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युद्धवीर सिंह बने यूपीसीए सचिव
Updated Sat, 23 Sep 2017 03:07 AM IST
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मेरठ। शुक्रवार को कानपुर में हुई उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की वार्षिक आम सभा (एजीएम) में एसोसिएशन के कार्यकारी सचिव एवं मेरठ निवासी युद्धवीर सिंह को सचिव चुन लिया गया। इससे पहले एसोसिएशन ने उन्हें डायरेक्टर चुना था। दोनों पदों की घोषणा एक साथ करते ही मेरठ के हिस्से दोहरी खुशी आई।
मेरठ कालेज मेरठ में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर युद्धवीर सिंह 11 साल तक एमडीसीए के पद पर रहे थे। तीन साल पहले उनके काम से खुश होकर यूपीसीए में कार्यकारी सचिव चुना गया था। इससे पहले युद्धवीर सिंह व रियासत अली को डायरेक्टर चुना गया था। ज्योति वाजपेयी और गौर हरि सिंघानिया के निधन के बाद से ये दोनों पद खाली चल रहे थे। इसकी जानकारी भी एजीएम में ही दी जानी थी, लेकिन जिला संघों व पदाधिकारियों को नोटिस देकर पहले ही जानकारी दे दी गई थी। शुक्रवार को हुई एसोसिएशन की एजीएम में युद्धवीर सिंह के कार्यकारी सचिव पद को स्थायी करते हुए सचिव बनाए जाने की औपचारिक घोषणा कर दी गई। युद्धवीर सिंह के सचिव के साथ निदेशक बनने पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इसका कारण यह है कि निदेशक लाभ का पद नहीं है। लोढ़ा समिति की सिफारिशों के मुताबिक एक ही व्यक्ति लाभ के दो पदों पर एक साथ नहीं रह सकता है। युद्धवीर सिंह के सचिव व निदेशक बनने पर एमडीसीए सचिव सुरेंद्र चौहान, संयुक्त सचिव संजय रस्तोगी, कोषाध्यक्ष राकेश गोयल, रवींद्र चौहान आदि ने बधाई दी है। अमर उजाला से बात करते हुए युद्धवीर सिंह ने बताया कि उन्हें जो जिम्मेदारी यूपीसीए ने सौंपी है वे उसे पूरी शिद्दत से निभाएंगे।
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मेरठ कालेज मेरठ में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर युद्धवीर सिंह 11 साल तक एमडीसीए के पद पर रहे थे। तीन साल पहले उनके काम से खुश होकर यूपीसीए में कार्यकारी सचिव चुना गया था। इससे पहले युद्धवीर सिंह व रियासत अली को डायरेक्टर चुना गया था। ज्योति वाजपेयी और गौर हरि सिंघानिया के निधन के बाद से ये दोनों पद खाली चल रहे थे। इसकी जानकारी भी एजीएम में ही दी जानी थी, लेकिन जिला संघों व पदाधिकारियों को नोटिस देकर पहले ही जानकारी दे दी गई थी। शुक्रवार को हुई एसोसिएशन की एजीएम में युद्धवीर सिंह के कार्यकारी सचिव पद को स्थायी करते हुए सचिव बनाए जाने की औपचारिक घोषणा कर दी गई। युद्धवीर सिंह के सचिव के साथ निदेशक बनने पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इसका कारण यह है कि निदेशक लाभ का पद नहीं है। लोढ़ा समिति की सिफारिशों के मुताबिक एक ही व्यक्ति लाभ के दो पदों पर एक साथ नहीं रह सकता है। युद्धवीर सिंह के सचिव व निदेशक बनने पर एमडीसीए सचिव सुरेंद्र चौहान, संयुक्त सचिव संजय रस्तोगी, कोषाध्यक्ष राकेश गोयल, रवींद्र चौहान आदि ने बधाई दी है। अमर उजाला से बात करते हुए युद्धवीर सिंह ने बताया कि उन्हें जो जिम्मेदारी यूपीसीए ने सौंपी है वे उसे पूरी शिद्दत से निभाएंगे।
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