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सुभारती
Updated Tue, 17 Jul 2018 01:08 AM IST
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सफाई के प्रति जागरूक होना हर नागरिक की जिम्मेदारी- डा. राहुल बंसल
मेरठ। भोला गांव में चल रहे स्वच्छ भारत अभियान के मद्देनजर ‘स्वच्छता का महत्व’ विषय पर कला प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसके साथ स्वच्छ भारत सैनिक एवं सैनिका का चयन भी किया गया जो पूरे गांव में सफाई की व्यवस्था की निगरानी रखेंगे। साथ की लोगो को सफाई के प्रति जागरूक भी करेंगे।
सुभारती मेडिकल कॉलेज के कम्यूनिटी मेडिसन विभागाध्यक्ष डॉ. राहुल बंसल ने प्रतियोगिता के विजेता बच्चों सैनिक व सैनिका को प्रोत्साहित करके उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम सुभारती मेडिकल कॉलेज की ओर से डॉ. शिवम कामथान, डॉ. अंतरा सिंह के नेतृत्व में प्राथमिक विद्यालय में मधुबाला, सत्यवीर सिंह की उपस्थिति में हुआ।
डॉ. राहुल बंसल ने छात्र-छात्राओं एवं ग्रामीणों को स्वच्छता का महत्व बताते हुए कहा कि आमतौर पर घरों से निकलने वाले जैविक गीला और अजैविक सूखा होता है। कटे फल, सब्जियां बचा खाना, बचे पेच पदार्थ आदि गीला और प्लास्टिक, बोतलें, दूध के खाली पैकेट आदि अजैविक सूखे कूडे़ की श्रेणी में आते हैं। इसके लिए डस्टबिन का प्रयोग किया जाना चाहिए। हरे डस्टबिन में जैविक और नीले डस्टबिन में अजैविक कूडे़ को डालें तथा कूड़ा जलाना या इधर-उधर फेंकना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। डॉ. शिवम कामथान ने ग्रामीणों को कूड़ा निस्तारण करने की विधि बताने के साथ घरों में शौचालय निर्माण कराने के लिए प्रेरित किया। साथ ही भोला गांव में शौचालय बनाने के काम का शुभारंभ भी किया गया। पलक सूरी, पूजा शर्मा, अमीषा अग्रवाल, तरुण कुमार, अदिति अरोड़ा, सुभारती मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस 2015 बैच ने कार्यक्रम को संचालित किया।
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मेरठ। भोला गांव में चल रहे स्वच्छ भारत अभियान के मद्देनजर ‘स्वच्छता का महत्व’ विषय पर कला प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसके साथ स्वच्छ भारत सैनिक एवं सैनिका का चयन भी किया गया जो पूरे गांव में सफाई की व्यवस्था की निगरानी रखेंगे। साथ की लोगो को सफाई के प्रति जागरूक भी करेंगे।
सुभारती मेडिकल कॉलेज के कम्यूनिटी मेडिसन विभागाध्यक्ष डॉ. राहुल बंसल ने प्रतियोगिता के विजेता बच्चों सैनिक व सैनिका को प्रोत्साहित करके उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम सुभारती मेडिकल कॉलेज की ओर से डॉ. शिवम कामथान, डॉ. अंतरा सिंह के नेतृत्व में प्राथमिक विद्यालय में मधुबाला, सत्यवीर सिंह की उपस्थिति में हुआ।
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डॉ. राहुल बंसल ने छात्र-छात्राओं एवं ग्रामीणों को स्वच्छता का महत्व बताते हुए कहा कि आमतौर पर घरों से निकलने वाले जैविक गीला और अजैविक सूखा होता है। कटे फल, सब्जियां बचा खाना, बचे पेच पदार्थ आदि गीला और प्लास्टिक, बोतलें, दूध के खाली पैकेट आदि अजैविक सूखे कूडे़ की श्रेणी में आते हैं। इसके लिए डस्टबिन का प्रयोग किया जाना चाहिए। हरे डस्टबिन में जैविक और नीले डस्टबिन में अजैविक कूडे़ को डालें तथा कूड़ा जलाना या इधर-उधर फेंकना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। डॉ. शिवम कामथान ने ग्रामीणों को कूड़ा निस्तारण करने की विधि बताने के साथ घरों में शौचालय निर्माण कराने के लिए प्रेरित किया। साथ ही भोला गांव में शौचालय बनाने के काम का शुभारंभ भी किया गया। पलक सूरी, पूजा शर्मा, अमीषा अग्रवाल, तरुण कुमार, अदिति अरोड़ा, सुभारती मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस 2015 बैच ने कार्यक्रम को संचालित किया।
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