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मौसम की मार, ओपीडी पहुंची पांच हजार के पार
Updated Tue, 05 Sep 2017 02:56 AM IST
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मौसम की मार, ओपीडी पहुंची पांच हजार के पार
अमर उजाला ब्यरो
मेरठ।
बारिश के बाद बढ़ी उमस से उल्टी, दस्त और त्वचा रोगों के मरीजों में बढ़ोतरी हो रही है। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में पहले जहां आमतौर पर चार से साढ़े चार हजार की ओपीडी हो रही थी, वहां सोमवार को ओपीडी पांच हजार के पार पहुंच गई। मरीजों की लंबी-लंबी लाइनें लगी रहीं।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी 3293 और जिला अस्पताल की 1825 रही। जिला अस्पताल में त्वचा रोगों की ओपीडी 150 रहती थी, जो बढ़कर 300 के पार पहुंच चुकी है। इनमें काफी तादाद में बच्चे और महिलाएं भी हैं। हाथ-पैर, कोहनी, पैर के पंजे और जांघ में होने वाले संक्रमण से ज्यादा परेशानी होती है। जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ जेपी सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से त्वचा रोग के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इनमें काफी मरीज फंगल इंफेक्शन (फफुंदीय त्वचा संक्रमण) के भी हैं। गंदगी और साफ-सफाई पर ध्यान न देने के कारण फंगल इंफेक्शन अधिक होता है। बारिश के मौसम में ज्यादा साफ-सफाई की जरूरत होती है। उन्होंने बताया कि बारिश के पानी में भीगने से बचना चाहिए। बारिश में भीग जाएं तो साफ पानी से नहाना चाहिए। ज्यादा देर तक शरीर को गीला न रहने दें और पसीना ज्यादा आता हो तो दिन में एक से दो बार जरूर नहाएं। इसके अलावा गीले कपड़े पहनने से बचें। प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीकेबंसल ने बताया कि उल्टी दस्त केमरीज खानपान पर ज्यादा ध्यान दें। इस मौसम में खुले में रखे सामान और तली-भुनी चीजों को ज्यादा खाने से दिक्कत और बढ़ सकती है।
गंभीर रोगी न लगे लाइन में
शुक्रवार को मेडिकल अस्पताल में ओपीडी के बाहर हुई मरीज की मौत के बाद जिला अस्पताल प्रबंधन जागा है और अस्पातल की ओपीडी में पर्चे चस्पा कराए गए हैं, जिन पर लिखा है कि गंभीर रोगी लाइन में न लगें, वे तुरंत इमरजेंसी में डॉक्टर को दिखाएं। जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीकेबंसल ने बताया कि गंभीर मरीजों को पर्चा बनवाने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए पर्चा बनवाने के लिए उनकी लाइन अलग से बनवाई जा रही है।
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खास बात
जिला अस्पताल और मेडिकल में उल्टी-दस्त और एलर्जी के मरीजों की संख्.या बढ़ी
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अमर उजाला ब्यरो
मेरठ।
बारिश के बाद बढ़ी उमस से उल्टी, दस्त और त्वचा रोगों के मरीजों में बढ़ोतरी हो रही है। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में पहले जहां आमतौर पर चार से साढ़े चार हजार की ओपीडी हो रही थी, वहां सोमवार को ओपीडी पांच हजार के पार पहुंच गई। मरीजों की लंबी-लंबी लाइनें लगी रहीं।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी 3293 और जिला अस्पताल की 1825 रही। जिला अस्पताल में त्वचा रोगों की ओपीडी 150 रहती थी, जो बढ़कर 300 के पार पहुंच चुकी है। इनमें काफी तादाद में बच्चे और महिलाएं भी हैं। हाथ-पैर, कोहनी, पैर के पंजे और जांघ में होने वाले संक्रमण से ज्यादा परेशानी होती है। जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ जेपी सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से त्वचा रोग के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इनमें काफी मरीज फंगल इंफेक्शन (फफुंदीय त्वचा संक्रमण) के भी हैं। गंदगी और साफ-सफाई पर ध्यान न देने के कारण फंगल इंफेक्शन अधिक होता है। बारिश के मौसम में ज्यादा साफ-सफाई की जरूरत होती है। उन्होंने बताया कि बारिश के पानी में भीगने से बचना चाहिए। बारिश में भीग जाएं तो साफ पानी से नहाना चाहिए। ज्यादा देर तक शरीर को गीला न रहने दें और पसीना ज्यादा आता हो तो दिन में एक से दो बार जरूर नहाएं। इसके अलावा गीले कपड़े पहनने से बचें। प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीकेबंसल ने बताया कि उल्टी दस्त केमरीज खानपान पर ज्यादा ध्यान दें। इस मौसम में खुले में रखे सामान और तली-भुनी चीजों को ज्यादा खाने से दिक्कत और बढ़ सकती है।
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गंभीर रोगी न लगे लाइन में
शुक्रवार को मेडिकल अस्पताल में ओपीडी के बाहर हुई मरीज की मौत के बाद जिला अस्पताल प्रबंधन जागा है और अस्पातल की ओपीडी में पर्चे चस्पा कराए गए हैं, जिन पर लिखा है कि गंभीर रोगी लाइन में न लगें, वे तुरंत इमरजेंसी में डॉक्टर को दिखाएं। जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीकेबंसल ने बताया कि गंभीर मरीजों को पर्चा बनवाने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए पर्चा बनवाने के लिए उनकी लाइन अलग से बनवाई जा रही है।
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खास बात
जिला अस्पताल और मेडिकल में उल्टी-दस्त और एलर्जी के मरीजों की संख्.या बढ़ी