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पंखे से लटका मिला हॉस्टल का रसोइया
Meerut
Updated Thu, 23 Oct 2014 05:31 AM IST
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गंगानगर। डिवाइडर रोड एम ब्लॉक स्थित हॉस्टल में एक रसोइये का शव मंगलवार सुबह बाहरी कमरे में डिस केबल से लटका मिला। वहीं, इंचौली पुलिस ने मृतक की जेब से सुसाइड नोट बरामद कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गंगानगर निवासी महेन्द्र सिंह यूपी पुलिस में कांस्टेबल हैं। उनका एम-14 में चौधरी हॉस्टल है। इसमें नेपाल के पोखरा राज्य के सेंगजा जिला निवासी तेजपाल दस वर्षों से रसोइया था। एक अन्य नौकर अरविंद ने मंगलवार सुबह बताया कि तेजपाल सुबह करीब 6.30 बजे जागा था। वह नहाकर कमरे में बैठ गया। इसके बाद अरविंद किसी काम से बाहर गया। वह कुछ देर बाद पानी की मोटर बंद करने के लिए कमरे के निकट से गुजारा तो तेजपाल को कमरे में लगी पाइप में डिस केबल से लटका देखा। इस पर अरविंद ने शोर मचाया। जिसे सुनकर वहां पहुंचे लोगों ने शव को नीचे उतारकर सांस देने की कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। तेजपाल की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पुलिस के साथ गंगानगर में रह रही तेजपाल की पुत्री लक्ष्मी पत्नी रवि को दी। रजपुरा चौकी इंचार्ज तोताराम पुलिसकर्मियों के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने शव को कमरे से बाहर निकाला। वहीं, मृतक की जेब से सुसाइड नोट भी मिला। जिसमें लिखा था की मेरे भाई प्रेम मैं बदनसीब पिता हूं। बच्चों की इच्छा पूरी नहीं कर पाया। बेटी लक्ष्मी को दस हजार रुपये भी नहीं दे पाया। जितने भी रुपये मेरे पास हैं उन्हें लक्ष्मी को दे देना और बच्चों का ख्याल रखना। लक्ष्मी के मुताबिक वे तीन बहन-भाई हैं। जिनमें बड़ा भाई रवि बंगाल में काम करता है। दूसरा भाई छोटू दिल्ली में काम कर रहा है। उसने बताया कि उसका चाचा प्रेम भी मेरठ में ही काम करता है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बेबसी में उठाया कदम
सुसाइट नोट के अनुसार तेजपाल को उसकी बेटी लक्ष्मी को दस हजार रुपये देने थे। जिन्हें वह नहीं दे पा रहा था। वहीं, अगले माह बड़े बेटे रवि की शादी होनी है। जिसके लिए पैसे की आवश्यकता है। वह इसके लिए भी इंतजाम नहीं कर पा रहा है।
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गंगानगर निवासी महेन्द्र सिंह यूपी पुलिस में कांस्टेबल हैं। उनका एम-14 में चौधरी हॉस्टल है। इसमें नेपाल के पोखरा राज्य के सेंगजा जिला निवासी तेजपाल दस वर्षों से रसोइया था। एक अन्य नौकर अरविंद ने मंगलवार सुबह बताया कि तेजपाल सुबह करीब 6.30 बजे जागा था। वह नहाकर कमरे में बैठ गया। इसके बाद अरविंद किसी काम से बाहर गया। वह कुछ देर बाद पानी की मोटर बंद करने के लिए कमरे के निकट से गुजारा तो तेजपाल को कमरे में लगी पाइप में डिस केबल से लटका देखा। इस पर अरविंद ने शोर मचाया। जिसे सुनकर वहां पहुंचे लोगों ने शव को नीचे उतारकर सांस देने की कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। तेजपाल की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पुलिस के साथ गंगानगर में रह रही तेजपाल की पुत्री लक्ष्मी पत्नी रवि को दी। रजपुरा चौकी इंचार्ज तोताराम पुलिसकर्मियों के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने शव को कमरे से बाहर निकाला। वहीं, मृतक की जेब से सुसाइड नोट भी मिला। जिसमें लिखा था की मेरे भाई प्रेम मैं बदनसीब पिता हूं। बच्चों की इच्छा पूरी नहीं कर पाया। बेटी लक्ष्मी को दस हजार रुपये भी नहीं दे पाया। जितने भी रुपये मेरे पास हैं उन्हें लक्ष्मी को दे देना और बच्चों का ख्याल रखना। लक्ष्मी के मुताबिक वे तीन बहन-भाई हैं। जिनमें बड़ा भाई रवि बंगाल में काम करता है। दूसरा भाई छोटू दिल्ली में काम कर रहा है। उसने बताया कि उसका चाचा प्रेम भी मेरठ में ही काम करता है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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बेबसी में उठाया कदम
सुसाइट नोट के अनुसार तेजपाल को उसकी बेटी लक्ष्मी को दस हजार रुपये देने थे। जिन्हें वह नहीं दे पा रहा था। वहीं, अगले माह बड़े बेटे रवि की शादी होनी है। जिसके लिए पैसे की आवश्यकता है। वह इसके लिए भी इंतजाम नहीं कर पा रहा है।
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