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स्वत: स्वीकृत योजना अब जेई के हवाले
Meerut
Updated Sun, 26 Oct 2014 05:31 AM IST
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मेरठ। एमडीए की स्वत: मानचित्र स्वीकृति योजना में लिपिकों से नक्शा पास करने का अधिकार छीन लिया गया है। अब यह काम अवर अभियंता करेंगे। एमडीए वीसी द्वारा यह निर्देश जारी करने के साथ ही अवर अभियंताओं की मुराद भी पूरी हो गई। यह जिम्मेदारी पाने के लिए वे लंबे समय से जुटे थे। नई व्यवस्था में लिपिक के हस्ताक्षर से जारी नक्शे अवैध माने जाएंगे।
क्या है योजना:
एमडीए द्वारा विकसित सभी आवासीय कॉलोनियों में 300 वर्ग मीटर तक के प्लॉट पर मकान बनाने के लिए भू-स्वामी खुद नक्शा बनवाकर ला सकता है। यह नक्शा लाइसेंसधारी आर्किटेक्ट बनाते हैं। एमडीए में जमा करने के बाद परीक्षण कर इसे जारी किया जाता है। नक्शा नियमों पर खरा नहीं उतरता तो इसकी जवाबदेही संबंधित आर्किटेक्ट की होती है। गलत नक्शा बनाने पर उसका लाइसेंस निरस्त करने का भी प्रावधान है।
यह बना नियम:
अभी तक आवेदन जमा करने वाले दिन ही एमडीए कर्मी द्वारा मौके का निरीक्षण कर नक्शा जारी करने का प्रावधान था। मानचित्र लिपिक जारी करते थे। अब अवर अभियंता यह जिम्मेदारी संभालेंगे। एमडीए वीसी राजेश कुमार द्वारा जारी इस आदेश की प्रति कार्यालय में भी चस्पा की गई है। कहा है कि संबंधित अवर अभियंता के हस्ताक्षर से जारी नक्शे ही वैध माने जाएंगे। नक्शे जारी करने से पहले ढंग से इनका परीक्षण भी किया जाए।
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क्या है योजना:
एमडीए द्वारा विकसित सभी आवासीय कॉलोनियों में 300 वर्ग मीटर तक के प्लॉट पर मकान बनाने के लिए भू-स्वामी खुद नक्शा बनवाकर ला सकता है। यह नक्शा लाइसेंसधारी आर्किटेक्ट बनाते हैं। एमडीए में जमा करने के बाद परीक्षण कर इसे जारी किया जाता है। नक्शा नियमों पर खरा नहीं उतरता तो इसकी जवाबदेही संबंधित आर्किटेक्ट की होती है। गलत नक्शा बनाने पर उसका लाइसेंस निरस्त करने का भी प्रावधान है।
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यह बना नियम:
अभी तक आवेदन जमा करने वाले दिन ही एमडीए कर्मी द्वारा मौके का निरीक्षण कर नक्शा जारी करने का प्रावधान था। मानचित्र लिपिक जारी करते थे। अब अवर अभियंता यह जिम्मेदारी संभालेंगे। एमडीए वीसी राजेश कुमार द्वारा जारी इस आदेश की प्रति कार्यालय में भी चस्पा की गई है। कहा है कि संबंधित अवर अभियंता के हस्ताक्षर से जारी नक्शे ही वैध माने जाएंगे। नक्शे जारी करने से पहले ढंग से इनका परीक्षण भी किया जाए।
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