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संप्रेक्षण गृह की जाली तोड़कर भागने की कोशिश
Meerut
Updated Sun, 24 Aug 2014 05:30 AM IST
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मेरठ। दिनभर हंगामा करने के बाद देर रात संप्रेक्षण गृह की सीमेंट की जाली तोड़कर किशोरों ने भागने का प्रयास किया। पुलिस और प्रशासन अफसरों पर किशोरों ने पथराव तक कर डाला। किशोर दिन में मुख्य द्वार पर गैस सिलेंडर लेकर उसको उड़ाने की धमकी देकर पुलिस के साथ गाली गलौज करते रहे। देर रात पुलिस ने संप्रेक्षण गृह को छावनी में तब्दील किया।
संप्रेक्षण गृह में उत्पाती किशोरों के सामने पुलिस और प्रशासन के अधिकारी दूसरे दिन भी बेबस नजर आए। शुक्रवार को किशोरों ने पुलिस अफसरों को बंधक बनाकर पीटा था। एसएसपी ने आरएएफ बुलाई, तब जाकर मामला शांत हुआ था। शनिवार दिनभर किशोरों ने फिर हल्ला शुरू कर दिया। इससे वहां के कर्मचारी संप्रेक्षण गृह छोड़कर फरार हो गए। उसके बाद किशोरों ने मुख्य द्वार पर गैस सिलेंडर रखकर संप्रेक्षण गृह पर कब्जा कर लिया। मुख्य दरवाजे समेत सभी चाबियां उनके पास रही। हंगामे की सूचना पर प्रशासनिक अफसरों समेत कई थानों की फोर्स पहुंची। पुलिस को देखकर किशोरों ने पथराव किया। पुलिस उनके सामने बेबस खड़ी रही और उत्पाती किशोर गाली-गलौज करते रहे। किशोर इस कदर हावी थे कि पुलिस संप्रेक्षण गृह में घुसने की हिम्मत नहीं जुटा सकी। वहीं, दूसरी ओर पांच किशोरों के परिजनों ने एसएसपी से शिकायत कि संप्रेक्षण गृह में उनके बच्चों को जान का खतरा है।
संप्रेक्षण गृह ब्रेक करने की कोशिश
दिनभर हंगामा चलने पर पुलिसकर्मी संप्रेक्षण गृह परिसर में सोए थे। तभी उत्पाती किशोरों ने संप्रेक्षण गृह को ब्रेक करने का प्रयास किया। किशोरों ने सीमेंट की विंडो तोड़कर भागने लगे। तभी पुलिसकर्मियों में जाग हो गई। पुलिसकर्मियों ने शोर मचाया और पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी। एडीएम सिटी एसके दुबे, एसपी सिटी ओमप्रकाश, सीओ सिविल लाइन शिवराज सिंह, एसओ नौचंदी विनोद कुमार समेत कई थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। किशोरों ने पुलिस और प्रशासनिक अफसरों पर पथराव कर दिया। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने पथराव की वारदात से इनकार किया है।
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पुलिस मुर्दाबाद के लगाए नारे
देर रात पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के पहुंचते ही किशोरों ने पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाने श्ाुरू कर दिए। पुलिस ने किशोरों को समझाया कि रात में हंगामा न करे। इसके बावजूद भी किशोर नहीं माने।
प्रशासनिक अधिकारी वापस लौटे:
एसीएम रामभरत तिवारी और एलआईयू सीओ विनोद कुमार शर्मा दोपहर में संप्रेक्षण गृह पहुंचे, लेकिन किशोरों ने उनकी एक नहीं सुनी। किशोरों ने कहा कि कल से भूखे हैं। डीपीओ को बुलाओ, तभी आगे बात करेंगे। हालांकि, एक अधिकारी ने फोन पर एक दबंग किशोर की डीपीओ से बात भी कराई। तमाम प्रयासों के बाद भी किशोर शांत नहीं हुए तो दोनों अधिकारी लौट गए।
एसपी सिटी ने खिलाया खाना
किशोरों के डर से कर्मचारी सुबह 10 बजे संप्रेक्षण गृह छोड़कर भाग गए थे। दिनभर किशोर भूख उत्पात मचाते रहे। पुलिस अधिकारियों ने कई बार किशोरों को समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन वह नहीं माने। शाम चार बजे एसपी सिटी ने किशोरों को शांत किया और भोजन कराया।
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वर्जन
किशोर बेवजह हंगामा कर पथराव कर रहे हैं। कर्मचारी संप्रेक्षण गृह में जाना नहीं चाहते। संप्रेक्षण गृह से कोई किशोर भाग न जाए, इसलिए पुलिस तैनात की गई है। इस मामले को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता जारी है। -ओंकार सिंह, एसएसपी
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संप्रेक्षण गृह में उत्पाती किशोरों के सामने पुलिस और प्रशासन के अधिकारी दूसरे दिन भी बेबस नजर आए। शुक्रवार को किशोरों ने पुलिस अफसरों को बंधक बनाकर पीटा था। एसएसपी ने आरएएफ बुलाई, तब जाकर मामला शांत हुआ था। शनिवार दिनभर किशोरों ने फिर हल्ला शुरू कर दिया। इससे वहां के कर्मचारी संप्रेक्षण गृह छोड़कर फरार हो गए। उसके बाद किशोरों ने मुख्य द्वार पर गैस सिलेंडर रखकर संप्रेक्षण गृह पर कब्जा कर लिया। मुख्य दरवाजे समेत सभी चाबियां उनके पास रही। हंगामे की सूचना पर प्रशासनिक अफसरों समेत कई थानों की फोर्स पहुंची। पुलिस को देखकर किशोरों ने पथराव किया। पुलिस उनके सामने बेबस खड़ी रही और उत्पाती किशोर गाली-गलौज करते रहे। किशोर इस कदर हावी थे कि पुलिस संप्रेक्षण गृह में घुसने की हिम्मत नहीं जुटा सकी। वहीं, दूसरी ओर पांच किशोरों के परिजनों ने एसएसपी से शिकायत कि संप्रेक्षण गृह में उनके बच्चों को जान का खतरा है।
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संप्रेक्षण गृह ब्रेक करने की कोशिश
दिनभर हंगामा चलने पर पुलिसकर्मी संप्रेक्षण गृह परिसर में सोए थे। तभी उत्पाती किशोरों ने संप्रेक्षण गृह को ब्रेक करने का प्रयास किया। किशोरों ने सीमेंट की विंडो तोड़कर भागने लगे। तभी पुलिसकर्मियों में जाग हो गई। पुलिसकर्मियों ने शोर मचाया और पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी। एडीएम सिटी एसके दुबे, एसपी सिटी ओमप्रकाश, सीओ सिविल लाइन शिवराज सिंह, एसओ नौचंदी विनोद कुमार समेत कई थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। किशोरों ने पुलिस और प्रशासनिक अफसरों पर पथराव कर दिया। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने पथराव की वारदात से इनकार किया है।
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पुलिस मुर्दाबाद के लगाए नारे
देर रात पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के पहुंचते ही किशोरों ने पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाने श्ाुरू कर दिए। पुलिस ने किशोरों को समझाया कि रात में हंगामा न करे। इसके बावजूद भी किशोर नहीं माने।
प्रशासनिक अधिकारी वापस लौटे:
एसीएम रामभरत तिवारी और एलआईयू सीओ विनोद कुमार शर्मा दोपहर में संप्रेक्षण गृह पहुंचे, लेकिन किशोरों ने उनकी एक नहीं सुनी। किशोरों ने कहा कि कल से भूखे हैं। डीपीओ को बुलाओ, तभी आगे बात करेंगे। हालांकि, एक अधिकारी ने फोन पर एक दबंग किशोर की डीपीओ से बात भी कराई। तमाम प्रयासों के बाद भी किशोर शांत नहीं हुए तो दोनों अधिकारी लौट गए।
एसपी सिटी ने खिलाया खाना
किशोरों के डर से कर्मचारी सुबह 10 बजे संप्रेक्षण गृह छोड़कर भाग गए थे। दिनभर किशोर भूख उत्पात मचाते रहे। पुलिस अधिकारियों ने कई बार किशोरों को समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन वह नहीं माने। शाम चार बजे एसपी सिटी ने किशोरों को शांत किया और भोजन कराया।
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वर्जन
किशोर बेवजह हंगामा कर पथराव कर रहे हैं। कर्मचारी संप्रेक्षण गृह में जाना नहीं चाहते। संप्रेक्षण गृह से कोई किशोर भाग न जाए, इसलिए पुलिस तैनात की गई है। इस मामले को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता जारी है। -ओंकार सिंह, एसएसपी