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गंगानगर में मंदबुद्धि महिला से गैंगरेप

Sun, 15 Jun 2014 05:32 AM IST
Meerut
Meerut Updated Sun, 15 Jun 2014 05:32 AM IST
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मेरठ। मवाना रोड स्थित एक पेट्रोल पंप पर शुक्रवार देर रात तीन किशोरों ने मंदबुद्धि महिला से गैंगरेप किया। फैंटम सिपाही तीनों आरोपियों को गंगानगर पुलिस चौकी ले आए। वहां परिजनों से सेटिंग कर तीनों को छोड़ दिया।
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इंचौली थानाक्षेत्र के बक्सर कस्बा निवासी आधा दर्जन किशोर शुक्रवार रात ढाई बजे एक मंदबुद्धि महिला को लेकर पेट्रोल पंप पर पहुंचे। तीन किशोरों ने महिला से जबरन दुष्कर्म किया। चीख-पुकार सुनकर गश्त करते फैंटम सिपाही और एक होमगार्ड ने तीनों किशोरों को पकड़ लिया। अन्य फरार हो गए।
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महिला विक्षिप्त थी, पुलिसकर्मियों ने उसको भी वहां से भगा दिया। तीनों किशोरों को चौकी ले आए। पूछताछ में उन्होंने अपना जुल्म कबूल भी कर लिया। किशोरों ने बताया कि वे महिला को टेंपो स्टैंड से पकड़कर लाए थे। सिपाहियों ने शनिवार सुबह चौकी इंचार्ज को इस बारे में बताया। चौकी इंचार्ज ने परिजनों को बुलाया और साठगांठ कर छोड़ दिया। चौंकाने वाली बात ये है कि आरोपी किशोरों की उम्र करीब 9, 11 और 12 साल है।
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अनजान बनी पुलिस
गंगानगर में दो किशोरियों से सामूहिक दुष्कर्म के बावजूद पुलिस सचेत नहीं हुई। सब कुछ जानते हुए भी पुलिस ने आरोपियों को क्लीन चिट दे दी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पांच-पांच हजार रुपये लेकर किशोरों को छोड़ा गया है।
सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी नहीं की चेक
पेट्रोल पंप पर सीसीटीवी कैमरा लगा है। जहां वारदात हुई, वह जगह कैमरे की जद में आ रही थी। पुलिस ने फुटेज देखना भी मुनासिब नहीं समझा। सवाल उठता है कि महिला अगर मंदबुद्धि है और उसकी पैरवी करने वाला कोई नहीं है, तो पुलिस अपना फर्ज भूल जाएगी।
सच्चा कौन? चौकी इंचार्ज या इंस्पेक्टर
सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को पुलिस डकार गई। बड़ा सवाल है कि इस वारदात में चौकी इंचार्ज सच्चा है या इंस्पेक्टर इंचौली। चौकी इंचार्ज का कहना है कि एक आरोपी के खिलाफ चोरी की धाराओं में केस दर्ज किया गया है, जबकि इंस्पेक्टर का कहना है कि यह रिपोर्टिंग चौकी नहीं है। वहां से रिपोर्ट कैसे दर्ज की जा सकती है। थाने में इस वारदात की कोई जानकारी नहीं है।

वर्जन
हां, मैंने तीन किशोरों को चौकी पर बैठे देखा था, लेकिन उन पर क्या आरोप था, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। सामूहिक दुष्कर्म की बात मेरे सामने नहीं आई। ऐसा हुआ है, तो पुलिसकर्मियों से पूछताछ करके किशोरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अगर वारदात पर लीपापोती की गई है तो दोषी पुलिसकर्मियों को भी बख्शा नहीं जाएगा।
- अब्दुल कादिर, सीओ सदर देहात
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