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सेमिनार विश्वविद्यालय
Updated Wed, 07 Mar 2018 01:44 AM IST
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कई खेलों से मिलेगी खिलाड़ी को कामयाबी
मेरठ। खिलाड़ियों को यदि कामयाबी हासिल करनी है तो उन्हें एक ही खेल में नहीं बल्कि कई खेलों में खेलना चाहिए। कभी-कभी खिलाड़ियों को लगता है कि वे एक ही खेल अच्छा खेल सकते हैं, लेकिन कई खेलों से उसकी असल प्रतिभा सामने आती है। शरीर भी स्वस्थ रहता है। ये बात मंगलवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के बृहस्पति भवन में मेरठ क्रीड़ा परिषद क्रीड़ा विभाग के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी में ओलंपियन ब्रिगेडियर लाभ सिंह ने कही।
संगोष्ठी का शुभारंभ कुलपति प्रो. एनके तनेजा और विशिष्ट अतिथि एवं मुख्य वक्ता ब्रिगेडियर लाभ सिंह ने किया। मंगलवार को तीन साइंटिफिक सेशन हुए। इसमें 11 पेपर पढ़े गए। जिनमें वक्ताओं ने विश्वविद्यालय खेलों के माध्यम से मिशन ओलंपिक के विभिन्न आयामों पर विचार रखे। मुख्य वक्ता ब्रिगेडियर लाभ सिंह ने कहा कि हमारे यहां पर खेलों में ओर भी अच्छे खिलाड़ी निकल सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होने का कारण ये है कि आज भी पैरेंट्स बच्चों के लिए पढ़ाई को पहली तरजीह देते हैं और खेल को दूसरी। इसकी वजह से कितनी ही प्रतिभाएं आगे नहीं निकल पातीं। उन्होंने कहा कि क्रिकेट की वजह से दूसरे खेलों में खिलाड़ियों का रुझान बढ़ा है। इसकी वजह से ओलंपिक खेलों में खिलाड़ी जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौका मिले तो स्कूल, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से निकले खिलाड़ी ओलंपिक तक जा सकते हैं। ऐसे में इस पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने दूसरे देशों का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां पर खेल को लेकर पैरेंट्स से लेकर सरकार तक ध्यान देती है। उन्होंने कहा कि 16 से 19 साल तक के युवा खेल में काफी कुछ कर सकते हैं। प्रो. सुधीर शर्मा, प्रो. एचएस बालियान और प्रो. वाई विमला विभिन्न सत्रों में विशिष्ट अतिथि रहे। संचालन डॉ. साहिल व डॉ. बरखा भारद्वाज ने किया। क्रीड़ाधिकारी गुलाब सिंह रूहल का सहयोग रहा। शुभारंभ समारोह में क्रीड़ा परिषद के अध्यक्ष डॉ. नरेश मलिक, मेरठ कालेज के डॉ. वीरेंद्र कुमार, डॉ. योगेश कुमार आदि मौजूद रहे।
खास बातें:
ओलंपिक में भाग ले चुके ब्रिगेडियर लाभ सिंह ने विश्वविद्यालय में आयोजित संगोष्ठी में रखे विचार
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मेरठ। खिलाड़ियों को यदि कामयाबी हासिल करनी है तो उन्हें एक ही खेल में नहीं बल्कि कई खेलों में खेलना चाहिए। कभी-कभी खिलाड़ियों को लगता है कि वे एक ही खेल अच्छा खेल सकते हैं, लेकिन कई खेलों से उसकी असल प्रतिभा सामने आती है। शरीर भी स्वस्थ रहता है। ये बात मंगलवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के बृहस्पति भवन में मेरठ क्रीड़ा परिषद क्रीड़ा विभाग के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी में ओलंपियन ब्रिगेडियर लाभ सिंह ने कही।
संगोष्ठी का शुभारंभ कुलपति प्रो. एनके तनेजा और विशिष्ट अतिथि एवं मुख्य वक्ता ब्रिगेडियर लाभ सिंह ने किया। मंगलवार को तीन साइंटिफिक सेशन हुए। इसमें 11 पेपर पढ़े गए। जिनमें वक्ताओं ने विश्वविद्यालय खेलों के माध्यम से मिशन ओलंपिक के विभिन्न आयामों पर विचार रखे। मुख्य वक्ता ब्रिगेडियर लाभ सिंह ने कहा कि हमारे यहां पर खेलों में ओर भी अच्छे खिलाड़ी निकल सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होने का कारण ये है कि आज भी पैरेंट्स बच्चों के लिए पढ़ाई को पहली तरजीह देते हैं और खेल को दूसरी। इसकी वजह से कितनी ही प्रतिभाएं आगे नहीं निकल पातीं। उन्होंने कहा कि क्रिकेट की वजह से दूसरे खेलों में खिलाड़ियों का रुझान बढ़ा है। इसकी वजह से ओलंपिक खेलों में खिलाड़ी जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौका मिले तो स्कूल, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से निकले खिलाड़ी ओलंपिक तक जा सकते हैं। ऐसे में इस पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने दूसरे देशों का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां पर खेल को लेकर पैरेंट्स से लेकर सरकार तक ध्यान देती है। उन्होंने कहा कि 16 से 19 साल तक के युवा खेल में काफी कुछ कर सकते हैं। प्रो. सुधीर शर्मा, प्रो. एचएस बालियान और प्रो. वाई विमला विभिन्न सत्रों में विशिष्ट अतिथि रहे। संचालन डॉ. साहिल व डॉ. बरखा भारद्वाज ने किया। क्रीड़ाधिकारी गुलाब सिंह रूहल का सहयोग रहा। शुभारंभ समारोह में क्रीड़ा परिषद के अध्यक्ष डॉ. नरेश मलिक, मेरठ कालेज के डॉ. वीरेंद्र कुमार, डॉ. योगेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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खास बातें:
ओलंपिक में भाग ले चुके ब्रिगेडियर लाभ सिंह ने विश्वविद्यालय में आयोजित संगोष्ठी में रखे विचार