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वार्ड 22 व 25
Updated Thu, 23 Nov 2017 03:38 AM IST
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मेरठ। रोहटा रोड स्थित वार्ड नंबर 22 में घमासान दिखा तो वार्ड 25 में सीधी टक्कर दिखाई दी। वार्ड 22 में निर्दलीय प्रत्याशी कहीं पार्टी प्रत्याशियों पर भारी पड़ते नजर आए तो कहीं उनसे पिछड़ते नजर आए। दलित व मुसलिमों की मिश्रित आबादी में जहां हाथी दौड़ता नजर आया, वहीं गेट बंद कॉलोनियों में भाजपा का फूल खिलता नजर आया।
वार्ड 22 के गोलाबढ़ गांव में दो निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। हाथी भी काफी वोट झटकता नजर आया। यहां के स्थानीय प्रत्याशियों के चलते दलित, खेमेबंदी में बंटते नजर आए। हालांकि मुस्लिम वोटरों का अधिकतर रुझान एक प्रत्याशी की तरफ ही दिखाई दिया। यहां के अलावा रोहटा रोड स्थित कॉलोनियों में भाजपा, रालोद और बसपा के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। वार्ड 25 की बात करें तो यहां सीधा मुकाबला भाजपा और एक निर्दलीय प्रत्याशी के बीच सिमटता दिखाई दिया। वार्ड महिला के लिए आरक्षित होने पर भाजपा ने पूर्व पार्षद की पत्नी को मैदान में उतारा था। यहां उनके सामने खड़ी निर्दलीय प्रत्याशी का भी रंग जमता नजर आया। हालांकि कौन किस पर भारी रहा और किसने किसे कहां से पटकनी दी, ये तो एक दिसंबर को होने वाली मतगणना के बाद ही पता लगेगा। फिलहाल तो चुनाव लड़ रहे सभी प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।
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वार्ड 22 के गोलाबढ़ गांव में दो निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। हाथी भी काफी वोट झटकता नजर आया। यहां के स्थानीय प्रत्याशियों के चलते दलित, खेमेबंदी में बंटते नजर आए। हालांकि मुस्लिम वोटरों का अधिकतर रुझान एक प्रत्याशी की तरफ ही दिखाई दिया। यहां के अलावा रोहटा रोड स्थित कॉलोनियों में भाजपा, रालोद और बसपा के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। वार्ड 25 की बात करें तो यहां सीधा मुकाबला भाजपा और एक निर्दलीय प्रत्याशी के बीच सिमटता दिखाई दिया। वार्ड महिला के लिए आरक्षित होने पर भाजपा ने पूर्व पार्षद की पत्नी को मैदान में उतारा था। यहां उनके सामने खड़ी निर्दलीय प्रत्याशी का भी रंग जमता नजर आया। हालांकि कौन किस पर भारी रहा और किसने किसे कहां से पटकनी दी, ये तो एक दिसंबर को होने वाली मतगणना के बाद ही पता लगेगा। फिलहाल तो चुनाव लड़ रहे सभी प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।
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