{"_id":"52-78712","slug":"Meerut-78712-52","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूरे दिन बंद रहे बाजार, व्यापारियों ने जाम लगाया, धरना प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूरे दिन बंद रहे बाजार, व्यापारियों ने जाम लगाया, धरना प्रदर्शन
Meerut
Updated Sun, 26 Oct 2014 05:32 AM IST
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मेरठ। विस्फोट में झुलसे व्यापारी की मौत पर शनिवार को व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। व्यापारियों ने पीएल शर्मा रोड पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। दोपहर को व्यापारी पवन का शव मेरठ पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। भारी पुलिस फोर्स के बीच गमगीन माहौल में व्यापारी का अंतिम संस्कार हुआ।
लालकुर्ती थानाक्षेत्र के पीएल शर्मा रोड स्थित दुर्गा कॉम्प्लेक्स में दिवाली की आधी रात को भीषण धमाके के साथ आग लग गई थी। इसमें युवा व्यापारी पवन कुमार बुरी तरह झुलस गया था। उसकी कॉम्प्लेक्स में कशिश फोटो स्टेट की दुकान है। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती पवन की शुक्रवार देर रात मौत हो गई। इसकी जानकारी लगते ही व्यापारियों का गुस्सा फूटा। वे शनिवार सुबह से ही कॉम्प्लेक्स के सामने धरने पर बैठ गए। इससे पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। बाजार बंद कर व्यापारियों ने पुलिस-प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। एसपी सिटी ओमप्रकाश, एएसपी संकल्प शर्मा और सिटी मजिस्ट्रेट ने व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान व्यापारियों ने पवन की पत्नी सोनम को सरकारी नौकरी, परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और अन्य प्रभावितों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक मदद की मांग रख दी। साथ ही वार्ता के लिए डीएम को बुलाने की मांग की। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी व्यापारियों की शर्त नहीं माने तो, उन्हें बिना समझौते के पीछे हटना पड़ा। इधर, आतंकी विस्फोट का अंदेशा जताकर व्यापारियों ने सीबीआई जांच की मांग की थी। लेकिन 48 घंटे बाद भी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी धमाके की वजह स्पष्ट नहीं कर पाए हैं।
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सड़क पर शव रखकर जाम लगाने की कोशिश:
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। व्यापारी पवन की शवयात्रा घर से पीएल शर्मा रोड की तरफ ले जाई गई। दुर्गा कॉम्प्लेक्स स्थित पवन की दुकान के सामने उसका शव दो मिनट रखा गया। उसके बाद व्यापारियों ने पवन का शव सड़क पर रखकर जाम लगाने का प्रयास किया। लोगों ने पवन भाई अमर रहे के नारे भी लगाए। शव को सड़क पर रखने की बात पर हंगामा भी हुआ। इसे लेकर व्यापारियों में धक्कामुक्की भी हुई।
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चप्पे-चप्पे पर तैनात रही फोर्स:
दोपहर दो बजे पवन का शव पीएल शर्मा रोड स्थित हीरालाल बिल्डिंग में उनके आवास पर पहुंचा। परिजनों सहित व्यापारियों में कोहराम मचा था। लोग एक-दूसरे का संभालने में लगे थे। आधा घंटे आवास पर रुकने के बाद लोग शव को सूरजकुंड स्थित श्मशान घाट ले गए। जहां पवन के भाई मुकेश कुमार ने शव को मुखाग्नि दी।
पुलिस-प्रशासन रहा अलर्ट:
पवन की मौत के बाद व्यापारियों के प्रदर्शन और उग्र रुख को देखते हुए पुलिस-प्रशासन चौकन्ना रहा। लालकुर्ती थानाध्यक्ष के अलावा सिविल लाइन थाना पुलिस भी मौके पर लगा दी गई। वहीं, एसीएम रामभरत तिवारी और सीओ एलआईयू भी मौजूद रहे।
रूट डायवर्ट करना पड़ा:
व्यापारियों ने दुर्गा कॉम्प्लेक्स के सामने बाइक और तख्ते अड़ाकर रास्ता बंद कर दिया। दरी बिछाकर व्यापारी सड़क पर धरना देकर बैठ गए। इससे कचहरी पुल से बेगमपुल को जोड़ने वाले पीएल शर्मा रोड पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। टकराव की स्थिति से बचने के लिए पुलिस ने धरनास्थल के दोनों ओर बैरियर लगाकर रूट डायवर्ट कर दिया। कचहरी पुल से वाहनों को कचहरी नाले की तरफ निकाला गया। वहीं बेगमपुल से आने वालों को बच्चा पार्क की तरफ से निकाला गया।
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लालकुर्ती थानाक्षेत्र के पीएल शर्मा रोड स्थित दुर्गा कॉम्प्लेक्स में दिवाली की आधी रात को भीषण धमाके के साथ आग लग गई थी। इसमें युवा व्यापारी पवन कुमार बुरी तरह झुलस गया था। उसकी कॉम्प्लेक्स में कशिश फोटो स्टेट की दुकान है। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती पवन की शुक्रवार देर रात मौत हो गई। इसकी जानकारी लगते ही व्यापारियों का गुस्सा फूटा। वे शनिवार सुबह से ही कॉम्प्लेक्स के सामने धरने पर बैठ गए। इससे पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। बाजार बंद कर व्यापारियों ने पुलिस-प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। एसपी सिटी ओमप्रकाश, एएसपी संकल्प शर्मा और सिटी मजिस्ट्रेट ने व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान व्यापारियों ने पवन की पत्नी सोनम को सरकारी नौकरी, परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और अन्य प्रभावितों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक मदद की मांग रख दी। साथ ही वार्ता के लिए डीएम को बुलाने की मांग की। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी व्यापारियों की शर्त नहीं माने तो, उन्हें बिना समझौते के पीछे हटना पड़ा। इधर, आतंकी विस्फोट का अंदेशा जताकर व्यापारियों ने सीबीआई जांच की मांग की थी। लेकिन 48 घंटे बाद भी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी धमाके की वजह स्पष्ट नहीं कर पाए हैं।
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सड़क पर शव रखकर जाम लगाने की कोशिश:
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। व्यापारी पवन की शवयात्रा घर से पीएल शर्मा रोड की तरफ ले जाई गई। दुर्गा कॉम्प्लेक्स स्थित पवन की दुकान के सामने उसका शव दो मिनट रखा गया। उसके बाद व्यापारियों ने पवन का शव सड़क पर रखकर जाम लगाने का प्रयास किया। लोगों ने पवन भाई अमर रहे के नारे भी लगाए। शव को सड़क पर रखने की बात पर हंगामा भी हुआ। इसे लेकर व्यापारियों में धक्कामुक्की भी हुई।
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चप्पे-चप्पे पर तैनात रही फोर्स:
दोपहर दो बजे पवन का शव पीएल शर्मा रोड स्थित हीरालाल बिल्डिंग में उनके आवास पर पहुंचा। परिजनों सहित व्यापारियों में कोहराम मचा था। लोग एक-दूसरे का संभालने में लगे थे। आधा घंटे आवास पर रुकने के बाद लोग शव को सूरजकुंड स्थित श्मशान घाट ले गए। जहां पवन के भाई मुकेश कुमार ने शव को मुखाग्नि दी।
पुलिस-प्रशासन रहा अलर्ट:
पवन की मौत के बाद व्यापारियों के प्रदर्शन और उग्र रुख को देखते हुए पुलिस-प्रशासन चौकन्ना रहा। लालकुर्ती थानाध्यक्ष के अलावा सिविल लाइन थाना पुलिस भी मौके पर लगा दी गई। वहीं, एसीएम रामभरत तिवारी और सीओ एलआईयू भी मौजूद रहे।
रूट डायवर्ट करना पड़ा:
व्यापारियों ने दुर्गा कॉम्प्लेक्स के सामने बाइक और तख्ते अड़ाकर रास्ता बंद कर दिया। दरी बिछाकर व्यापारी सड़क पर धरना देकर बैठ गए। इससे कचहरी पुल से बेगमपुल को जोड़ने वाले पीएल शर्मा रोड पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। टकराव की स्थिति से बचने के लिए पुलिस ने धरनास्थल के दोनों ओर बैरियर लगाकर रूट डायवर्ट कर दिया। कचहरी पुल से वाहनों को कचहरी नाले की तरफ निकाला गया। वहीं बेगमपुल से आने वालों को बच्चा पार्क की तरफ से निकाला गया।