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बाल दिवस पैकेज
Updated Tue, 14 Nov 2017 03:07 AM IST
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मेरठ। छोटी सी उम्र में बड़ा काम और ऊंचा नाम। शहर के नौनिहालों की सफलता का परचम राष्ट्रीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फहरा रहा है। शहर की गलियों से निकलकर बच्चे देशभर में मेरठ का नाम ऊंचा कर रहे हैं। खेल, हस्तकला, अभिनय, गायन से लेकर रफ्तार के हुनर में पारंगत ये बच्चे शहर का गौरव है। जिन्होंने अपने विद्यालय, परिवार और शहर का नाम प्रसिद्धि के हर मुकाम तक पहुंचाया है। आज बाल दिवस के मौके पर शहर के ऐसे ही बच्चों की कहानी पर आधारित ये रिपोर्ट.....
कला के रंगों से सजाए सपनों के चित्र
सोतीगंज निवासी दिया रस्तोगी की अंगुलियां भविष्य के सपनों में हुनर के रंग भर रही हैं। दीवान पब्लिक स्कूल में 11वीं कक्षा की छात्रा दिया रस्तोगी ने पेंटिंग में मेरठ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर चमकाया है। दिया की मम्मी दीप्ति का सपना बेटी को चित्रकार बनाना है। पापा दीपक रस्तोगी कहते हैं बचपन से ही बेटी के हाथों में मैंने वो जादू देखा जो एक कलाकार क े हाथों में होता है। उसी दिन सोच लिया कि दिया को कला के क्षेत्र में बढ़ाएंगे। दिया मिट्टी के बर्तन बनाओ प्रतियोगिता सहित एनटीपीसी, केमलिन व केंद्रीय जल संरक्षण विभाग की ओर से आयोजित चित्रकला प्रतियोगिताओं में पहला स्थान ले चुकी हैं। एलआईसी की ओर से आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भी दिया ने पहला स्थान लेकर शहर का नाम रोशन किया है।
मौसी के सपने ने बनाया राष्ट्रीय खिलाड़ी
बच्चे माता-पिता के सपनों को पूरा करते हैं, लेकिन सातवीं कक्षा की छात्रा आरुषि शर्मा अपनी मौसी के सपने को पूरा करने में जुटी है। ब्रह्मपुरी निवासी ममता शर्मा और बालकिशन शर्मा की बेटी आरुषि शर्मा बैडमिंटन की राष्ट्रीय खिलाड़ी है। सीबीएसई क्लस्टर में खेलकर गोल्ड मेडल ले चुकी है। पिता बालकिशन ने बताया कि आरुषि को तैराकी और बैडमिंटन दोनों का शौक उसकी मौसी से लगा। कैलाश प्रकाश स्टेडियम में तैराकी व बैडमिंटन का प्रशिक्षण लिया। सीबीएसई क्लस्टर में खेलकर दो बार गोल्ड मेडल ले चुकी है।
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छोटी उम्र में एशियन रोलर स्केटिंग में दिखाएंगे जलवा
प्रसिद्धि के जिस मुकाम पर पहुंचने में लोगों को सालों लग जाते हैं, उस मुकाम पर 11 साल के आलोक टोपो जल्द ही नजर आएंगे। सेंट थॉमस इंग्लिश मीडियम स्कूल में तीसरी कक्षा के छात्र आलोक टोपो स्केटिंग की दुनिया का उभरता सितारा है। ईव्ज चौराहा निवासी डेनियल टोपो और अंजू टोपो के बेटे आलोक ने छोटी सी आयु में ही स्केटिंग में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं। आलोक आल इंडिया ओपन चैंपियनशिप, नेशनल स्केटिंग चैंपियनशिप, यूपी स्टेट चैंपियनशिप, इंटर स्कूल रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप में भाग लेकर गोल्ड जीत चुके हैं। 7 साल की आयु से आलोक स्केटिंग कोच अनीस भारती से स्केटिंग का प्रशिक्षण ले रहे हैं। इब एशियन रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप की तैयारी कर रहे हैं। आलोक के पिता डेनियल टोपो भी बेटे को अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्केटिंग चैंपियन बनाना चाहते हैं।
नन्हें वियान के नाम एशिया बुक, गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड
वियान की स्केटिंग रफ्तार ने वियान को इस छोटी सी उम्र में एशिया बुक ऑफ रिकार्ड, गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज कराया है। वेंकटेश्वरा वर्ल्ड स्कूल के छात्र वियान कौशिक मयूर विहार शास्त्रीनगर में रहते हैं। वियान के पिता वरदान कौशिक कहते हैं कि परिवार में कोई स्केटिंग में नहीं है। बेटे को हम अंतरराष्ट्रीय स्केटर बनाना चाहते हैं। मम्मी आकांक्षा ने बताया इतनी छोटी उम्र में बेटे ने वर्ल्ड रिकार्ड में नाम शामिल कराया है हमारे लिए गर्व की बात है। वियान ने मई 2017 में गिनीज बुक रिकार्ड के लिए 5 किलोमीटर की दूरी तय की, जून में एशिया बुक ऑफ रिकार्ड में 51 घंटे लगातार रोलर स्केटिंग करके नाम दर्ज कराया। कोच अंकुर गुप्ता से स्केटिंग की ट्रेनिंग ले रहे हैं। चिल्ड्रन बुक ऑफ रिकार्ड, ग्लोबल रिकार्डस, इंडियन एचीवर बुक रिकार्ड व यूनिक वर्ल्ड रिकार्ड बना चुके हैं।
शूटिंग से साधे सफलता के निशाने
10 मीटर एयर राइफल में प्रदेश स्तर पर 5 से अधिक गोल्ड मेडल जीत चुके विदित जैन का सपना देश को शूटिंग में सोना दिलाना है। सदर निवासी विदित 4 साल से शूटिंग का प्रशिक्षण ले रहे हैं। पिता राजीव जैन ने बताया कि परिवार में कोई शूटिंग में नहीं लेकिन बेटे को शौक था इसलिए हमने उसे रोका नहीं। मम्मी बबीता भी बेटे की उपलब्धि पर नाज करती है। दीवान पब्लिक स्कूल का छात्र विदित अब तक यूपी इंटर स्कूल शूटिंग चैंपियनशिप, गन केयर शूटिंग चैंपियनशिप, प्रीयूपी स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप सहित अन्य प्रतियोगिताओं में भाग लेकर 6 सिल्वर, 5 गोल्ड, 3 ब्रांज मेडल जीत चुके हैं।
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कला के रंगों से सजाए सपनों के चित्र
सोतीगंज निवासी दिया रस्तोगी की अंगुलियां भविष्य के सपनों में हुनर के रंग भर रही हैं। दीवान पब्लिक स्कूल में 11वीं कक्षा की छात्रा दिया रस्तोगी ने पेंटिंग में मेरठ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर चमकाया है। दिया की मम्मी दीप्ति का सपना बेटी को चित्रकार बनाना है। पापा दीपक रस्तोगी कहते हैं बचपन से ही बेटी के हाथों में मैंने वो जादू देखा जो एक कलाकार क े हाथों में होता है। उसी दिन सोच लिया कि दिया को कला के क्षेत्र में बढ़ाएंगे। दिया मिट्टी के बर्तन बनाओ प्रतियोगिता सहित एनटीपीसी, केमलिन व केंद्रीय जल संरक्षण विभाग की ओर से आयोजित चित्रकला प्रतियोगिताओं में पहला स्थान ले चुकी हैं। एलआईसी की ओर से आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भी दिया ने पहला स्थान लेकर शहर का नाम रोशन किया है।
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मौसी के सपने ने बनाया राष्ट्रीय खिलाड़ी
बच्चे माता-पिता के सपनों को पूरा करते हैं, लेकिन सातवीं कक्षा की छात्रा आरुषि शर्मा अपनी मौसी के सपने को पूरा करने में जुटी है। ब्रह्मपुरी निवासी ममता शर्मा और बालकिशन शर्मा की बेटी आरुषि शर्मा बैडमिंटन की राष्ट्रीय खिलाड़ी है। सीबीएसई क्लस्टर में खेलकर गोल्ड मेडल ले चुकी है। पिता बालकिशन ने बताया कि आरुषि को तैराकी और बैडमिंटन दोनों का शौक उसकी मौसी से लगा। कैलाश प्रकाश स्टेडियम में तैराकी व बैडमिंटन का प्रशिक्षण लिया। सीबीएसई क्लस्टर में खेलकर दो बार गोल्ड मेडल ले चुकी है।
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छोटी उम्र में एशियन रोलर स्केटिंग में दिखाएंगे जलवा
प्रसिद्धि के जिस मुकाम पर पहुंचने में लोगों को सालों लग जाते हैं, उस मुकाम पर 11 साल के आलोक टोपो जल्द ही नजर आएंगे। सेंट थॉमस इंग्लिश मीडियम स्कूल में तीसरी कक्षा के छात्र आलोक टोपो स्केटिंग की दुनिया का उभरता सितारा है। ईव्ज चौराहा निवासी डेनियल टोपो और अंजू टोपो के बेटे आलोक ने छोटी सी आयु में ही स्केटिंग में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं। आलोक आल इंडिया ओपन चैंपियनशिप, नेशनल स्केटिंग चैंपियनशिप, यूपी स्टेट चैंपियनशिप, इंटर स्कूल रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप में भाग लेकर गोल्ड जीत चुके हैं। 7 साल की आयु से आलोक स्केटिंग कोच अनीस भारती से स्केटिंग का प्रशिक्षण ले रहे हैं। इब एशियन रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप की तैयारी कर रहे हैं। आलोक के पिता डेनियल टोपो भी बेटे को अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्केटिंग चैंपियन बनाना चाहते हैं।
नन्हें वियान के नाम एशिया बुक, गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड
वियान की स्केटिंग रफ्तार ने वियान को इस छोटी सी उम्र में एशिया बुक ऑफ रिकार्ड, गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज कराया है। वेंकटेश्वरा वर्ल्ड स्कूल के छात्र वियान कौशिक मयूर विहार शास्त्रीनगर में रहते हैं। वियान के पिता वरदान कौशिक कहते हैं कि परिवार में कोई स्केटिंग में नहीं है। बेटे को हम अंतरराष्ट्रीय स्केटर बनाना चाहते हैं। मम्मी आकांक्षा ने बताया इतनी छोटी उम्र में बेटे ने वर्ल्ड रिकार्ड में नाम शामिल कराया है हमारे लिए गर्व की बात है। वियान ने मई 2017 में गिनीज बुक रिकार्ड के लिए 5 किलोमीटर की दूरी तय की, जून में एशिया बुक ऑफ रिकार्ड में 51 घंटे लगातार रोलर स्केटिंग करके नाम दर्ज कराया। कोच अंकुर गुप्ता से स्केटिंग की ट्रेनिंग ले रहे हैं। चिल्ड्रन बुक ऑफ रिकार्ड, ग्लोबल रिकार्डस, इंडियन एचीवर बुक रिकार्ड व यूनिक वर्ल्ड रिकार्ड बना चुके हैं।
शूटिंग से साधे सफलता के निशाने
10 मीटर एयर राइफल में प्रदेश स्तर पर 5 से अधिक गोल्ड मेडल जीत चुके विदित जैन का सपना देश को शूटिंग में सोना दिलाना है। सदर निवासी विदित 4 साल से शूटिंग का प्रशिक्षण ले रहे हैं। पिता राजीव जैन ने बताया कि परिवार में कोई शूटिंग में नहीं लेकिन बेटे को शौक था इसलिए हमने उसे रोका नहीं। मम्मी बबीता भी बेटे की उपलब्धि पर नाज करती है। दीवान पब्लिक स्कूल का छात्र विदित अब तक यूपी इंटर स्कूल शूटिंग चैंपियनशिप, गन केयर शूटिंग चैंपियनशिप, प्रीयूपी स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप सहित अन्य प्रतियोगिताओं में भाग लेकर 6 सिल्वर, 5 गोल्ड, 3 ब्रांज मेडल जीत चुके हैं।