{"_id":"52-46110","slug":"Meerut-46110-52","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल में जल्द मिलेंगी बेहतर सुविधाएं ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल में जल्द मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
Meerut
Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
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मेरठ। प्यारेलाल शर्मा जिला अस्पताल जल्द ही नए रूप में जनता के सामने होगा। 50 साल पुराने वार्डों का कायाकल्प होगा। कलर डॉपलर, डिजिटल एक्सरे, एमआरआई जैसी तमाम सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। जर्जर वार्ड सुधरेंगे और चिकित्सकों को अस्पताल परिसर में ही आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सभी प्रस्तावों को मौखिक स्वीकृति दे दी है।
ये होंगे बदलाव
- सात करोड़ की लागत से एमआरआई की स्थापना
- अस्पताल परिसर में टाइप 4 के 16 चिकित्सक आवास
- 50 बेड वाले मेल सर्जिकल वार्ड का नवनिर्माण
- 50 बेड के महिला वार्ड का नवनिर्माण
- 20 बेड के सेप्टिक वार्ड का नवनिर्माण
- डिजिटल एक्सरे, गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए कलर डॉपलर की स्थापना
वर्जन
एमआरआई के लिए सात करोड़ रुपया स्वीकृत हो गया है। चिकित्सक आवास की भूमि अस्पताल में उपलब्ध है। नई बिल्डिंग के लिए उपकरण और कर्मचारियों की मांग शासन से की गई है।
- एएस राठौर, एसआईसी पीएल शर्मा अस्पताल
धूल फांक रही इमारत
एक ओर अस्पताल के कायाकल्प की तैयारी हो रही है, वहीं सालभर पहले तैयार हुई इमारत में धूल जम रही है। बसपा शासन में 2009 में अस्पताल परिसर में नई इमारत को स्वीकृति मिली। 2011 में चार करोड़ की लागत से यूपीपीसीएल ने इमारत पूर्ण कर दी। तत्कालीन मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने उद्घाटन किया। अब भी इमारत में बिजली कनेक्शन नहीं है, उपकरण नहीं आए हैं। कर्मचारियों की कमी है। अस्पताल प्रशासन दो बार शासन से कर्मचारी और उपकरणों की मांग कर चुका है, लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं हुई है। नई इमारत में ओटी, 20 बेड की बर्न यूनिट, लिफ्ट और 50 बेड के जर्नल वार्ड सहित अन्य सुविधाएं बेकार पड़ी हैं।
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ये होंगे बदलाव
- सात करोड़ की लागत से एमआरआई की स्थापना
- अस्पताल परिसर में टाइप 4 के 16 चिकित्सक आवास
- 50 बेड वाले मेल सर्जिकल वार्ड का नवनिर्माण
- 50 बेड के महिला वार्ड का नवनिर्माण
- 20 बेड के सेप्टिक वार्ड का नवनिर्माण
- डिजिटल एक्सरे, गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए कलर डॉपलर की स्थापना
वर्जन
एमआरआई के लिए सात करोड़ रुपया स्वीकृत हो गया है। चिकित्सक आवास की भूमि अस्पताल में उपलब्ध है। नई बिल्डिंग के लिए उपकरण और कर्मचारियों की मांग शासन से की गई है।
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- एएस राठौर, एसआईसी पीएल शर्मा अस्पताल
धूल फांक रही इमारत
एक ओर अस्पताल के कायाकल्प की तैयारी हो रही है, वहीं सालभर पहले तैयार हुई इमारत में धूल जम रही है। बसपा शासन में 2009 में अस्पताल परिसर में नई इमारत को स्वीकृति मिली। 2011 में चार करोड़ की लागत से यूपीपीसीएल ने इमारत पूर्ण कर दी। तत्कालीन मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने उद्घाटन किया। अब भी इमारत में बिजली कनेक्शन नहीं है, उपकरण नहीं आए हैं। कर्मचारियों की कमी है। अस्पताल प्रशासन दो बार शासन से कर्मचारी और उपकरणों की मांग कर चुका है, लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं हुई है। नई इमारत में ओटी, 20 बेड की बर्न यूनिट, लिफ्ट और 50 बेड के जर्नल वार्ड सहित अन्य सुविधाएं बेकार पड़ी हैं।
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