फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   70 thousand farmers of the district will be directly benefited

जिले के 70 हजार किसान सीधे तौर पर होंगे लाभान्वित

Tue, 23 Feb 2021 02:13 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 23 Feb 2021 02:13 AM IST
विज्ञापन
70 thousand farmers of the district will be directly benefited
जिले के 70 हजार किसान सीधे तौर पर होंगे लाभान्वित
विज्ञापन

मेरठ। समय पर कर्ज की किस्त जमा करने वाले किसानों के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। प्राथमिक सहकारी समिति के माध्यम से कर्ज लेने और भुगतान करने वाले किसानों के लिए बजट में 400 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इससे जिले के 70 हजार किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। किसानों को इसका लाभ देने में नाबार्ड भी सहयोग करेगा।
नाबार्ड के डीडीएम रवि शंकर शर्मा ने बताया कि जिले में ब्लॉक स्तर पर कृष्ण उत्पादक संगठन खोले जाएंगे। इसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपये दिए गए हैं। शर्मा ने बताया कि किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए दिशा निर्देशों का पालन करना होगा। 2018-19 के मुकाबले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 2020-21 में ज्यादा किसानों ने समय पर ऋण अदा किया है। इन किसानों को सस्ती दर बैंक और अन्य वित्तीय संस्थाओं द्वारा लोन मुहैया कराया जाएगा। बजट में किसानों को सोलर पंप भी देने की व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन

उर्वरक भंडारण के लिए बनेंगे 31 गोदाम
मेरठ। रासायनिक उर्वरकों के भंडारण के लिए बजट में 100 करोड़ दिए गए हैं। इससे मेरठ में 31 और बागपत में 17 गोदाम बनाए जाएंगे। जिला सहकारी बैंक से जुड़ी सहकारी समितियां अपने-अपने क्षेत्रों में निर्माण कार्य करेंगी। जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष मनिंदर पाल सिंह ने बताया कि योजना के अंतर्गत 100 और 250 मैट्रिक टन की क्षमता के गोदाम बनाए जाएंगे। सिंह ने बताया कि बैंक परंपरागत फसली ऋण के साथ किसानों को व्यक्तिगत ऋण, हाउसिंग ऋण, शिक्षा ऋण, लघु व्यवसायियों को ऋण, कृषि यंत्रीकरण ऋण, वाहन ऋण आदि का वितरण करेगा। कृषकों की आय दोगुनी करने के लिए पैक्स को मजबूत किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ब्यूरो
किसानों के सिर्फ वोट चाहिए
बजट किसानों के लिए निराशाजनक है। सरकार संवेदनहीन हो चुकी है। इसे किसानों और मजदूरों से सिर्फ वोट चाहिए। काम पूंजीपतियों के लिए किया जा रहा है।
- मनोज त्यागी, जिलाध्यक्ष, भाकियू
-----लीड-----
मेन
बजट में हवाई उड़ान और लाइट मेट्रो के वादे का जिक्र तक नहीं
सब हेड
दो दिन पहले ही नागरिक उड्डयन मंत्री ने की थी घोषणा
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। योगी सरकार ने अपने चुनावी बजट में मेरठ में चल रहे प्रोजेक्ट को गति देने का इरादा भले ही जता दिया है लेकिन हवाई उड़ान के लिए रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत कोई घोषणा नहीं की गई है। इससे साफ है कि शहरवासियों को मेरठ से हवाई यात्रा करने का अवसर हाल-फिलहाल नहीं मिलेगा। पिछले वर्ष भी हवाई पट्टी के विस्तार के लिए बजट में कोई आवंटन नहीं किया गया था।
दो दिन पहले प्रदेश के नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने परतापुर स्थित डॉ. आंबेडकर हवाई पट्टी से 19 सीटर हवाई उड़ान का दावा किया था। उन्होंने 31 मार्च तक संबंधित अधिकारियों से इसके लिए बावजूद इसके ढांचागत सुविधाओं के विकास के लिए धनराशि आवंटित नहीं की गई है। मेरठ से 19 सीटर विमानों की उड़ान के लिए टर्मिनल बिल्डिंग और फायर स्टेशन सहित कई व्यवस्थाएं की जानी हैं। इस पर करोड़ों रुपये खर्च होंगे। यही नहीं, मेरठ में गोकलपुर से कंकरखेड़ा तक लाइट मेट्रो के लिए कई बार जिक्र और डीपीआर मंगवाने के बावजूद बजट में इसके लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है।
हालांकि बजट में मेरठ से प्रयागराज तक प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस वे के लिए 7689 करोड़, मेरठ में खेल विश्वविद्यालय के लिए 20 करोड़ और दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर के लिए 1326 करोड़ रुपये देकर इन्हें तेजी से पूरा करने की ओर कदम बढ़ाया है। प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय बनने से मेरठ नई दिशा में कदम रखेगा।
खेल विश्वविद्यालय:
सरधना के सलावा और कैली में बनाए जाने वाले विश्वविद्यालय के लिए 92 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। इसके लिए लगभग 700 करोड़ का प्रस्ताव बनाया गया है। इसके निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को एजेंसी नियुक्त किया गया है।
रैपिड रेल कॉरिडोर:
देश के पहले रीजनल रैपिड रेल ट्रांजिट प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार 4472 करोड़ आवंटित किए थे। अब प्रदेश सरकार ने 1326 करोड़ का आवंटन किया है। सदर तहसील में भूमिगत टनल के लिए बिल्डिंग ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया गया है।
गंगा एक्सप्रेसवे:
देश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे के लिए 7689 करोड़ आवंटित किए हैं। प्रोजेक्ट का शिलान्यास जुलाई-2021 में किया जाना है। इससे पहले भूमि अधिग्रहण किया जाना है। एक्सप्रेसवे की शुरुआत में हापुड़ रोड स्थित बिजौली गांव से की जानी है।
--लीड के साथ----
----मेडिकल कॉलेज की फाइल फोटो----
मेडिकल कॉलेज में शुरू होगी डायबिटिक रेटिनोपैथी क्लीनिक
- बजट में दो करोड़ रुपये का प्रावधान,
- मधुमेह रोगियों की आंखों की रोशनी कम होने का होगा उपचार
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में डायबिटिक रेटिनोपैथी का इलाज शुरू करने तैयारी है। उपचार केंद्र खोलने के लिए करीब दो करोड़ रुपये का बजट मिलेगा। सोमवार को प्रदेश के बजट में इसकी घोषणा की गई है।
मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य और अब अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आरसी गुप्ता ने चिकित्सा शिक्षा और वित्त मंत्री सुरेश खन्ना से इसकी सिफारिश की थी। उनका प्रयास रंग लाया है। प्रस्तावित डायबिटिक रेटिनोपैथी क्लीनिक में शुगर के मरीजों की आंखे खराब होने से रोकने के लिए स्क्रीनिंग और इलाज दिया जाएगा। जांच के लिए हाइटेक मशीनें खरीदी जाएंगी। एक रेटिना विशेषज्ञ भी नियुक्त किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि बदलती जीवनशैली की वजह से बड़ी संख्या में शुगर के शिकार हो रहे मरीजों के लिए ये बड़ी सौगात होगी। उम्मीद है इस साल इसकी शुरुआत हो जाए। उन्होंने बताया कि करीब 15 प्रतिशत लोग शुगर की चपेट में हैं। 10-15 प्रतिशत लोग प्री-डायबिटिक स्थिति में हैं। शुगर की बीमारी के पांच साल बाद आंख की रेटिना पर असर आना शुरू होता है। मेडिकल में ऐसे करीब 250 से 300 मरीज हर माह आते हैं।
मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. लोकेश कुमार ने बताया कि बिगड़ती जीवनशैली से कम उम्र में भी लोग शुगर के मरीजों की स्क्रीनिंग कर इलाज किया जाना जरूरी है।
---
ये है डायबिटिक रेटिनोपैथी
डायबिटिक रेटिनोपैथी एक बीमारी है, जो ब्लड शुगर से पीड़ित व्यक्ति की रेटिना (आंख का पर्दा) को प्रभावित करती है। यह रेटिना को रक्त पहुंचाने वाली बेहद पतली नसों के क्षतिग्रस्त होने से होता है। समय पर इलाज न कराने से पूर्ण अंधापन भी हो सकता है।
-------
कई और स्वास्थ्य योजनाओं को मिलेगी रफ्तार
बजट में स्वास्थ्य सेवाओं पर फोकस किया गया है। इससे मुख्यमंत्री सक्षम सुपोषण योजना, आयुष्मान भारत योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना आदि रफ्तार पकड़ेंगे। इसके अलावा जिला अस्पताल में भी सुधार होगा। अस्पताल के उच्चीकरण के लिए भी बजट में व्यवस्था की गई है। कुपोषित बच्चों पर अमर उजाला ने अभियान के तहत ग्राउंड रिपोर्ट कर हकीकत बताई थी।
----स्मार्ट सिटी का लोगो या फाइल फोटो---
राज्य स्मार्ट सिटी योजना में आईटीएमएस पर होगा काम
मेरठ। बजट में राज्य स्मार्ट सिटी योजना में चयनित शहरों के लिए 175 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए हैं। मेरठ के लिए नगर निगम ने इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के लिए करीब 35 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पहले ही भेज रखा है। निगम अधिकारियों को बजट से करीब 25 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। बाकी राशि 25 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद मिलेगी।
बजट में अमृत योजना के तहत सीवर सिस्टम को मजबूत करने के लिए 2200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। निगम अधिकारियों ने इस बजट से मिलने वाली राशि से कमालपुर स्थित 72 एमएलडी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में प्रस्तावित 50 केएलडी फीकल सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण हो सकेगा। इस प्लांट में शहर के सेप्टिक टैंकों की सफाई के बाद निकलने वाला सीवेज ट्रीट किया जाएगा। इसके अलावा शहीदों की स्मृति में पार्क, प्रदर्शनी और सभागार आदि के लिए 15 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। इसके तहत शास्त्री नगर स्थित महाराणा प्रताप पार्क का जीर्णोद्धार हो सकेगा।
सहायक नगर आयुक्त प्रथम ब्रजपाल सिंह ने बताया कि बजट में प्रस्तावित राशि में से हिस्सा मिलने के बाद आईटीएमएस, फीकल एसटीपी और पार्क आदि का काम शुरू हो जाएगा।
-----
संस्कृत महाविद्यालय को जर्जर भवन से मुक्ति की आस
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। बजट में संस्कृत विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को निशुल्क छात्रावास एवं भोजन की सुविधा उपलब्ध कराने के फैसले से श्री विल्वेश्वर संस्कृत महाविद्यालय में पढ़ने वाले 276 छात्रों के साथ शिक्षकों को भी उम्मीद जगी है। विद्यालय में शिक्षकों के 11 पदों में से प्रधानचार्य को मिलाकर सात शिक्षक हैं।
श्री विल्वेश्वर संस्कृत महाविद्यालय शास्त्री और आचार्य की डिग्री के लिए संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी से संबद्ध है। प्रवेशिका यानी छठी कक्षा से उत्तर मध्यमा 12 वीं कक्षा तक के लिए विद्यालय उत्तर प्रदेश संस्कृत माध्यमिक शिक्षा परिषद लखनऊ से संबद्ध है। विद्यालय के चीफ प्रोक्टर डॉ. पंकज कुमार झा ने बताया कि बीते वर्ष भी सरकार ने संस्कृत विद्यालयों के लिए लगभग 422 करोड़ रुपये दिए थे लेकिन महाविद्यालय में विकास का कोई कार्य नहीं हुआ। छात्रावास में दस कमरे हैं लेकिन भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। बजट में प्रावधान के बाद उम्मीद जगी है। महाविद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य चिंतामणि जोशी ने बताया कि सरकार ने संस्कृत के प्रचार के लिए सराहनीय कदम उठाया है। भोजन और छात्रावास अगर व्यवस्थित होगा तो छात्र संख्या बढ़ेगी।

---कोट---
अगले दो महीने में शिक्षकों की होगी भर्ती
अगले दो माह में महाविद्यालयों में संस्कृत शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। अब संस्कृत पढ़ने वाले छात्र और छात्राएं सिविल सेवा में भी जा रहे हैं।
- आचार्य वाचस्पति, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान
----फाइल फोटो---
कान्हा उपवन गोशाला के विस्तार की उम्मीद
मेरठ। बेसहारा गौवंश के संरक्षण के लिए बजट में 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे शहर के परतापुर स्थित बराल गांव में पहले से ही संचालित कान्हा उपवन गोशाला का भी विस्तार हो सकेगा। नगर निगम अधिकारियों ने गोशाला में क्षमता से ज्यादा गौवंश होने के चलते इसके विस्तार के लिए करीब 2 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है। फिलहाल, गोशाला में 300 की क्षमता के मुकाबले 494 गोवंश रखे जा रहे हैं। सहायक नगर आयुक्त ब्रजपाल सिंह का कहना है कि बजट मिलते ही गोशाला का विस्तार कर दिया जाएगा। इसके बाद गोशाला की क्षमता 800 हो जाएगी। विस्तार के तहत शेड और चर का निर्माण किया जाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed