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Meerut News: गंगनहर पटरी पर सजेगी सेवा की अद्भुत छटा
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- कांवड़ सेवा शिविरों की तैयारियां तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। धर्मनगरी और ऐतिहासिक धरा हस्तिनापुर को जोड़ने वाले मार्ग पर इस बार भी शिवभक्ति का अलौकिक दृश्य देखने को मिलेगा। पवित्र धामों से कांवड़ में गंगाजल लेकर लौटने वाले शिव भक्तों की सेवा और सुविधा के लिए गंग नहर पटरी मार्ग पर कांवड़ सेवा शिविर लगाने की तैयारियां तेज हो गई हैं।
श्रावण मास की मुख्य तिथि नजदीक आ रही है। इसी के साथ आयोजकों और स्वयं सेवकों का उत्साह चरम पर पहुंच रहा है। गंग नहर की पटरी पर हर तरफ सेवा भाव, समर्पण और भक्ति का वातावरण तैयार होने लगा है। शिविर संचालकों ने पंडालों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। कांवड़ यात्रा करके आने वाले कांवड़ियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
श्रावण मास की इस पावन यात्रा में हरिद्वार, ऋषिकेश और अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों से हजारों की संख्या में कांवड़िये गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ते हैं। गंग नहर पटरी का यह मार्ग कांवड़ियों के लिए एक प्रमुख और पारंपरिक पथ माना जाता है। दिन-रात कड़ी धूप, गर्मी और थका देने वाली लंबी पैदल यात्रा के बीच इन शिविरों की भूमिका किसी वरदान से कम नहीं होती। यही कारण है कि समाजसेवियों, धार्मिक संस्थाओं और युवाओं ने मिलकर इस बार सेवा व्यवस्था को और अधिक भव्य और सुव्यवस्थित बनाने का संकल्प लिया है।
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पंडालों में कांवड़ियों के विश्राम के लिए आरामदायक गद्दों, पंखों और कूलरों की विशेष व्यवस्था की जा रही है। विश्राम के साथ-साथ शिव भक्तों के लिए चौबीसों घंटे शुद्ध और सात्विक जलपान और भोजन की व्यवस्था रहेगी। डीएम डॉ. वीके सिंह ने शिविर संचालकों को शिविरों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, सुरक्षा और स्वच्छता पर ध्यान देने के लिए कहा है। शिविरों के आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा और डस्टबिन तथा सचल शौचालयों की व्यवस्था भी की जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। धर्मनगरी और ऐतिहासिक धरा हस्तिनापुर को जोड़ने वाले मार्ग पर इस बार भी शिवभक्ति का अलौकिक दृश्य देखने को मिलेगा। पवित्र धामों से कांवड़ में गंगाजल लेकर लौटने वाले शिव भक्तों की सेवा और सुविधा के लिए गंग नहर पटरी मार्ग पर कांवड़ सेवा शिविर लगाने की तैयारियां तेज हो गई हैं।
श्रावण मास की मुख्य तिथि नजदीक आ रही है। इसी के साथ आयोजकों और स्वयं सेवकों का उत्साह चरम पर पहुंच रहा है। गंग नहर की पटरी पर हर तरफ सेवा भाव, समर्पण और भक्ति का वातावरण तैयार होने लगा है। शिविर संचालकों ने पंडालों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। कांवड़ यात्रा करके आने वाले कांवड़ियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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श्रावण मास की इस पावन यात्रा में हरिद्वार, ऋषिकेश और अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों से हजारों की संख्या में कांवड़िये गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ते हैं। गंग नहर पटरी का यह मार्ग कांवड़ियों के लिए एक प्रमुख और पारंपरिक पथ माना जाता है। दिन-रात कड़ी धूप, गर्मी और थका देने वाली लंबी पैदल यात्रा के बीच इन शिविरों की भूमिका किसी वरदान से कम नहीं होती। यही कारण है कि समाजसेवियों, धार्मिक संस्थाओं और युवाओं ने मिलकर इस बार सेवा व्यवस्था को और अधिक भव्य और सुव्यवस्थित बनाने का संकल्प लिया है।
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पंडालों में कांवड़ियों के विश्राम के लिए आरामदायक गद्दों, पंखों और कूलरों की विशेष व्यवस्था की जा रही है। विश्राम के साथ-साथ शिव भक्तों के लिए चौबीसों घंटे शुद्ध और सात्विक जलपान और भोजन की व्यवस्था रहेगी। डीएम डॉ. वीके सिंह ने शिविर संचालकों को शिविरों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, सुरक्षा और स्वच्छता पर ध्यान देने के लिए कहा है। शिविरों के आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा और डस्टबिन तथा सचल शौचालयों की व्यवस्था भी की जा रही है।