{"_id":"59baf1fc4f1c1b2b688b4a95","slug":"71505423868-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हेल्थ चेकअप कैंप में बच्चों ने खोली खराब मिड डे मील की पोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हेल्थ चेकअप कैंप में बच्चों ने खोली खराब मिड डे मील की पोल
Updated Fri, 15 Sep 2017 02:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हेल्थ चेकअप कैंप में बच्चों ने खोली खराब मिड डे मील की पोल
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। भूड़बराल स्थित जनता इंटर कॉलेज में हेल्थ चेकअप कैंप में स्कूली बच्चों ने खराब मिड डे मील की पोल खोल दी। इसी वजह से उन्होंने मिड डे मील नहीं खाने का भी दावा किया है।
परतापुर क्षेत्र के भूड़बराल स्थित जनता इंटर कॉलेज में बृहस्पतिवार दोपहर बाल कल्याण स्वास्थ्य सेवा के तहत भूडबराल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर आशुतोष ने अपनी टीम केसाथ हेल्थ चेकअप कैंप लगाया। इसमें स्कूल के छात्र-छात्राओं का वजन और आंखों का चेकअप आदि किया गया। पेट दर्द और बुखार से पीड़ित दर्जनों बच्चों को मुफ्त दवाइयां दी गईं।
चेकअप करने आए डॉ. ओंकार को स्कूल के बच्चों ने बताया कि मिड डे मील में पतली और बदबूदार सब्जी दी जाती है। चपाती कच्ची होती हैं, जिसे खाने से पेट दर्द की आशंका बनी रहती है। इस कारण उन्होंने मिड डे मील खाना ही बंद कर दिया है। इस संबंध में स्कूल के प्रधानाचार्य गजेंद्र वर्मा ने बताया कि मिड डे मील की कई बार शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई है। कोई कार्रवाई नहीं होने से मिड डे मील की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
खास बात
परतापुर क्षेत्र के भूड़बराल स्थित जनता इंटर कॉलेज में लगा था स्वास्थ्य कैंप
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। भूड़बराल स्थित जनता इंटर कॉलेज में हेल्थ चेकअप कैंप में स्कूली बच्चों ने खराब मिड डे मील की पोल खोल दी। इसी वजह से उन्होंने मिड डे मील नहीं खाने का भी दावा किया है।
परतापुर क्षेत्र के भूड़बराल स्थित जनता इंटर कॉलेज में बृहस्पतिवार दोपहर बाल कल्याण स्वास्थ्य सेवा के तहत भूडबराल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर आशुतोष ने अपनी टीम केसाथ हेल्थ चेकअप कैंप लगाया। इसमें स्कूल के छात्र-छात्राओं का वजन और आंखों का चेकअप आदि किया गया। पेट दर्द और बुखार से पीड़ित दर्जनों बच्चों को मुफ्त दवाइयां दी गईं।
विज्ञापन
चेकअप करने आए डॉ. ओंकार को स्कूल के बच्चों ने बताया कि मिड डे मील में पतली और बदबूदार सब्जी दी जाती है। चपाती कच्ची होती हैं, जिसे खाने से पेट दर्द की आशंका बनी रहती है। इस कारण उन्होंने मिड डे मील खाना ही बंद कर दिया है। इस संबंध में स्कूल के प्रधानाचार्य गजेंद्र वर्मा ने बताया कि मिड डे मील की कई बार शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई है। कोई कार्रवाई नहीं होने से मिड डे मील की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
खास बात
परतापुर क्षेत्र के भूड़बराल स्थित जनता इंटर कॉलेज में लगा था स्वास्थ्य कैंप