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मोबाइल कंपनियों ने काटी जेब
Meerut
Updated Wed, 02 Jan 2013 05:30 AM IST
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मेरठ। नववर्ष के जश्न में मोबाइल कंपनियों ने उपभोक्ताओं की जेब पर खूब कैंची चलाई। कंपनियों ने एसएमएस पैक समेत फ्री कॉलिंग टैरिफ को भी ब्लैक डे में शामिल कर दिया। कंपनियों ने दो दिन के ब्लैक डे से खूब मुनाफा कमाया है।
मोबाइल कंपनियों ने 31 दिसंबर और एक जनवरी को एसएमएस पैक के साथ फ्री लोकल कॉलिंग टैरिफ को भी ब्लैक डे में शामिल कर दिया। ऐसे उपभोक्ताओं को अपने नेटवर्क पर भी नववर्ष की शुभकामना संदेश देने को जेब ढीली करनी पड़ी। इस पर उपभोक्ता के एसएमएस कैप की तरफ फ्री कॉलिंग टैरिफ के दो दिन कम हो गए। कंपनियां एसएमएस व ऐसे टैरिफ 30 दिन के लिए देती हैं। इसमें इन ब्लैक डे को भी शामिल किया गया है। इस मामले में कंपनियों के अधिकारी बोलने को तैयार नहीं हैं। कंपनियों ने इन दो ब्लैक डे का लाभ उपभोक्ता को नहीं दिया है।
कॉलिंग टैरिफ किया ब्लैक डे में शामिल
‘कंपनियों ने पहली बार फ्री लोकल कॉलिंग टैरिफ को ब्लैक डे में शामिल करके उपभोक्ताओं की जेब काटी है। कंपनियों ने ऐसी कोई जानकारी रिटेलर को नहीं दी थी। जहां उपभोक्ता के दो दिन कम हो गए वहीं अपने नेटवर्क पर बात करने के लिए पैसे चुकाने पड़े हैं।’ - राजवीर सिंह, संस्थापक, मेरठ टेलीकॉम एसोसिएशन।
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मोबाइल कंपनियों ने 31 दिसंबर और एक जनवरी को एसएमएस पैक के साथ फ्री लोकल कॉलिंग टैरिफ को भी ब्लैक डे में शामिल कर दिया। ऐसे उपभोक्ताओं को अपने नेटवर्क पर भी नववर्ष की शुभकामना संदेश देने को जेब ढीली करनी पड़ी। इस पर उपभोक्ता के एसएमएस कैप की तरफ फ्री कॉलिंग टैरिफ के दो दिन कम हो गए। कंपनियां एसएमएस व ऐसे टैरिफ 30 दिन के लिए देती हैं। इसमें इन ब्लैक डे को भी शामिल किया गया है। इस मामले में कंपनियों के अधिकारी बोलने को तैयार नहीं हैं। कंपनियों ने इन दो ब्लैक डे का लाभ उपभोक्ता को नहीं दिया है।
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कॉलिंग टैरिफ किया ब्लैक डे में शामिल
‘कंपनियों ने पहली बार फ्री लोकल कॉलिंग टैरिफ को ब्लैक डे में शामिल करके उपभोक्ताओं की जेब काटी है। कंपनियों ने ऐसी कोई जानकारी रिटेलर को नहीं दी थी। जहां उपभोक्ता के दो दिन कम हो गए वहीं अपने नेटवर्क पर बात करने के लिए पैसे चुकाने पड़े हैं।’ - राजवीर सिंह, संस्थापक, मेरठ टेलीकॉम एसोसिएशन।
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