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प्रवेश् ा में फर्जीवाड़े मामले में आयुक्त ने अधिकारियों से मांगे दस्तावेज
Updated Wed, 02 May 2018 02:28 AM IST
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प्रवेश के नाम पर फर्जीवाड़ा मामले में आयुक्त ने मांगे दस्तावेज
मेरठ। जिले के चार कॉलेजों में प्रवेश के नाम पर फर्जीवाडे़ के मामले में आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने जांच बैठा दी है। सोमवार को माछरा के महर्षि दयानंद कॉलेज परिसर में स्थित दयानंद एजुकेशन इंस्टीट्यूट, फकीर चंद विद्या इंस्टीट्यूट और परतापुर के मोहउद्दिनपुर स्थित सविता महाविद्यालय में चार सौ से ज्यादा अभ्यर्थियों ने हंगामा किया था। एडमिट कार्ड न मिलने पर अभ्यर्थियों ने दिल्ली-देहरादून हाईवे पर जाम भी लगाया था।
इन कॉलेजों पर परीक्षा नियामक इलाहाबाद से अभ्यर्थियों को डाटा चोरी करने का भी आरोप है। पीड़ित अभ्यर्थी मनीष शर्मा निवासी वाराणसी ने बताया कॉलेज से फोन पर मेसेज और कॉल आया था। जिसके बाद ही उन्होंने कॉलेज में प्रवेश लिया था। मनीष के अलावा कन्नौज, लखीमपुर खीरी सहित पूर्वी उप्र के कई सौ युवाओं को कॉलेजों ने जाल में फंसाया है। जो 50 से 60 हजार रुपये कॉलेज को दे चुके हैं। जबकि मूल प्रमाण पत्र भी कॉलेजों में जमा होने के कारण अभ्यर्थी फंसे हुए हैं। जालौन निवासी अनार सिंह ने बताया कॉलेज प्रबंधन मूल प्रमाण पत्र देने में आनाकानी कर रहा है। मंगलवार को मामले में आयुक्त ने जांच शुरू करा दी है। आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने संबधित विभागीय अधिकारियों से कॉलेजों के दस्तावेज जुटाने के निर्देश दे दिए हैं। आयुक्त ने मामले में जांच कर कालेज प्रबंधन पर मुकदमा दर्ज कराने को कहा है। डॉ. प्रभात कुमार ने बताया जिले के सभी डीएलएड (डिप्लोमा इन इलेमेंट्री एजुकेशन) कॉलेजों की जांच होगी।
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मेरठ। जिले के चार कॉलेजों में प्रवेश के नाम पर फर्जीवाडे़ के मामले में आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने जांच बैठा दी है। सोमवार को माछरा के महर्षि दयानंद कॉलेज परिसर में स्थित दयानंद एजुकेशन इंस्टीट्यूट, फकीर चंद विद्या इंस्टीट्यूट और परतापुर के मोहउद्दिनपुर स्थित सविता महाविद्यालय में चार सौ से ज्यादा अभ्यर्थियों ने हंगामा किया था। एडमिट कार्ड न मिलने पर अभ्यर्थियों ने दिल्ली-देहरादून हाईवे पर जाम भी लगाया था।
इन कॉलेजों पर परीक्षा नियामक इलाहाबाद से अभ्यर्थियों को डाटा चोरी करने का भी आरोप है। पीड़ित अभ्यर्थी मनीष शर्मा निवासी वाराणसी ने बताया कॉलेज से फोन पर मेसेज और कॉल आया था। जिसके बाद ही उन्होंने कॉलेज में प्रवेश लिया था। मनीष के अलावा कन्नौज, लखीमपुर खीरी सहित पूर्वी उप्र के कई सौ युवाओं को कॉलेजों ने जाल में फंसाया है। जो 50 से 60 हजार रुपये कॉलेज को दे चुके हैं। जबकि मूल प्रमाण पत्र भी कॉलेजों में जमा होने के कारण अभ्यर्थी फंसे हुए हैं। जालौन निवासी अनार सिंह ने बताया कॉलेज प्रबंधन मूल प्रमाण पत्र देने में आनाकानी कर रहा है। मंगलवार को मामले में आयुक्त ने जांच शुरू करा दी है। आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने संबधित विभागीय अधिकारियों से कॉलेजों के दस्तावेज जुटाने के निर्देश दे दिए हैं। आयुक्त ने मामले में जांच कर कालेज प्रबंधन पर मुकदमा दर्ज कराने को कहा है। डॉ. प्रभात कुमार ने बताया जिले के सभी डीएलएड (डिप्लोमा इन इलेमेंट्री एजुकेशन) कॉलेजों की जांच होगी।
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