फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   मीट गोदामाें पर आखिरी हथौड़ा

मीट गोदामाें पर आखिरी हथौड़ा

Thu, 06 Jun 2013 05:30 AM IST
Meerut
Meerut Updated Thu, 06 Jun 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
मेरठ। हापुड़ रोड स्थित पुराना कमेला परिसर से मीट गोदामों का नामोनिशान मिटा दिया गया। 23 मई की कार्रवाई में कानूनी अड़चनों के कारण तीन मीट गोदामों पर नगर निगम का बुलडोजर नहीं चल पाया था। बुधवार सुबह को महज 51 मिनट में इन तीनों गोदामों को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवान मौजूद रहे, पर सब कुछ शांति के साथ निपट गया। निगम ने यहां 14930 वर्ग मीटर भूमि पर कब्जा ले लिया है।
विज्ञापन

23 मई को नगर निगम प्रशासन ने पुराना कमेला परिसर में 17 मीट गोदामों पर बुलडोजर चलाया गया था। उस समय हाजी इमरान, यामीन और शाहिद के गोदामों को कानूनी अड़चनों के कारण छोड़ दिया गया था। पिछले दिनों कोर्ट ने तीनों ही मामलों में नगर निगम के पक्ष में फैसला दिया था। इसके बाद बुधवार को सुबह लगभग पांच बजे तीनों मीट गोदामों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई। एसपी सिटी, नगरायुक्त अब्दुल समद, एडीएम सिटी एसके दूबे, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजवीर सिंह के नेतृत्व में आरएएफ, पीएसी और पुलिस ने पुराना कमेला परिसर में प्रवेश किया। गोदामों को ध्वस्त करने के लिए चार जेसीबी और दो पोर्कलेन मशीनें लगाई गईं। महज 51 मिनट में तीनों मीट गोदामों को जमींदोज कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान कमेला पुलिस चौकी पर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा पर उन्हें किसी प्रकार के विरोध का सामना नहीं करना पड़ा।
विज्ञापन


कन्या कॉलेज की राह से कांटा साफ
पुराना कमेला स्थल पर कन्या इंटर कॉलेज बनाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में है। लेकिन इसकी राह में मीट गोदाम कांटा बने हुए थे, जो अब साफ हो चुके हैं। अब वह दिन दूर नहीं जब कॉलेज का निर्णाण कार्य शुरू हो जाएगा। उधर, जल निगम के निर्माण विभाग ने निर्माण कार्य करने वाले मजदूरों के लिए अस्थायी निवास बनाने का काम शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कार्रवाई एक नजर में
सुबह 5 बजे कमेला पुलिस चौकी पर सिविल पुलिस और पीएसी के जवान हुए जमा
सुबह 5.10 बजे एसपी सिटी ओपी सिंह और नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजवीर सिंह मौके पर पहुंचे
सुबह 5.25 बजे पुलिस, आरपीएफ और पीएसी जवानों को मोर्चा संभालने के लिए निर्देश मिले
सुबह 5.55 बजे नगरायुक्त अब्दुल समद पुराना कमेला स्थल पर पहुंचे
सुबह 6 बजे शाहिद के मीट गोदाम पर चलना शुरू हुआ बुलडोजर
सुबह 6:52 बजे तक में तीनों मीट गोदाम जमींदोज


बुलडोजर और अन्य वाहनों का लेखाजोखा
जेसीबी 4
पोर्कलेन 2
निगम के अन्य वाहन 6

ये गिराए गए मीट गोदाम
हाजी इमरान 90 वर्ग मीटर
हाजी यामीन 729 ,,
शाहिद 350 ,,


बॉक्स
बुधवार को नगर निगम ने 1169 वर्ग मीटर भूमि पर कब्जा लिया
पुराना कमेला स्थल पर नगर निगम की कुल भूमि है 21 हजार वर्ग मीटर
वर्ष 2000 में फारूख को बेची भूमि - 6070 वर्ग मीटर
इस समय निगम के कब्जे में आयी भूमि - 14930 वर्ग मीटर

दूसरी खबर

फारूख को बेची गई भूमि बनेगी गले की फांस
13 साल पहले नगर निगम ने बेची थी 6070 वर्ग मीटर भूमि
फारूख ने जमा कर दी थी पूरी धनराशि, अभी तक नगर निगम ने नहीं किया बैनामा
शासन स्तर पर चल रहा है फाइल पर मंथन

मेरठ। नगर निगम को पुराने कमेला परिसर स्थित मीट गोदामों से तो मुक्ति मिल गई है, लेकिन फारूख को बेची गई सरकारी जमीन निगम के गले की फांस बनती नजर आ रही है। नगर निगम कानूनी दांवपेंच में फंसने के कारण चाहकर भी भूमि पर कब्जा लेने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। हालांकि सूत्र बताते हैं कि नगर निगम की इस भूमि को लेकर शासन स्तर पर मंथन चल रहा है। शीघ्र ही भूमि पर कब्जा लेने के निर्देश मिलने की उम्मीद है।
वर्ष 2000 में नगर निगम ने कमेला परिसर में खसरा संख्या 3716 की 6070 वर्ग मीटर भूमि फारूख पुत्र फहीमुददीन को 20 लाख 3100 रुपये में बेच दी थी। भूमि को सस्ते दामों में बेचने का आरोप लगाते हुए पार्षदों ने इसकी शिकायत मंडलायुक्त से भी की थी। विरोध के बाद भी नगर निगम ने फारूख को बेची गई जमीन की समस्त धनराशि अवस्थापना निधि में जमा कर दी थी और उसे कब्जा भी दे दिया था। रिकॉर्ड के मुताबिक नगर निगम ने अभी तक भी फारूख के नाम भूमि का बैनामा नहीं किया है। अब भूमि खसरा संख्या 3716 की फाइल उप्र शासन ने तलब कर ली है। जहां पर कानून के दांवपेंच से बचते हुए भूमि पर कब्जा लेने की रणनीति बनाई जा रही है। उधर, नगरायुक्त अब्दुल समद का कहना है कि पूर्व में नगर निगम ने फारूख नाम के व्यक्ति को जमीन बेची थी, यह तो जानकारी में है, लेकिन मौजूदा कार्रवाई के संबंध में जानकारी नहीं है।

तीन गोदामों के मलबा 3 लाख 80 हजार में बेचा
मेरठ। तीनों मीट गोदामों के मलबे को मौके पर ही नीलाम कर दिया गया। वहां मौजूद दर्जन भर खरीददारों को बोली लगाई। सबसे अधिक बोली नईम ने 3 लाख 80 हजार रुपये की लगाई। ठेका छोड़ने के समय नगरायुक्त, एडीएम सिटी एसके दूबे, एसडीएम अरविंद मिश्रा, नगर स्वास्थ्य अधिकारी आदि मौजूद रहे।

ईंट खरीदने को आपाधापी
मेरठ। मीट गोदामों के मलबे से निकली ईंट और अन्य सामान खरीदने के लिए आपाधापी मची है। हालांकि ठेकेदार ने मलबे को उठाने में 24 ट्रैक्टर ट्रॉली लगाई हुई हैं पर घटनास्थल पर भी लोगों को ईंट बेच रहा है। 2500 रुपये प्रति हजार के दर से ईंट बेची जा रही हैं। माना जा रहा है कि आठ दिन के भीतर कमेले की भूमि से मलबा हट जाएगा।

- नगर निगम की भूमि थी। जिस पर कब्जा लिया गया है। अब शीघ्र ही यहां कालेज, थाना और अस्पताल का शिलान्यास कराया जाएगा। - अब्दुल समद, नगरायुक्त।
- आठ दिन के भीतर कमेला परिसर खाली करा दिया जाएगा। ताकि सफाई कराने के उपरांत शिलान्यास की तैयारी करायी जा सके। - डॉ. राजवीर सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed