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‘फसलों के लिए बरस रही संजीवनी’
Meerut
Updated Sat, 15 Dec 2012 05:30 AM IST
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मोदीपुरम। दिसंबर में हो रही बारिश फसलों के लिए संजीवनी के रूप में बरस रही है। बारिश ने फसलों में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ा दी है। वहीं गेहूं की बुवाई भी लेट हो रही है।
मोदीपुरम स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विवि के वैज्ञानिक डा. आरएस सेंगर ने बताया कि फसल के लिए यह बारिश अच्छी है। वातावरण में मौजूद नाइट्रोजन बारिश से फसल तक पहुंच रहा है। आलू, चना, सरसों, मसूर, अरहर, गन्ना, व सब्जी के लिए बारिश फायदेमंद है। तेज हवा के कारण सरसों, गन्ना की फसल गिर गई है, जिससे काफी नुकसान हो गया है। जिन किसानों ने गेहूं की बुवाई नहीं की है, वे काफी परेशान हैं। सेंगर ने बताया कि बारिश अभी ज्यादा नहीं हुई है, दो-तीन में बुवाई के लिए खेत तैयार हो जाएंगे। अब तक 17.1 एमएम बारिश दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिक मोहम्मद शमीम ने बताया कि 2003 और 1997 में दिसंबर में अच्छी बारिश हुई थी।
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मोदीपुरम स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विवि के वैज्ञानिक डा. आरएस सेंगर ने बताया कि फसल के लिए यह बारिश अच्छी है। वातावरण में मौजूद नाइट्रोजन बारिश से फसल तक पहुंच रहा है। आलू, चना, सरसों, मसूर, अरहर, गन्ना, व सब्जी के लिए बारिश फायदेमंद है। तेज हवा के कारण सरसों, गन्ना की फसल गिर गई है, जिससे काफी नुकसान हो गया है। जिन किसानों ने गेहूं की बुवाई नहीं की है, वे काफी परेशान हैं। सेंगर ने बताया कि बारिश अभी ज्यादा नहीं हुई है, दो-तीन में बुवाई के लिए खेत तैयार हो जाएंगे। अब तक 17.1 एमएम बारिश दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिक मोहम्मद शमीम ने बताया कि 2003 और 1997 में दिसंबर में अच्छी बारिश हुई थी।
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