बिजनौर: कसौंदी की फली खाने से पांच साल की बच्ची की मौत, परिवार में मचा कोहराम
बिजनौर जिले में कसौंदी की फली का कहर बना हुआ है। अब गांव लल्लावाला में कसौंदी की फली खाने के कारण बालिका की मौत हो गई। अक्तूबर माह में भी दो बच्चों की मौत कसौंदी की फली खाने के कारण हो गई थी। अब यह तीसरी मौत हुई है।
कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के गांव लल्लावाला निवासी जमाल परवेज की पांच साल की बेटी जुनैरा ने खेल खेल में 31 अक्तूबर को कसौंदी की फली खा ली। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने शुक्रवार को उसे बिजनौर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उपचार के दौरान शनिवार सुबह बालिका की मौत हो गई। जुनैरा की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।
वहीं, जिले में जानलेवा कसौंदी का कहर रुक नहीं रहा है। कसौंदी की फली हर साल जिले में कहर बरपाती है। इस फली को खेल खेल में बच्चे खा लेते हैं। बच्चों को नहीं मालूम होता कि ये फली जानलेवा है। इस फली को खाने से बच्चों की जान चली जाती है। यह फली गांवों में घरों के आसपास व जंगल में भी मिलती है।
चांदपुर के मोहल्ला चिम्मन निवासी जफर की छह साल की बेटी आयशा व चार साल के पुत्र फरमान ने गत आठ अक्तूबर को खेल खेल में कसौंदी की फली खा ली थी। हालत बिगड़ने पर आयशा को चांदपुर के ही एक चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया था। नौ अक्तूबर को आयशा व दस अक्तूबर को फरमान ने दम तोड़ दिया था। परिजनों ने बताया था कि बच्चों ने खेल खेल में कसौंदी की फली खा ली थी। चिकित्सकों की मानें तो कसौंदी की फली छोटे बच्चों के लिए घातक है। फली अगर बच्चे ने खा ली तो उसका बचना नामुमकिन है। बड़ों पर इसका कोई असर नहीं होता है। अगर बड़े भी ज्यादा तादाद में फली खा लें तो उनकी भी जान जा सकती है। यह फली हर साल कई मासूम बच्चों की जान लेती है।
साल कसौंदी केस बचे मौत
2010 10 3 7
2011 01 00 1
2012 4 1 3
2013 5 2 3
2014 3 0 3
2015 3 1 2
2016 1 1 0
2017 2 0 2
2018 3 0 3
2019 3 0 3
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