फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   छोटूराम में छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

छोटूराम में छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

Tue, 04 Feb 2014 02:56 PM IST
Meerut
Meerut Updated Tue, 04 Feb 2014 02:56 PM IST
विज्ञापन
मेरठ। सीसीएसयू के सर छोटूराम इंस्टीट्यूट में शुक्रवार को एक इंस्टीट्यूट के छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। फैकल्टी ने छात्रों को रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने। पुलिस के सामने भी छात्रों को पीटा गया। बचाव में कई फैकल्टी को चोट आई हैं। छात्रों के उग्र तेवर देखते हुए दूसरे पेपर के लिए कैंपस में पुलिस तैनात करनी पड़ी। अन्य पेपरों में पूरी सुरक्षा रहेगी।
विज्ञापन

सर छोटूराम इंस्टीट्यूट में एक इंस्टीट्यूट का बीबीए, बीसीए, बीए एलएलबी और बीजेएमसी का सेंटर है। शुक्रवार सुबह 10 से एक बजे की पाली में पेपर था। एग्रीकल्चर ब्रांच डिपार्टमेंट में एक छात्र ने फैकल्टी द्वारा आई कार्ड मांगने पर दिखाने से मना कर दिया। फैकल्टी का आरोप है कि इस पर छात्र और उसके साथ आए युवकों ने धमकाना शुरू कर दिया। एक बीए एलएलबी के छात्र ने पंजाब में बीएसएफ में डीआईजी अपने पिता की धौंस दी। एक छात्र अपने पिता को पीसीएस बता रहा था। धमकी देने और बदतमीजी होने पर फैकल्टी ने आरोपियों की पिटाई कर दी। मेडिकल थाना पुलिस को बुलाकर उन्हें सौंप दिया। इस बीच बीटेक छात्रों तक यह सूचना पहुंची कि छात्रों ने फैकल्टी के साथ बदतमीजी की है। वह एकत्र होकर पहुंच गए। सिफारिश लगने पर पुलिस ने आरोपियों से लिखित में माफीनामा लिखवाकर समझौता करा दिया। सूचना पर रजिस्ट्रार ओम प्रकाश भी पहुंचे। इंस्टीट्यूट ने पुलिस को बताया था कि झगड़ा हो सकता है, फोर्स भेज दे। पुलिस पहुंची लेकिन वह गेट पर ही खड़ी रही। इस बीच कैंपस में और कमरे से निकलते ही कई छात्रों की पिटाई की गई।
विज्ञापन


कई दिन से हो रहा था माहौल खराब
पेपर के दौरान कई दिनों से माहौल खराब हो रहा था। इंस्टीट्यूट को बाहरी लड़कों के द्वारा बीटेक की छात्राओं से छेड़छाड़ करने की सूचना मिल रही थी। छात्राओं ने यह बातें अपने सीनियर्स से भी बताई। एक छात्र जो खुद को डीआईजी का बेटा बता रहा था, वह कैंपस में हूटर लगी गाड़ी लेकर घूम रहा था। जब मारपीट हुई आरोपी निकल चुके थे, दूसरे छात्रों के साथ मारपीट और बदतमीजी हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


फैकल्टी ने लिया मोर्चा
इंस्टीट्यूट की फैकल्टी और स्टॉफ ने मोर्चा लिया। निदेशक खुद छात्रों को रोक रहे थे। छात्र इतने उग्र थे कि वह टाई और कोट देखकर छात्रों को पकड़ रहे थे। शिक्षक प्रवीण कुमार एक छात्र को बचाने के लिए उसके ऊपर लेट गए। विवि प्रशासन इतने बढ़े घटनाक्रम से भी अनभिज्ञ था। घटना के दौरान प्रोक्टोरियल बोर्ड की तरफ से कोई मौके पर नहीं पहुंचा।

छात्रों को किसने उकसाया
मारपीट करने वाले बीटेक के छात्र थे। सवाल उठता है कि ये कैसे इंजीनियर बनेंगे। फैकल्टी की भी सुनने को तैयार नहीं थे। छेड़छाड़ और बदतमीजी की शिकायत से विवि प्रशासन निपटता। उन्हें कानून हाथ में लेने की क्या जरूरत थी। यह जांच का विषय है कि आखिर छात्रों को किसने उकसाया।



आई कार्ड मांगने पर एक छात्र ने फैकल्टी से बदतमीजी की थी। उसके साथ कुछ और भी छात्र थे। एक छात्र खुद को डीआईजी का बेटा बता रहा था। बाद में उन्होंने लिखित में माफी मांगी। कई दिनों से कैंपस में छात्राओं पर कमेंट की शिकायत आ रही थी। इस बात को लेकर छात्र उग्र हो गए। पुलिस को पेपर खत्म होने से पहले सूचना दे दी गई थी। लेकिन उसने एक्शन नहीं लिया। बाकी पेपर में एहतियात के लिए पुलिस बल तैनात करने के लिए सीओ और एसओ को पत्र लिखा है। -डॉ. सोहनलाल गर्ग, निदेशक, सर छोटूराम इंस्टीट्यूट
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed