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मंडल की मिलों पर 110 करोड़ बकाया
Meerut
Updated Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
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मेरठ। अभी तक मंडल की किसी मिल ने देरी से भुगतान का ब्याज नहीं दिया है। इन मिलों पर करीब 42.5 करोड़ रुपये का ब्याज बकाया है। मोदीनगर और मलकपुर मिल पर 68 करोड़ रुपये किसानाें का बकाया है।
मंडल की 15 शुगर मिलों में से केवल सकौती और अनामिका ने समय पर भुगतान किया था। बाकी ने कोर्ट की फटकार के बाद भुगतान किया। मोदीनगर मिल पर 37.24 करोड़ और मलकपुर मिल पर 31.26 करोड़ रुपये अभी बकाया हैं। यूपी गन्ना एक्ट के अनुसार गन्ना खरीद के 14 दिन बाद पेमेंट करने पर किसान को बकाया पर ब्याज देने का प्रावधान है। पेराई सत्र 2011-12 में लेट पेमेंट करने पर हाईकोर्ट ने ब्याज देने का भी आदेश दिया था। गन्ना विभाग के अधिकारियों के अनुसार 30 सितंबर 2012 तक दौराला, मवाना, नंगलामल, मोदीनगर, मलकपुर, किनौनी, सिंभावली, बृजनाथपुर, बागपत, रमाला, बुलंदशहर, साबितगढ़ मिलों पर 42.5 करोड़ का ब्याज बकाया है।
30 सितंबर तक किस पर कितना बकाया
मिल ब्याज (लाख रुपये में)
मोदीनगर 656
मलकपुर 866
मवाना 815
नंगलामल 355
दौराला 271
किनौनी 144
सिंभावली 494
बृजनाथपुर 146
रमाला 151
बागपत 233
बुलंदशहर 69
साबितगढ़ 50
(आंकड़े गन्ना भवन से लिए गए हैं)
सरकारी मिल भी नहीं कर रहीं भुगतान
सरकारी मिलों पर भी देरी से भुगतान का ब्याज बकाया है। कोऑपरेटिव शुगर मिल बागपत और रमाला मिल इस श्रेणी में हैं। दोनों पर करीब चार करोड़ का ब्याज बकाया है।
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... तो करेंगे मिलों पर तालाबंदी
रालोद नेता डॉ. राजकुमार सांगवान का कहना है कि किसान का पैसा दबाना मिलों का शगल बन गया है। इस बार ऐसा नहीं होने दिया जाएगा, जो मिल भुगतान नहीं करेगी, किसान उसको ताला लगा देंगे।
वर्जन
देरी से किए गए भुगतान पर ब्याज की गणना कराई जा रही है। मिलों से ब्याज का भुगतान हर हाल में कराया जाएगा। - डा. वीबी सिंह, उप गन्ना आयुक्त।
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मंडल की 15 शुगर मिलों में से केवल सकौती और अनामिका ने समय पर भुगतान किया था। बाकी ने कोर्ट की फटकार के बाद भुगतान किया। मोदीनगर मिल पर 37.24 करोड़ और मलकपुर मिल पर 31.26 करोड़ रुपये अभी बकाया हैं। यूपी गन्ना एक्ट के अनुसार गन्ना खरीद के 14 दिन बाद पेमेंट करने पर किसान को बकाया पर ब्याज देने का प्रावधान है। पेराई सत्र 2011-12 में लेट पेमेंट करने पर हाईकोर्ट ने ब्याज देने का भी आदेश दिया था। गन्ना विभाग के अधिकारियों के अनुसार 30 सितंबर 2012 तक दौराला, मवाना, नंगलामल, मोदीनगर, मलकपुर, किनौनी, सिंभावली, बृजनाथपुर, बागपत, रमाला, बुलंदशहर, साबितगढ़ मिलों पर 42.5 करोड़ का ब्याज बकाया है।
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30 सितंबर तक किस पर कितना बकाया
मिल ब्याज (लाख रुपये में)
मोदीनगर 656
मलकपुर 866
मवाना 815
नंगलामल 355
दौराला 271
किनौनी 144
सिंभावली 494
बृजनाथपुर 146
रमाला 151
बागपत 233
बुलंदशहर 69
साबितगढ़ 50
(आंकड़े गन्ना भवन से लिए गए हैं)
सरकारी मिल भी नहीं कर रहीं भुगतान
सरकारी मिलों पर भी देरी से भुगतान का ब्याज बकाया है। कोऑपरेटिव शुगर मिल बागपत और रमाला मिल इस श्रेणी में हैं। दोनों पर करीब चार करोड़ का ब्याज बकाया है।
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... तो करेंगे मिलों पर तालाबंदी
रालोद नेता डॉ. राजकुमार सांगवान का कहना है कि किसान का पैसा दबाना मिलों का शगल बन गया है। इस बार ऐसा नहीं होने दिया जाएगा, जो मिल भुगतान नहीं करेगी, किसान उसको ताला लगा देंगे।
वर्जन
देरी से किए गए भुगतान पर ब्याज की गणना कराई जा रही है। मिलों से ब्याज का भुगतान हर हाल में कराया जाएगा। - डा. वीबी सिंह, उप गन्ना आयुक्त।