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तिहरे हत्याकांड की मुखबिरी के शक मारा गया नीटू!

Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
Meerut
Meerut Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
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सरधना। कभी ऊधम का करीबी रहा नीटू उर्फ रमेश अब जानी दुश्मन में था। ऊधम सिंह की भांजी के अपहरण में नीटू ने परमवीर का साथ दिया था। नीटू की हत्या के बाद जो बाद सामने आई है उसके अनुसार रश्मि के अपहरण में ऊधम सिंह ने उसे कह दिया था कि तूने पीठ में छुरा घोंपा है तुझे नहीं छोडूंगा। बात आई गई हो गई। किनौनी चीनी मिल के ठेकों को लेकर जो गैंगवार शुरू हुई उसमें परमवीर ने योगेश भदौड़ा से हाथ मिला लिया। बताया गया कि नीटू भी योगेश से जुड़ा हुआ था। पुलिस की मानें तो हाल ही में करनावल में ऊधम गैंग के तीन सदस्यों की हत्या की गई। इस तिहरे हत्याकांड में मुखबिरी का शक नीटू पर था। तिहरे हत्याकांड वाले दिन ही नीटू की हत्या का खाका तैयार कर लिया गया था।
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नीटू का आपराधिक इतिहास
पिता - रतन सिंह
हिस्ट्रीशीट संख्या - 304 ए
पता- गांव सरूरपुर खुर्द
पुलिस के अनुसार नीटू कभी ऊधम सिंह गिरोह का सक्रिय सदस्य रहा। नीटू की परमवीर से नजदीकी थी। 2007 में ऊधम की भांजी रश्मि के अपहरण के मामले में परमवीर के साथ नीटू भी नामजद हुआ। इसके बाद ऊधम, नीटू की जान का दुश्मन बन गया।
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1999 में नीटू के खिलाफ सरूरपुर पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। 2007 में ऊधम की भांजी के अपहरण में नीटू नामजद हुआ था। सरूरपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत में नीटू के खिलाफ हत्या, लूट, डकैती के 25 मुकदमे दर्ज हैं। सरूरपुर थाने में 19, बागपत में तीन और मुजफ्फरनगर में तीन मुकदमे दर्ज हैं।
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और भी है कई रंजिश
नीटू उर्फ रमेश के छोटे भाई प्रवेंद्र ने सरूरपुर सोसायटी समिति में चेयरमैन का चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में भी रंजिश बनी थी। सरूरपुर डिग्री कॉलेज में हाल ही में हुए छात्र संघ अध्यक्ष के चुनाव में नीटू के कुनबे का आशीष चुनाव लड़ा था। चुनाव में नीटू ने हस्तक्षेप किया था जिसमें रंजिश बनी थी। इसके अलावा सरूरपुर कॉलेज में छेड़छाड़ की घटना को लेकर भी नीटू ने तल्ख टिप्पणी कर दी थी जिसमें एक गांव के लोगों से नीटू की रंजिश बनी थी।
राजनीति में आ गया था नीटू
सरूरपुर। थाने के टॉप फाइव बदमाशों में शामिल नीटू ने अब राजनीतिक चोला ओढ़ लिया था। उसने 2010 में पत्नी कविता को ग्राम प्रधान का चुनाव लड़वाया। नीटू का छोटा भाई प्रविंद्र किसान सेवा सहकारी समिति का निर्विरोध सभापति चुना गया। अब नीटू सहकारी गन्ना समिति के चेयरमैन के चुनाव की तैयारी में जुटा था।
परमवीर भी पहुंचा थाने
नीटू की हत्या के सूचना पर परमवीर तुगाना भी सरधना थाने पहुंचा। थाने पर चार बार तहरीर बदली गई। जिसमें अंतिम तहरीर अज्ञात बदमाशों की दी गई। दर्ज मुकदमे में बदमाशों को सामने लाने पर पहचान लिए जाने की बात कही गई है।
हत्याएं पांच, अंदाज एक
सीधे मौत के लिए किल पाइंट (सिर) को बनाया निशाना
बचने की गुंजाइश न रहे, मरने की तसल्ली कर लेते है बदमाश
सरधना। हाल ही में हुई चर्चित पांच हत्याओं और एक जानलेवा हमले में बदमाशों का अंदाज एक जैसा ही रहा है। हत्याएं अलग-अलग हुई परंतु बदमाशों का टारगेट सीधा मौत देना ही रहा। बचने की गुंजाइश न रहे। सीधे अथवा बाद मेें बदमाशों का निशाना किल पाइंट (सिर) ही रहा।
खून गैंगवार में अब मौत की पटकथा लिखने के साथ ये भी तय हो रहा है कि जिस पर हमला किया जाए वह किसी भी सूरत में न बच पाए। हमले में बदमाश या तो किल पाइंट को निशाना बना रहे हैं अथवा जाते समय बचने की गुंजाइश को समाप्त करते हुए सीधे किल पाइंट पर गोली दाग रहे हैं।
एक वर्ष पूर्व भदौड़ा गांव में एक तेहरवी में कुख्यात योगेश भदौड़ा के भाई प्रमोद भदौड़ा की गोली बरसाकर हत्या की गई। बचने की कोई गुंजाइश न छोड़ते हुए प्रमोद के सिर में गोली मारी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मेें मौत की वजह भी सिर में गोली लगना आया। गाजियाबाद कचहरी में ऊधम सिंह पर हमला हुआ तो निशाना सीधे सिर को बनाया गया। गोली ऊधम के सिर से रगड़ खाते हुए निकल गई और वह बच गया।
हाल ही में करनावल में तिहरा हत्याकांड हुआ। संदीप, सत्यवीर और राजू उर्फ राजेंद्र की हत्या भी सिर में गोली मारकर की गई। सरधना के बिनौली रोड स्थित बाजार में मंगलवार को सरूरपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर नीटू उर्फ रमेश पर गोलियां बरसाई गई। जाते समय बदमाशों ने एक गोली नीटू के सिर में मारकर मौत को तस्दीक कर लिया। पांच हत्याओं मेें निशाना सिर को बनाने और बदमाशों के सीधे मौत देने के इस अंदाज पर पुलिस महकमे में बेचैनी है।
सर्जन डॉक्टर सुनील त्यागी के अनुसार सिर में लगी गोली या तो मौत देती है अथवा आदमी को जीवन भर के लिए अपंग बना देती है।
ग्रामीण बोले, शक के आधार पर हो रहीं हत्याएं
सरधना। ऊधम और योगेश भदौड़ा की खूनी रंजिश लोगों का काल बन रही है। लगातार हत्याओं से ग्रामीण दहशत में हैं। लोगों को डर सता रहा है कि अब अगला निशाना कौन है?
करनावल में हुए तिहरे हत्याकांड के बाद भी पुलिस नहीं चेती और मंगलवार को फिर एक और हत्या हो गई। ग्रामीणों में इसको लेकर आक्रोश है कि पुलिस ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। नीटू की हत्या के बाद मौके पर सरूरपुर और करनावल के ग्रामीण पहुंचे, तो उनका दर्द सामने आया। ग्रामीणों ने बताया कि योगेश और ऊधम सिंह की खूनी रंजिश में पूरा क्षेत्र जल रहा है। घर खाली हो रहे हैं। गांव से लोग पलायन की तैयारी कर रहे हैं। बीते दिनों करनावल में तीन युवकों को मार दिया गया। इनमें से दो का तो कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं था। ग्रामीण ने अंदेशा जताया कि यदि पुलिस की लापरवाही का यही हाल रहा, तो अभी और हत्याएं हो सकती हैं। ग्रामीणों के अनुसार, हत्याएं भी केवल शक के आधार पर हो रही हैं। नीटू की हत्या के बाद सरूरपुर, करनावल, भदौड़ा, रतौली में दहशत बनी हुई है।
‘गवाही दी तो अंजाम बुरा होगा’
सरधना। जिस समय बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया, उस वक्त बाजार में काफी भीड़भाड़ थी। मुख्य मार्ग पर जाम जैसे हालात थे, लेकिन इसके बावजूद भी बदमाशों ने नीटू की हत्या की और इसके बाद बाजार में कई राउंड फायरिंग कर लोगों से कहा कि गवाही देने की हिम्मत मत करना, वरना अंजाम इससे भी बुरा होगा।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बदमाश 25 मिनट तक बाजार में रहे। बदमाशों ने बाइक सड़क किनारे नीटू की कार के पास खड़ी की थी। दुकान में घुसकर नीटू पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। आखिरी गोली नीटू के सिर में मारी। नीटू के मरने का यकीन होने के बाद बदमाश दुकान से निकले और सड़क पर आकर हवाई फायरिंग की।

बदमाशों ने असलाह लहराते हुए कहा कि हमें पहचान लो पर गवाही देना तो दूर इसके बारे में सोचना भी मत, वरना अंजाम इससे भी बुरा होगा। बदमाशों की उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच बताई गई है। नीटू की कमर और सिर में गोली मारी गईं।
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