से निर्णय वापस लेने की मांग की गई।
दस्तावेज लेखक एसोसिएशन की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया कि शासन के 4 जून के आदेश के विरोध में प्रदेशभर में दस्तावेज लेखक और अधिवक्ता आंदोलनरत हैं। वक्ताओं ने कहा कि ई-पंजीकरण व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने से आम नागरिकों के साथ-साथ रजिस्ट्री कार्य से जुड़े लोगों को भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने सरकार से इस आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की।
चेतावनी दी कि यदि शासन ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
धरने में बार एसोसिएशन सरधना के अध्यक्ष आरिफ अली एडवोकेट, महामंत्री संजीव पंवार एडवोकेट, दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश गुप्ता, सचिव छोटन लाल जैन सहित अधिवक्ता एवं दस्तावेज लेखक मौजूद रहे। इस दौरान प्रदीप त्यागी, नईमुद्दीन, ओमवीर सिंह, विजेंद्र शर्मा, जगपाल सिंह और मोहम्मद दीन एडवोकेट समेत अन्य सदस्य भी शामिल हुए।
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सरधना। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ई-पंजीकरण व्यवस्था को निजी संस्था को सौंपने के प्रस्ताव के विरोध में मंगलवार को सरधना तहसील स्थित उप-पंजीयक कार्यालय के बाहर दस्तावेज लेखक एसोसिएशन और बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। विरोधस्वरूप रजिस्ट्री कार्य का बहिष्कार करते हुए सरकार से निर्णय वापस लेने की मांग की गई।
दस्तावेज लेखक एसोसिएशन की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया कि शासन के 4 जून के आदेश के विरोध में प्रदेशभर में दस्तावेज लेखक और अधिवक्ता आंदोलनरत हैं। वक्ताओं ने कहा कि ई-पंजीकरण व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने से आम नागरिकों के साथ-साथ रजिस्ट्री कार्य से जुड़े लोगों को भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने सरकार से इस आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की।
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चेतावनी दी कि यदि शासन ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
धरने में बार एसोसिएशन सरधना के अध्यक्ष आरिफ अली एडवोकेट, महामंत्री संजीव पंवार एडवोकेट, दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश गुप्ता, सचिव छोटन लाल जैन सहित अधिवक्ता एवं दस्तावेज लेखक मौजूद रहे। इस दौरान प्रदीप त्यागी, नईमुद्दीन, ओमवीर सिंह, विजेंद्र शर्मा, जगपाल सिंह और मोहम्मद दीन एडवोकेट समेत अन्य सदस्य भी शामिल हुए।
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