{"_id":"52-78530","slug":"Meerut-78530-52","type":"story","status":"publish","title_hn":"शराब तस्करी का आरोपी बन बैठा वीआईपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शराब तस्करी का आरोपी बन बैठा वीआईपी
Meerut
Updated Tue, 21 Oct 2014 05:32 AM IST
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मेरठ/फलावदा। शराब तस्करी का आरोपी खुद को राज्य मंत्री स्तर का ओहदा प्राप्त बताकर एस्कार्ट लेकर बीस घंटे तक घूमता रहा। सोमवार सुबह फलावदा में उसके स्वागत में कार्यक्रम रखा गया था। कार्यक्रम के दौरान कुछ भाजपाइयों ने व्यक्ति के दावे को फर्जी बताते हुए हंगामा कर दिया। पुलिस ने आनन-फानन में सुरक्षा वापस ले ली। खास बात यह है कि केंद्र के उच्च शिक्षा विभाग के तहत बोर्ड का चेयरमैन बनने का दावा करने वाले ताजीम अब्बास ने खुद को केवल दसवीं पास बताया है।
फलावदा निवासी ताजीम अब्बास ने खुद को केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग बोर्ड का चेयरमैन बनाए जाने के होर्डिंग लगवाएं हैं। इस व्यक्ति से संबंधित एक फैक्स पुलिस को रविवार को मिला, रविवार रात ही बाकायदा प्रोटोकॉल देते हुए एस्कॉर्ट दे दी। पत्र में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के एनसीपीयूएल के तहत इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्निकल एमसीडब्ल्यू ट्रेनिंग सेंटर का चेयरमैन बनने का उल्लेख है। इस संबंध में मणिपुर के इंफाल से 19 अक्तूबर की शाम करीब साढ़े छह बजे जिले के पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजकर एस्कॉर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया। जिस नाम-पते से एस्कॉर्ट के लिए पत्र भेजा गया है, उस नाम का एक एनजीओ विभाग से सहायता प्राप्त करने वालों की सूची में दर्ज बताया गया है।
भाजपाइयों ने किया हंगामा
सोमवार को फलावदा में आदर्श शिक्षा समिति द्वारा रखे गए सम्मान समारोह में भाजपा जिला अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ अध्यक्ष कुंवर बासित अली पहुंच गए और वहां हंगामा कर दिया। बासित अली ने फलावदा थाने में ताजीम के खिलाफ तहरीर भी दी। इसमें कहा गया है कि ऐसा कोई पद मानव संसाधन विकास मंत्रालय में नहीं है। ताजीम फर्जी तरीके से खुद को मंत्री बताकर सरकारी सुविधाएं ले रहा है और रौब गालिब कर रहा है। विरोध करने वालों में विकास पाल, संदीप प्रधान, रवींद्र सैनी, हर्षवर्धन, प्रदीप जाटव, दिनेश बिश्नोई, धर्म सिंह सैनी आदि शामिल रहे।
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17 जून को पकड़ा गया था:
ताजीम को 17 जून को लिसाड़ी गेट पुलिस ने 315 पेटी अवैध शराब के साथ पकड़े जाने पर जेल भेजा था। इस मामले में वह जमानत पर जेल से बाहर है। इसके बाद ही ताजीम के चेयरमैन बनने का दावा किया गया। यह नियुक्ति पांच अगस्त की बताई गई है।
वर्जन
मुझे बोर्ड द्वारा नियुक्त किया गया है। इसका पत्र फलावदा पुलिस को सौंप दिया है। झूठा हूं तो पुलिस मुझे जेल भेजे। मेरी शिक्षा हाईस्कूल है। शराब मामले में पुलिस ने मुझे पकड़ा था, यह मामला कोर्ट में है। एस्कॉर्ट के लिए मैंने कोई आवेदन नहीं किया। मेरे मंत्रालय से प्रशासन को पत्र आया था, जिस पर मुझे एस्कॉर्ट मिली है। -तंजीम अब्बास
भाजपा जिला अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष बासित अली की तहरीर मिली है। वहीं ताजीम अब्बास ने भी अपने नियुक्ति पत्र की प्रति दी है। उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। जांच के बाद कार्रवाई होगी। -वसीम खान, थानाध्यक्ष फलावदा
ताजीम अब्बास को सुरक्षा देने का फैक्स रविवार शाम 6:27 बजे मेरे कार्यालय पर मिला। रविवार रात ही एस्कॉर्ट उपलब्ध करा दी गई। सोमवार सुबह फलावदा में भाजपा नेताओं ने शिकायत की तो एस्कॉर्ट वापस ले ली गई। इस संबंध में मानव संसाधन विकास मंत्रालय से पत्र व्यवहार कर ताजीम के बारे में जानकारी की जा रही है। कोई गड़बड़ी सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी। -पीके तिवारी, एसपी ट्रैफिक
फैक्स की गहनता से जांच कराई जाएगी। कोई गलती मिलती है तो नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। -आलोक शर्मा, आईजी जोन
केंद्र में इस प्रकार का कोई पद नहीं है। इस संबंध में जानकारी कर ली गई है। इस व्यक्ति को अपनी प्रमाणिकता साबित करनी होगी। इस संबंध में पूरी जांच होनी चाहिए, जिन अधिकारियों ने एस्कॉर्ट दी, उनकी भी जांच हो। -लक्ष्मीकांत वाजपेयी, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा
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फलावदा निवासी ताजीम अब्बास ने खुद को केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग बोर्ड का चेयरमैन बनाए जाने के होर्डिंग लगवाएं हैं। इस व्यक्ति से संबंधित एक फैक्स पुलिस को रविवार को मिला, रविवार रात ही बाकायदा प्रोटोकॉल देते हुए एस्कॉर्ट दे दी। पत्र में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के एनसीपीयूएल के तहत इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्निकल एमसीडब्ल्यू ट्रेनिंग सेंटर का चेयरमैन बनने का उल्लेख है। इस संबंध में मणिपुर के इंफाल से 19 अक्तूबर की शाम करीब साढ़े छह बजे जिले के पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजकर एस्कॉर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया। जिस नाम-पते से एस्कॉर्ट के लिए पत्र भेजा गया है, उस नाम का एक एनजीओ विभाग से सहायता प्राप्त करने वालों की सूची में दर्ज बताया गया है।
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भाजपाइयों ने किया हंगामा
सोमवार को फलावदा में आदर्श शिक्षा समिति द्वारा रखे गए सम्मान समारोह में भाजपा जिला अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ अध्यक्ष कुंवर बासित अली पहुंच गए और वहां हंगामा कर दिया। बासित अली ने फलावदा थाने में ताजीम के खिलाफ तहरीर भी दी। इसमें कहा गया है कि ऐसा कोई पद मानव संसाधन विकास मंत्रालय में नहीं है। ताजीम फर्जी तरीके से खुद को मंत्री बताकर सरकारी सुविधाएं ले रहा है और रौब गालिब कर रहा है। विरोध करने वालों में विकास पाल, संदीप प्रधान, रवींद्र सैनी, हर्षवर्धन, प्रदीप जाटव, दिनेश बिश्नोई, धर्म सिंह सैनी आदि शामिल रहे।
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17 जून को पकड़ा गया था:
ताजीम को 17 जून को लिसाड़ी गेट पुलिस ने 315 पेटी अवैध शराब के साथ पकड़े जाने पर जेल भेजा था। इस मामले में वह जमानत पर जेल से बाहर है। इसके बाद ही ताजीम के चेयरमैन बनने का दावा किया गया। यह नियुक्ति पांच अगस्त की बताई गई है।
वर्जन
मुझे बोर्ड द्वारा नियुक्त किया गया है। इसका पत्र फलावदा पुलिस को सौंप दिया है। झूठा हूं तो पुलिस मुझे जेल भेजे। मेरी शिक्षा हाईस्कूल है। शराब मामले में पुलिस ने मुझे पकड़ा था, यह मामला कोर्ट में है। एस्कॉर्ट के लिए मैंने कोई आवेदन नहीं किया। मेरे मंत्रालय से प्रशासन को पत्र आया था, जिस पर मुझे एस्कॉर्ट मिली है। -तंजीम अब्बास
भाजपा जिला अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष बासित अली की तहरीर मिली है। वहीं ताजीम अब्बास ने भी अपने नियुक्ति पत्र की प्रति दी है। उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। जांच के बाद कार्रवाई होगी। -वसीम खान, थानाध्यक्ष फलावदा
ताजीम अब्बास को सुरक्षा देने का फैक्स रविवार शाम 6:27 बजे मेरे कार्यालय पर मिला। रविवार रात ही एस्कॉर्ट उपलब्ध करा दी गई। सोमवार सुबह फलावदा में भाजपा नेताओं ने शिकायत की तो एस्कॉर्ट वापस ले ली गई। इस संबंध में मानव संसाधन विकास मंत्रालय से पत्र व्यवहार कर ताजीम के बारे में जानकारी की जा रही है। कोई गड़बड़ी सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी। -पीके तिवारी, एसपी ट्रैफिक
फैक्स की गहनता से जांच कराई जाएगी। कोई गलती मिलती है तो नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। -आलोक शर्मा, आईजी जोन
केंद्र में इस प्रकार का कोई पद नहीं है। इस संबंध में जानकारी कर ली गई है। इस व्यक्ति को अपनी प्रमाणिकता साबित करनी होगी। इस संबंध में पूरी जांच होनी चाहिए, जिन अधिकारियों ने एस्कॉर्ट दी, उनकी भी जांच हो। -लक्ष्मीकांत वाजपेयी, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा